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पैरीमैच सट्टेबाजी जांच: ईडी ने चार राज्यों में 12 ठिकानों पर छापे मारे, ₹112 करोड़ की संपत्ति जब्त

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पैरीमैच सट्टेबाजी जांच: ईडी ने चार राज्यों में 12 ठिकानों पर छापे मारे, ₹112 करोड़ की संपत्ति जब्त

सारांश

पैरीमैच सट्टेबाजी मामले में ईडी ने चार राज्यों के 12 ठिकानों पर छापे मारे — यह मई की 17-स्थान कार्रवाई के बाद दूसरा बड़ा अभियान है। ₹1.56 करोड़ जब्त, ₹3.8 करोड़ फ्रीज। कुल जब्ती ₹112 करोड़ पहुंची। सीए और कंपनी सेक्रेटरी भी जांच के घेरे में।

मुख्य बातें

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 2 सितंबर को पैरीमैच मामले में चार राज्यों के 12 ठिकानों पर तलाशी ली।
छापेमारी महाराष्ट्र (5), दिल्ली-एनसीआर (4), राजस्थान (2) और गुजरात (1) में हुई।
₹1.56 करोड़ की चल संपत्ति (जिसमें ₹1.2 करोड़ नकद) जब्त; बैंक खातों में ₹3.8 करोड़ फ्रीज।
इस मामले में अब तक कुल ₹112 करोड़ की संपत्ति जब्त हो चुकी है।
पैरीमैच ने कथित तौर पर एक वर्ष में ₹3,000 करोड़ से अधिक की कमाई की।
यह मई 2026 में 17 स्थानों पर हुई छापेमारी के बाद इसी मामले में दूसरा बड़ा अभियान है।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार, 2 सितंबर को अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म पैरीमैच से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में चार राज्यों के 12 ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत की गई और इसमें ₹1.56 करोड़ की चल संपत्ति जब्त की गई तथा विभिन्न बैंक खातों में जमा ₹3.8 करोड़ फ्रीज किए गए।

छापेमारी का दायरा और स्थान

ईडी की यह तलाशी महाराष्ट्र (5 स्थान), दिल्ली-एनसीआर (4 स्थान), राजस्थान (2 स्थान) और गुजरात (1 स्थान) में की गई। तलाशी में लिए गए परिसर उन भुगतान कंपनियों से जुड़े थे, जिन पर कथित तौर पर कैश मैनेजमेंट सिस्टम (सीएमएस) एजेंटों के माध्यम से सट्टेबाजी की रकम को नकद में बदलने का आरोप है।

गौरतलब है कि यह ताज़ा अभियान इसी वर्ष मई में ईडी के मुंबई क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली, गुजरात, दमन और उत्तर प्रदेश में 17 ठिकानों पर की गई छापेमारी के कुछ महीनों बाद आया है।

चार्टर्ड अकाउंटेंट और कंपनी सेक्रेटरी भी जांच के घेरे में

तलाशी अभियान में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (सीए) और कंपनी सेक्रेटरी के परिसर भी शामिल रहे, जिन्होंने कथित तौर पर अवैध धन प्रेषण और फर्जी विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (ओडीआई) लेनदेन के जरिए देश से बाहर रकम भेजने में सहायता की। जांच के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस भी बरामद किए गए।

पैरीमैच का कथित संचालन तंत्र

जांच में सामने आया कि पैरीमैच और उसके सहयोगी कथित तौर पर 'म्यूल अकाउंट्स', भुगतान मध्यस्थों और वित्तीय समावेशन चैनलों के एक जटिल नेटवर्क के जरिए यूजर्स का धन एकत्र कर उसे कई स्तरों पर स्थानांतरित करते थे। जांच टीम के अनुसार, प्लेटफॉर्म ने अधिक रिटर्न का वादा कर निवेशकों को लुभाया और एक वर्ष में ₹3,000 करोड़ से अधिक की कमाई की।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत में अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई लगातार तेज हो रही है। पैरीमैच ने नए यूजर्स को जोड़ने के लिए कथित तौर पर प्रमुख क्विक-कॉमर्स एप्लिकेशन के जरिए विज्ञापन दिए और ग्रोसरी डिलीवरी के साथ प्रमोशनल सामग्री भी बांटी।

जांच का आधार और अब तक की जब्ती

ईडी ने यह जांच मुंबई साइबर थाने में पैरीमैच.कॉम के खिलाफ ऑनलाइन सट्टेबाजी के जरिए यूजर्स को कथित तौर पर धोखा देने के आरोप में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। एजेंसी ने बताया कि इस मामले में अब तक कुल ₹112 करोड़ की संपत्ति जब्त की जा चुकी है। आगे की जांच जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि संगठित मनी लॉन्ड्रिंग के केंद्र के रूप में देखे जा रहे हैं। चिंताजनक पहलू यह है कि ऐप ने क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए विज्ञापन देकर आम उपभोक्ताओं तक पहुंच बनाई — जो नियामकीय निगरानी की एक बड़ी खामी उजागर करता है। सीए और कंपनी सेक्रेटरी का इसमें कथित संलिप्तता पेशेवर जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करती है। ₹112 करोड़ की जब्ती प्रभावशाली लगती है, लेकिन यदि प्लेटफॉर्म ने सालाना ₹3,000 करोड़ कमाए, तो यह राशि उस अनुमानित नुकसान का एक छोटा हिस्सा मात्र है।
RashtraPress
2 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पैरीमैच सट्टेबाजी मामले में ईडी की ताज़ा छापेमारी कहाँ-कहाँ हुई?
ईडी ने 2 सितंबर को महाराष्ट्र (5 स्थान), दिल्ली-एनसीआर (4 स्थान), राजस्थान (2 स्थान) और गुजरात (1 स्थान) — कुल 12 ठिकानों पर तलाशी ली। ये परिसर उन भुगतान कंपनियों और वित्तीय मध्यस्थों से जुड़े थे जो कथित तौर पर सट्टेबाजी की रकम को नकद में बदलने में सहायक थे।
ईडी ने पैरीमैच मामले में अब तक कितनी संपत्ति जब्त की है?
ईडी ने इस मामले में अब तक कुल ₹112 करोड़ की संपत्ति जब्त की है। ताज़ा छापेमारी में ₹1.56 करोड़ की चल संपत्ति (जिसमें ₹1.2 करोड़ नकद) जब्त की गई और बैंक खातों में ₹3.8 करोड़ फ्रीज किए गए।
पैरीमैच ऐप के खिलाफ जांच कब और क्यों शुरू हुई?
ईडी ने यह जांच मुंबई साइबर थाने में पैरीमैच.कॉम के खिलाफ दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की, जिसमें ऑनलाइन सट्टेबाजी के जरिए यूजर्स को कथित तौर पर धोखा देने का आरोप था। जांच के अनुसार, प्लेटफॉर्म ने अधिक रिटर्न का वादा कर एक वर्ष में ₹3,000 करोड़ से अधिक की कमाई की।
पैरीमैच मामले में चार्टर्ड अकाउंटेंट की क्या भूमिका बताई गई है?
जांच के अनुसार, कुछ चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) और कंपनी सेक्रेटरी ने कथित तौर पर अवैध धन प्रेषण और फर्जी ओडीआई लेनदेन के जरिए देश से बाहर रकम भेजने में मदद की। इन्हीं के परिसरों पर भी ताज़ा तलाशी अभियान में छापे मारे गए।
पैरीमैच ने यूजर्स को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए क्या तरीके अपनाए?
जांच टीम के अनुसार, पैरीमैच ने नए यूजर्स को जोड़ने के लिए प्रमुख क्विक-कॉमर्स एप्लिकेशन के जरिए विज्ञापन दिए और ग्रोसरी डिलीवरी के साथ प्रमोशनल सामग्री बांटी। ये विज्ञापन ऐप के इस्तेमाल और ऑर्डर प्लेसमेंट के दौरान रणनीतिक रूप से दिखाए जाते थे।
राष्ट्र प्रेस
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