16 अक्टूबर 2026
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ईडी का शेयर घोटाले पर प्रहार: 6 शहरों में 29 ठिकानों पर छापे, 1 लाख निवेशक प्रभावित

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ईडी का शेयर घोटाले पर प्रहार: 6 शहरों में 29 ठिकानों पर छापे, 1 लाख निवेशक प्रभावित

सारांश

व्हाट्सएप पर 'मल्टीबैगर टिप्स' का झाँसा देकर 1 लाख से ज़्यादा छोटे निवेशकों को फँसाया गया, फिर शेयर 70% गिरा दिए गए। ईडी ने अब 6 शहरों में 29 ठिकानों पर छापेमारी कर इस पूरे तंत्र का पर्दाफाश किया है।

मुख्य बातें

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 16 अक्टूबर 2026 को PMLA के तहत 6 शहरों में 29 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की।
जाँच के केंद्र में आरएम ड्रिप एंड स्प्रिंकलर्स सिस्टम्स लिमिटेड और आर एंड बी डेनिम्स लिमिटेड हैं।
अप्रैल 2023 से मार्च 2024 के बीच ₹3.5 करोड़ से अधिक के शेयर व कन्वर्टिबल वारंट चुनिंदा लोगों को जारी किए गए।
'मल्टीबैगर स्टॉक' नाम के व्हाट्सएप ग्रुप के ज़रिए खरीदारों की संख्या 3,400 से बढ़कर 1 लाख से अधिक हुई।
25 फरवरी 2026 को ग्रुप डिलीट होने के बाद शेयर 70 प्रतिशत गिरे, 1 लाख से ज़्यादा छोटे निवेशक फँसे।
छापेमारी में डिजिटल डिवाइस, शेयर ट्रांज़ैक्शन रिकॉर्ड और संपत्ति के दस्तावेज़ ज़ब्त किए गए।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मुंबई जोनल ऑफिस ने 16 अक्टूबर 2026 को शेयर बाज़ार में हेराफेरी के एक बड़े मामले में छह शहरों में 29 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत चलाए गए इस सर्च ऑपरेशन में मुंबई, नासिक, अहमदाबाद, गांधीनगर, सूरत और भावनगर को निशाना बनाया गया। जाँच के दायरे में लिस्टेड कंपनियाँ आरएम ड्रिप एंड स्प्रिंकलर्स सिस्टम्स लिमिटेड और आर एंड बी डेनिम्स लिमिटेड हैं।

मामले की पृष्ठभूमि

ईडी की जाँच के अनुसार, अप्रैल 2023 से मार्च 2024 के बीच दोनों कंपनियों ने 3.5 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य के शेयर और कन्वर्टिबल वारंट चुनिंदा लोगों को जारी किए। इन शेयरों की खरीद के लिए धन भी उसी सर्कल के आपस में जुड़े व्यक्तियों, फर्मों और साहूकारों से आया। इसके बाद महीनों तक शेयरों की कीमत कृत्रिम रूप से धीरे-धीरे बढ़ाई गई, जबकि ये शेयर अधिकांशतः उन्हीं हाथों में बने रहे — जो एक क्लासिक 'पंप एंड डंप' रणनीति की ओर इशारा करता है।

व्हाट्सएप ग्रुप से फैला जाल

दिसंबर 2025 के अंत से फरवरी 2026 तक 'मल्टीबैगर स्टॉक' जैसे भ्रामक नामों वाले व्हाट्सएप ग्रुप के ज़रिए रोज़ाना इन शेयरों को खरीदने की तथाकथित 'टिप्स' प्रसारित की गईं। जाँच में पता चला कि ये ग्रुप हरियाणा और मुंबई के नाम पर लिए गए सिम कार्ड से संचालित होते दिखते थे, लेकिन वास्तव में इन्हें भावनगर, गुजरात से ऑपरेट किया जा रहा था। इन टिप्स के प्रभाव में दोनों शेयरों में खरीदारों की संख्या करीब 3,400 से बढ़कर 1 लाख से अधिक हो गई।

25 फरवरी को अचानक पलटा खेल

25 फरवरी 2026 को अचानक सभी व्हाट्सएप ग्रुप डिलीट कर दिए गए। इसके साथ ही दोनों कंपनियों के शेयर लोअर सर्किट पर आ गए और कुछ ही दिनों में इनकी कीमत करीब 70 प्रतिशत गिर गई। इस कारण 1 लाख से अधिक छोटे और खुदरा निवेशक भारी नुकसान में फँस गए — उनके शेयर बिक भी नहीं सके, क्योंकि खरीदार ही नहीं थे।

छापेमारी में क्या मिला

ईडी ने दोनों कंपनियों के कार्यालयों, प्रमोटर्स के आवासों, कम दाम पर शेयर पाने वाले व्यक्तियों के ठिकानों, स्टॉक ब्रोकिंग व फाइनेंस फर्मों के दफ्तरों और व्हाट्सएप ग्रुप संचालित करने वालों के परिसरों पर छापे मारे। इस दौरान आपत्तिजनक दस्तावेज़, डिजिटल डिवाइस, शेयर ट्रांज़ैक्शन के रिकॉर्ड और संपत्ति के कागजात ज़ब्त किए गए हैं।

आगे क्या होगा

यह मामला देश में बढ़ती 'पंप एंड डंप' प्रवृत्ति की एक कड़ी के रूप में देखा जा रहा है, जहाँ छोटे निवेशकों को सोशल मीडिया व मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के ज़रिए निशाना बनाया जाता है। ईडी की आगे की जाँच और संभावित गिरफ्तारियों पर निवेशकों और बाज़ार नियामकों की नज़र है।

संपादकीय दृष्टिकोण

हरियाणा-मुंबई के सिम से रजिस्टर्ड' — इस भौगोलिक छद्म की परत यह दर्शाती है कि अपराधियों ने पहले से जाँच से बचने की व्यूहरचना की थी। सेबी (SEBI) और बाज़ार नियामकों के लिए असली सवाल यह है कि महीनों तक चले इस ऑपरेशन को 1 लाख निवेशकों के नुकसान से पहले क्यों नहीं पकड़ा जा सका।
RashtraPress
16 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईडी ने शेयर घोटाले में किन शहरों में छापेमारी की?
ईडी ने मुंबई, नासिक, अहमदाबाद, गांधीनगर, सूरत और भावनगर — कुल 6 शहरों में 29 ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया। यह कार्रवाई PMLA, 2002 के तहत मुंबई जोनल ऑफिस द्वारा 16 अक्टूबर 2026 को की गई।
इस शेयर घोटाले में कौन-सी कंपनियाँ शामिल हैं?
जाँच के दायरे में लिस्टेड कंपनियाँ आरएम ड्रिप एंड स्प्रिंकलर्स सिस्टम्स लिमिटेड और आर एंड बी डेनिम्स लिमिटेड हैं। अप्रैल 2023 से मार्च 2024 के बीच इन दोनों कंपनियों ने ₹3.5 करोड़ से अधिक के शेयर और कन्वर्टिबल वारंट चुनिंदा लोगों को जारी किए थे।
व्हाट्सएप ग्रुप के ज़रिए निवेशकों को कैसे फँसाया गया?
'मल्टीबैगर स्टॉक' जैसे नामों वाले व्हाट्सएप ग्रुप में दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 तक रोज़ाना इन शेयरों को खरीदने की टिप्स भेजी गईं। इन ग्रुप्स को हरियाणा और मुंबई के सिम कार्ड से रजिस्टर किया गया था, लेकिन वास्तव में भावनगर, गुजरात से संचालित किया जा रहा था।
इस घोटाले से कितने निवेशकों को नुकसान हुआ?
1 लाख से अधिक छोटे और खुदरा निवेशक इस घोटाले की चपेट में आए। 25 फरवरी 2026 को व्हाट्सएप ग्रुप डिलीट होने के बाद दोनों शेयर लोअर सर्किट पर आ गए और कुछ ही दिनों में करीब 70 प्रतिशत गिर गए, जिससे निवेशकों के शेयर बिक भी नहीं पाए।
ईडी की छापेमारी में क्या बरामद किया गया?
छापेमारी के दौरान आपत्तिजनक दस्तावेज़, डिजिटल डिवाइस, शेयर ट्रांज़ैक्शन के रिकॉर्ड और संपत्ति के कागजात ज़ब्त किए गए हैं। इनके आधार पर ईडी आगे की जाँच और संभावित गिरफ्तारियों की दिशा में कदम उठा सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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