ईडी की बड़ी छापेमारी: कोलकाता-ओडिशा में ₹1,109 करोड़ के बैंक धोखाधड़ी मामले में 9 ठिकानों पर तलाशी
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 को कोलकाता और ओडिशा में एक साथ नौ ठिकानों पर छापेमारी की, जो भुवनेश्वर की एक कंपनी से जुड़े ₹1,109 करोड़ के कथित बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले से संबंधित है। ईडी सूत्रों के अनुसार, यह अभियान मनी लॉन्ड्रिंग के स्रोत और नेटवर्क का पता लगाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।
छापेमारी का विस्तार और स्थान
ईडी जांचकर्ताओं ने कोलकाता के पोस्ता और बुर्राबाजार इलाकों में सोमवार सुबह से ही तलाशी अभियान शुरू किया। इसके साथ-साथ ओडिशा में भी कई स्थानों पर एक साथ छापे मारे गए। सूत्रों के मुताबिक, कुल नौ ठिकानों पर यह तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
गौरतलब है कि इससे पहले केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने भी इसी मामले में प्राप्त जानकारी के आधार पर पोस्ता और बुर्राबाजार क्षेत्रों में तलाशी ली थी। बाद में इस मामले की जांच ईडी ने अपने हाथ में ले ली।
आरोप: ₹1,109 करोड़ का गबन और मनी लॉन्ड्रिंग
ईडी सूत्रों के अनुसार, भुवनेश्वर की इस कंपनी ने बैंक से ₹1,109 करोड़ का ऋण प्राप्त किया था। आरोप है कि इस राशि का गबन किया गया और ओडिशा से कोलकाता तक विभिन्न माध्यमों से मनी लॉन्ड्रिंग की गई।
केंद्रीय जांच एजेंसी के अनुसार, कंपनी ने ऋण प्राप्त करने के लिए अपने स्टॉक की कीमत और व्यावसायिक बकाया राशि को कथित तौर पर बढ़ा-चढ़ाकर दर्शाया तथा वित्तीय विवरणों में हेरफेर की। आरोप है कि लोन की राशि को एक सुनियोजित षड्यंत्र के तहत अन्य स्थानों पर निवेश किया गया।
सीबीआई से ईडी: जांच का सफर
इस मामले की जांच शुरुआत में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शुरू की थी। बाद में धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत प्रवर्तन निदेशालय ने जांच अपने हाथ में ली। यह ऐसे समय में आया है जब ईडी पहले से ही कोलकाता और उसके आसपास कई मामलों में सक्रिय है।
यह ऐसी दूसरी बड़ी कार्रवाई है जो हाल ही में कोलकाता में ईडी ने की है। कुछ दिन पहले एजेंसी ने दुर्गा पूजा के 'प्रीव्यू पास' की बिक्री में कथित वित्तीय गड़बड़ी के आरोपों के चलते कोलकाता और आसपास के इलाकों में 15 स्थानों पर तलाशी ली थी।
दुर्गा पूजा पास मामले से जुड़ी पृष्ठभूमि
पिछले छापों में राज्य के पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन और उनकी पत्नी से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया था। उनके आवास और बगीचे के अलावा, ईडी ने उनके रिश्तेदारों और करीबी सहयोगियों के घरों पर भी छापे मारे थे। वर्तमान बैंक धोखाधड़ी मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी की सूचना नहीं है।
आगे क्या होगा
ईडी सूत्रों के अनुसार, तलाशी अभियान के दौरान जो भी दस्तावेज़ और डिजिटल सबूत मिलेंगे, उनके आधार पर जांच आगे बढ़ाई जाएगी। मनी लॉन्ड्रिंग के नेटवर्क का पूरा खुलासा होने के बाद संभावित गिरफ्तारियाँ और संपत्ति कुर्की की कार्रवाई हो सकती है। यह मामला यह भी रेखांकित करता है कि ओडिशा और पश्चिम बंगाल के बीच वित्तीय लेनदेन की जांच केंद्रीय एजेंसियों के निशाने पर है।