19 अक्टूबर 2026
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व्हाट्सऐप 'पंप-एंड-डंप' शेयर घोटाले में ईडी की कार्रवाई, छह शहरों में 29 ठिकानों पर छापे; ₹200 करोड़ के खाते फ्रीज

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व्हाट्सऐप 'पंप-एंड-डंप' शेयर घोटाले में ईडी की कार्रवाई, छह शहरों में 29 ठिकानों पर छापे; ₹200 करोड़ के खाते फ्रीज

सारांश

व्हाट्सऐप ग्रुप्स के जरिए खुदरा निवेशकों को फँसाने का यह कथित घोटाला डिजिटल युग की नई चुनौती है। ईडी ने छह शहरों में एकसाथ 29 ठिकानों पर छापे मारकर ₹200 करोड़ के खाते फ्रीज किए — यह कार्रवाई बताती है कि सोशल मीडिया अब मनी लॉन्ड्रिंग का नया मैदान बन चुका है।

मुख्य बातें

ईडी ने 19 अक्टूबर 2026 को महाराष्ट्र और गुजरात के छह शहरों में 29 ठिकानों पर पीएमएलए के तहत छापेमारी की।
जांच का केंद्र सूचीबद्ध कंपनियाँ आरएमडीएसएसएल और आर एंड बी डेनिम्स लिमिटेड के शेयरों में कथित हेरफेर है।
अप्रैल 2023 से मार्च 2024 के बीच चुनिंदा लोगों को 3.5 करोड़ से अधिक शेयर और वारंट जारी किए गए।
'मल्टीबैगर स्टॉक्स' नामक व्हाट्सऐप ग्रुप्स के जरिए दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 तक खुदरा निवेशकों को रोजाना खरीदारी की सलाह दी गई।
संचालन का केंद्र कथित तौर पर भावनगर ; फर्जी सिम कार्ड से ग्रुप संचालित।
जांच में आए व्यक्तियों और संस्थाओं के लगभग ₹200 करोड़ मूल्य के ट्रेडिंग खाते फ्रीज।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 19 अक्टूबर 2026 को व्हाट्सऐप के जरिए कथित तौर पर संचालित 'पंप-एंड-डंप' शेयर घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में महाराष्ट्र और गुजरात के छह शहरों में 29 ठिकानों पर एकसाथ छापेमारी की। जांच के दायरे में आए व्यक्तियों और उनसे जुड़ी संस्थाओं के लगभग ₹200 करोड़ मूल्य के ट्रेडिंग खाते फ्रीज कर दिए गए हैं।

कहाँ-कहाँ हुई छापेमारी

यह कार्रवाई ईडी के मुंबई जोनल कार्यालय-1 ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत की। छापे मुंबई और नासिक (महाराष्ट्र) तथा अहमदाबाद, गांधीनगर, सूरत और भावनगर (गुजरात) में पड़े। तलाशी ली गई परिसरों में दोनों संबद्ध कंपनियों के दफ्तर, उनके प्रमोटरों के आवास, कम कीमत पर शेयर पाने वाले लोगों के ठिकाने, स्टॉक ब्रोकिंग और फाइनेंस कंपनियों के कार्यालय, तथा व्हाट्सऐप प्रचार समूह चलाने के संदेह वाले व्यक्तियों से जुड़े परिसर शामिल हैं।

घोटाले का तरीका और संबद्ध कंपनियाँ

जांच का केंद्र सूचीबद्ध कंपनियों आर एम ड्रिप एंड स्प्रिंकलर्स सिस्टम्स लिमिटेड (आरएमडीएसएसएल) और आर एंड बी डेनिम्स लिमिटेड के शेयरों में कथित हेरफेर है। ईडी के अनुसार, अप्रैल 2023 से मार्च 2024 के बीच इन दोनों कंपनियों ने चुनिंदा व्यक्तियों और संस्थाओं को 3.5 करोड़ से अधिक शेयर और परिवर्तनीय वारंट जारी किए थे।

एजेंसी का आरोप है कि इन शेयरों की खरीद के लिए इस्तेमाल की गई बड़ी रकम कुछ आपस में जुड़े व्यक्तियों, कंपनियों और उधारदाताओं के एक छोटे समूह से आई थी। बाद में शेयरों की कीमतें कथित तौर पर कृत्रिम रूप से बढ़ाई गईं, जबकि बड़ी संख्या में शेयर पहले से ही उन्हीं लोगों के पास बने रहे।

व्हाट्सऐप ग्रुप्स का इस्तेमाल और खुदरा निवेशकों को नुकसान

जांच के अनुसार, दिसंबर 2025 के अंत से फरवरी 2026 के बीच 'मल्टीबैगर स्टॉक्स' जैसे नामों वाले व्हाट्सऐप ग्रुप्स के जरिए रोजाना खुदरा निवेशकों को इन शेयरों को खरीदने की सलाह दी जाती थी। ईडी ने कहा कि ये व्हाट्सऐप समूह हरियाणा और मुंबई के अन्य लोगों के नाम पर लिए गए सिम कार्ड का उपयोग कर चलाए जा रहे थे, जबकि इनके संचालन का केंद्र कथित तौर पर भावनगर था।

गौरतलब है कि इस प्रचार अभियान के कारण खरीदारों की संख्या, ट्रेडिंग वॉल्यूम और शेयरों की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी हुई। इसके बाद प्राथमिक आवंटन पाने वाले लोगों ने बढ़ती मांग का फायदा उठाकर अपने शेयर बड़ी संख्या में आम निवेशकों को बेच दिए — यही 'पंप-एंड-डंप' रणनीति का मूल है। प्रचार के लिए व्हाट्सऐप के अलावा एक्स (पूर्व में ट्विटर), एसएमएस और अन्य माध्यमों का भी उपयोग किया गया।

चिह्नित लाभार्थी और जब्त सामग्री

तलाशी के दौरान ईडी ने कई आपस में जुड़े पारिवारिक लाभार्थियों की पहचान की, जिनमें एफ्लुएंस जेम्स, कावा एचयूएफ और कोमाले कंसल्टेंसी से जुड़ी संस्थाएं शामिल हैं। एजेंसी के अनुसार, इन लाभार्थियों ने कम कीमत पर प्राथमिक वारंट के जरिए शेयर हासिल किए थे।

छापेमारी में दस्तावेज, डिजिटल उपकरण, शेयर लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड और संपत्तियों से संबंधित कागजात जब्त किए गए हैं। फिलहाल मामले की आगे की जांच जारी है और आने वाले दिनों में गिरफ्तारियाँ या संपत्ति कुर्की की कार्रवाई भी संभव है।

संपादकीय दृष्टिकोण

खासकर व्हाट्सऐप, संगठित वित्तीय अपराध का माध्यम बन रहे हैं। चिंताजनक पहलू यह है कि फर्जी सिम कार्ड और छद्म पहचान के जरिए संचालित ग्रुप्स को नियामक एजेंसियाँ तब तक नहीं पकड़ पातीं जब तक नुकसान हो नहीं जाता। सेबी (SEBI) और ईडी की यह समन्वित जांच जरूरी है, लेकिन असली सवाल यह है कि ₹200 करोड़ के खाते फ्रीज होने के बाद भी खुदरा निवेशकों को नुकसान की भरपाई का कोई तंत्र है या नहीं — जो अभी तक स्पष्ट नहीं है।
RashtraPress
19 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

व्हाट्सऐप 'पंप-एंड-डंप' शेयर घोटाला क्या है?
यह एक कथित शेयर बाज़ार घोटाला है जिसमें व्हाट्सऐप ग्रुप्स के जरिए खुदरा निवेशकों को विशेष शेयर खरीदने की सलाह दी जाती थी ताकि कीमतें कृत्रिम रूप से बढ़ाई जा सकें। इसके बाद मूल आवंटनधारक उन शेयरों को ऊँचे दाम पर बेचकर मुनाफा कमा लेते थे और आम निवेशकों को नुकसान होता था।
ईडी ने किन शहरों में छापेमारी की?
ईडी ने महाराष्ट्र के मुंबई और नासिक तथा गुजरात के अहमदाबाद, गांधीनगर, सूरत और भावनगर — कुल छह शहरों में 29 ठिकानों पर छापे मारे। कथित घोटाले का संचालन केंद्र भावनगर बताया जा रहा है।
इस मामले में कौन-सी कंपनियाँ जांच के दायरे में हैं?
जांच के केंद्र में सूचीबद्ध कंपनियाँ आर एम ड्रिप एंड स्प्रिंकलर्स सिस्टम्स लिमिटेड (आरएमडीएसएसएल) और आर एंड बी डेनिम्स लिमिटेड हैं। इन कंपनियों ने अप्रैल 2023 से मार्च 2024 के बीच चुनिंदा लोगों को 3.5 करोड़ से अधिक शेयर और परिवर्तनीय वारंट जारी किए थे।
ईडी की छापेमारी में अब तक क्या मिला?
छापेमारी में दस्तावेज, डिजिटल उपकरण, शेयर लेनदेन के रिकॉर्ड और संपत्ति से जुड़े कागजात जब्त किए गए हैं। इसके अलावा जांच के दायरे में आए व्यक्तियों और संस्थाओं के लगभग ₹200 करोड़ मूल्य के ट्रेडिंग खाते फ्रीज किए गए हैं।
खुदरा निवेशक इस तरह के घोटालों से कैसे बचें?
सेबी (SEBI) के दिशानिर्देशों के अनुसार, व्हाट्सऐप, टेलीग्राम या एसएमएस के जरिए मिलने वाली अनजान स्टॉक टिप्स पर भरोसा नहीं करना चाहिए। निवेश से पहले कंपनी की सेबी फाइलिंग, वित्तीय परिणाम और SEBI-पंजीकृत सलाहकार की राय जरूर लेनी चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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