4 नवंबर 2026
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ईडी की दो राज्यों में बड़ी छापेमारी: ₹120 करोड़ का निवेश घोटाला और APPSC परीक्षा धांधली मामले में 17 ठिकानों पर तलाशी

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ईडी की दो राज्यों में बड़ी छापेमारी: ₹120 करोड़ का निवेश घोटाला और APPSC परीक्षा धांधली मामले में 17 ठिकानों पर तलाशी

सारांश

ईडी ने एक ही दिन दो राज्यों में दो बड़े मामलों में 17 ठिकानों पर तलाशी ली — एक ₹120 करोड़ का निवेश घोटाला, दूसरा आंध्र प्रदेश की प्रतिष्ठित APPSC ग्रुप-1 परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं में धांधली। दोनों मामले PMLA के तहत दर्ज हैं और जाँच जारी है।

मुख्य बातें

ईडी ने 4 नवंबर 2026 को दो अलग मामलों में 17 ठिकानों पर एक साथ तलाशी ली।
कल्पना फाइनेंशियल सर्विसेज पर आरोप — जनता से ₹120 करोड़ जुटाकर 3.5%–7% मासिक रिटर्न का झूठा वादा।
ओडिशा-पश्चिम बंगाल मामले में निदेशक अमित मंडल के खिलाफ PMLA मामला, EOW की FIR के आधार पर।
APPSC ग्रुप-1 उत्तर पुस्तिका मूल्यांकन में ₹1,14,32,312 के कथित अनियमित भुगतान की जाँच।
तत्कालीन APPSC सचिव पी.
सीतारामांजनेयुलु, IPS और कंपनी MD पी.
मधुसूदन राव के ठिकानों पर छापे।
दोनों मामलों में ईडी की जाँच जारी; आगे संपत्ति कुर्की की संभावना।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार, 4 नवंबर 2026 को दो अलग-अलग वित्तीय अपराध मामलों में एक साथ बड़ी कार्रवाई की। पहली छापेमारी ओडिशा और पश्चिम बंगाल में करीब ₹120 करोड़ के निवेश घोटाले से जुड़ी है, जबकि दूसरी तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में आंध्र प्रदेश लोक सेवा आयोग (APPSC) ग्रुप-1 मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में अनियमितताओं से संबंधित है। कुल मिलाकर 17 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया गया।

ओडिशा-पश्चिम बंगाल: निवेश घोटाले का मामला

ईडी भुवनेश्वर ने कल्पना फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशक अमित मंडल के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत ओडिशा और पश्चिम बंगाल में 10 ठिकानों पर एक साथ तलाशी ली। यह मामला आर्थिक अपराध शाखा (EOW) द्वारा दर्ज FIR के आधार पर दर्ज किया गया था।

आरोप है कि इस कंपनी ने आम निवेशकों को यह कहकर लुभाया कि उनकी राशि शेयर बाज़ार या ट्रेडिंग गतिविधियों में लगाई जाएगी और उन्हें प्रतिमाह 3.5% से 7% तक का निश्चित रिटर्न दिया जाएगा। इस तरह के वादों के ज़रिये कथित तौर पर जनता से ₹120 करोड़ से अधिक की राशि जुटाई गई। ईडी के अनुसार जाँच अभी जारी है।

गौरतलब है कि इस तरह की पोंज़ी-शैली की योजनाएँ पूर्वी भारत में बार-बार सामने आई हैं, जिनमें छोटे निवेशकों की जमापूँजी डूब जाती है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब केंद्रीय एजेंसियाँ वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में तेज़ी से संपत्ति जब्ती की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

APPSC परीक्षा धांधली: हैदराबाद से गुंटूर तक छापे

ईडी हैदराबाद ने APPSC ग्रुप-1 मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मैनुअल मूल्यांकन में गड़बड़ी के मामले में PMLA के तहत कुल 7 ठिकानों पर तलाशी ली। ये छापे हैदराबाद, सिकंदराबाद और आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले में एक साथ पड़े।

आरोप है कि मूल्यांकन कार्य एक निजी पार्टी — मेसर्स कैमसाइन मीडिया प्राइवेट लिमिटेड — को सौंपा गया और उसे ₹1,14,32,312 का भुगतान किया गया। इस राशि के लेन-देन में कथित अनियमितता की जाँच की जा रही है।

तलाशी जिन प्रमुख ठिकानों पर हुई उनमें तत्कालीन APPSC सचिव पी. सीतारामांजनेयुलु, IPS के आवास, कैमसाइन मीडिया के प्रबंध निदेशक पी. मधुसूदन राव के परिसर, मेसर्स आवासा रिजॉर्ट हाईलैंड, चीनाकाकानी गाँव, गुंटूर जिला — जहाँ उत्तर पुस्तिकाएँ रखी गई थीं और मूल्यांकन किया गया — तथा मेसर्स ट्रूग्रेडर सर्विसेज (जो मेसर्स स्टोन मीडिया एडवाइजरी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड का एक प्रभाग है) के प्रबंध निदेशक अकेला पेरि श्रीनिवास राव और मूल्यांकन कार्य से जुड़े महामकली रघुराम के परिसर शामिल हैं।

मामले का व्यापक संदर्भ

APPSC ग्रुप-1 परीक्षा आंध्र प्रदेश की सबसे प्रतिष्ठित सरकारी भर्ती परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन को किसी निजी फर्म को सौंपे जाने और उस प्रक्रिया में कथित वित्तीय अनियमितता ने परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए हैं। यह ऐसे समय में सामने आया है जब देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता की माँग तेज़ हो रही है।

आगे क्या होगा

ईडी ने दोनों मामलों में जाँच जारी रहने की पुष्टि की है। सूत्रों के अनुसार तलाशी के दौरान मिले दस्तावेज़ों और डिजिटल उपकरणों की जाँच की जा रही है। संभावित संपत्ति कुर्की और गिरफ्तारी जैसे अगले कदमों को लेकर अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन एजेंसी के रुझान को देखते हुए इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल भी उठाता है कि छापेमारी और वास्तविक दोषसिद्धि के बीच की खाई कितनी गहरी है। APPSC जैसी संस्था में अनियमितता सबसे ज़्यादा चिंताजनक है — प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता का सीधा संबंध लाखों युवाओं के भविष्य से है। ₹120 करोड़ के निवेश घोटाले में छोटे निवेशकों की धनराशि की वसूली कितनी होगी, यह देखना बाकी है — क्योंकि अतीत में बड़ी छापेमारी के बाद भी पीड़ितों को मुआवज़ा मिलना दुर्लभ रहा है।
RashtraPress
4 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईडी ने बुधवार को कहाँ-कहाँ छापेमारी की?
ईडी ने 4 नवंबर 2026 को कुल 17 ठिकानों पर छापे मारे — ओडिशा और पश्चिम बंगाल में 10 तथा हैदराबाद, सिकंदराबाद और गुंटूर (आंध्र प्रदेश) में 7। दोनों अभियान PMLA के तहत अलग-अलग मामलों में चलाए गए।
कल्पना फाइनेंशियल सर्विसेज पर क्या आरोप हैं?
कल्पना फाइनेंशियल सर्विसेज पर आरोप है कि उसने आम लोगों को शेयर बाज़ार में निवेश पर 3.5% से 7% तक मासिक रिटर्न का वादा कर करीब ₹120 करोड़ जुटाए। आर्थिक अपराध शाखा की FIR के आधार पर PMLA मामला दर्ज है और कंपनी के निदेशक अमित मंडल के ठिकानों पर तलाशी ली गई।
APPSC ग्रुप-1 परीक्षा मामले में क्या अनियमितता पाई गई है?
APPSC ग्रुप-1 मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मैनुअल मूल्यांकन एक निजी कंपनी — मेसर्स कैमसाइन मीडिया प्राइवेट लिमिटेड — को सौंपा गया, जिसे ₹1,14,32,312 का भुगतान किया गया। इस लेन-देन में कथित वित्तीय अनियमितता की जाँच ईडी PMLA के तहत कर रही है।
APPSC मामले में किन लोगों के ठिकानों पर छापे पड़े?
तलाशी में तत्कालीन APPSC सचिव पी. सीतारामांजनेयुलु, IPS; कैमसाइन मीडिया के MD पी. मधुसूदन राव; ट्रूग्रेडर सर्विसेज के MD अकेला पेरि श्रीनिवास राव; और मूल्यांकन कार्य से जुड़े महामकली रघुराम के परिसर शामिल हैं। गुंटूर जिले में आवासा रिजॉर्ट हाईलैंड — जहाँ उत्तर पुस्तिकाएँ रखी गई थीं — पर भी छापा पड़ा।
इन दोनों मामलों में आगे क्या कदम उठाए जा सकते हैं?
ईडी ने दोनों मामलों में जाँच जारी रहने की पुष्टि की है। तलाशी के दौरान मिले दस्तावेज़ और डिजिटल उपकरणों की जाँच की जा रही है। PMLA प्रावधानों के तहत संपत्ति कुर्की और आरोपियों की गिरफ्तारी संभावित अगले कदम हो सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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