महादेव ऑनलाइन बुक केस में ईडी की बड़ी कार्रवाई? 21.45 करोड़ रुपए की संपत्ति अटैच

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महादेव ऑनलाइन बुक केस में ईडी की बड़ी कार्रवाई? 21.45 करोड़ रुपए की संपत्ति अटैच

सारांश

महादेव ऑनलाइन बुक मामले में ईडी ने की बड़ी कार्रवाई, जब्त की गई संपत्तियां 21.45 करोड़ रुपए की हैं। जांच में अवैध सट्टेबाजी से कमाई गई रकम को छिपाने का प्रयास किया गया। जानें इस मामले के सभी महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में।

Key Takeaways

  • महादेव ऑनलाइन बुक का अवैध सट्टेबाजी का मामला
  • ईडी ने 21.45 करोड़ रुपए की संपत्तियां अटैच की
  • मुख्य प्रमोटर रवि उप्पल फरार
  • जांच में 175 स्थानों पर छापेमारी
  • 13 लोग गिरफ्तार

नई दिल्ली, 13 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने महादेव ऑनलाइन बुक (एमओबी) के अवैध सट्टेबाजी मामले में एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। ईडी के रायपुर जोनल ऑफिस ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के अंतर्गत 10 जनवरी को अंतरिम कुर्की का आदेश जारी किया, जिसमें लगभग 21.45 करोड़ रुपए की चल और अचल संपत्तियां जब्त की गई हैं। यह कार्रवाई मामले की चल रही जांच का एक हिस्सा है, जिसमें अवैध सट्टेबाजी से अर्जित धन को छिपाने और वैध दिखाने का प्रयास किया गया था。

अटैच की गई संपत्तियों में लगभग 98.55 लाख रुपए की चल संपत्तियां शामिल हैं, साथ ही भारत और दुबई में स्थित 27 अचल संपत्तियां भी जब्त की गई हैं। इन अचल संपत्तियों में आवासीय मकान, व्यावसायिक दुकानें, कृषि भूमि और लग्जरी अपार्टमेंट शामिल हैं, जिनका कुल मूल्य लगभग 20.46 करोड़ रुपए है। ये संपत्तियां विभिन्न आरोपियों से जुड़ी हुई हैं, जो महादेव ऐप के संचालन में शामिल थे।

मुख्य प्रमोटर रवि उप्पल फरार हैं, जिनके नाम पर दुबई में एट्रिया रा इलाके में लगभग 6.75 करोड़ रुपए की एक विदेशी संपत्ति अटैच की गई है। रजत कुमार सिंह, जो सौरभ चंद्राकर के करीबी सहयोगी हैं, ने कई पैनल चलाए और 15-20 करोड़ रुपए की अवैध कमाई की। उनके नाम पर भिलाई और दुबई की संपत्तियां जब्त हुई हैं।

सौरभ आहूजा और विशाल रमानी ने लगभग 100 पैनल चलाए और लगभग 30 करोड़ रुपए की कमाई की। दुर्ग और भिलाई में उनकी संपत्तियां अटैच की गई हैं। विनय कुमार और हनी सिंह ने छह पैनल चलाए और ऐप के फर्जी प्रचार में भाग लिया। दोनों ने मिलकर अनुमानित 7 करोड़ रुपए (प्रत्येक 3.5 करोड़) कमाए। उनके नाम पर जयपुर और नई दिल्ली में मकान के अलावा महिंद्रा थार और टोयोटा फॉर्च्यूनर जैसे कई लग्जरी वाहन जब्त किए गए हैं।

लकी गोयल टेलीग्राम पर प्रचार में शामिल थे और उन्होंने लगभग 2.55 करोड़ रुपए की कमाई की। राजस्थान में उनकी कई दुकानें और प्लॉट अटैच किए गए हैं। राजा गुप्ता दुबई से ऑपरेटर थे, जिन्होंने कम से कम 10 पैनल प्रबंधित किए। रायपुर में उनकी एक अचल संपत्ति, जो अवैध कमाई से खरीदी गई थी, अटैचमेंट के दायरे में है।

ईडी ने छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल पुलिस की कई एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की। जांच में पता चला कि महादेव ऐप टाइगर एक्सचेंज, गोल्ड 365 और लेजर 247 जैसे डोमेन के माध्यम से अवैध सट्टेबाजी का संचालन करता था। यह फ्रेंचाइजी मॉडल पर काम करता था, जहां मुख्य प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल दुबई से संचालन करते थे। पैनलों से होने वाले मुनाफे का 70-75 प्रतिशत प्रमोटरों के पास जाता था। अवैध कमाई को हजारों डमी बैंक खातों के जरिए छिपाया जाता था, जिनमें अनजान लोगों के केवाईसी दस्तावेजों का दुरुपयोग होता था।

अब तक इस मामले में ईडी ने 175 से अधिक स्थानों पर छापेमारी की है। जांच के नतीजे में कुल लगभग 2,621 करोड़ रुपए की चल और अचल संपत्तियां जब्त, फ्रीज या अटैच की जा चुकी हैं। एजेंसी ने 13 लोगों को गिरफ्तार किया है और अब तक दायर पांच प्रॉसिक्यूशन शिकायतों में 74 संस्थाओं को आरोपी बनाया गया है।

Point of View

बल्कि भविष्य में अन्य लोगों को भी ऐसा करने से रोका जाएगा।
NationPress
17/04/2026

Frequently Asked Questions

महादेव ऑनलाइन बुक का क्या मामला है?
महादेव ऑनलाइन बुक एक अवैध सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म है, जिसके संचालकों पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगे हैं।
ईडी ने कितनी संपत्तियां जब्त की हैं?
ईडी ने करीब 21.45 करोड़ रुपए की संपत्तियां जब्त की हैं।
इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस कार्रवाई का उद्देश्य अवैध सट्टेबाजी से अर्जित धन को रोकना और मामले की जांच को आगे बढ़ाना है।
क्या इस मामले में गिरफ्तारी हुई है?
हाँ, ईडी ने इस मामले में 13 लोगों को गिरफ्तार किया है।
इस मामले में आगे की कार्रवाई क्या होगी?
जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी, जिसमें और आरोपियों की गिरफ्तारी और संपत्तियों की जब्ती शामिल हो सकती है।
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