क्या ईडी ने मणिपुर में धोखाधड़ी स्कीम पर सख्ती की है: 33.66 करोड़ रुपए की अतिरिक्त संपत्तियां अटैच?
सारांश
Key Takeaways
- ईडी की कार्रवाई से धोखाधड़ी के खिलाफ सख्ती का संकेत मिलता है।
- 5000 निवेशकों के साथ धोखाधड़ी की गई है।
- 33.66 करोड़ रुपए की संपत्तियां अटैच की गई हैं।
- यह मामला वित्तीय सुरक्षा की आवश्यकता को उजागर करता है।
- जांच जारी रहेगी, अन्य संभावित संपत्तियों की तलाश की जाएगी।
इंफाल, 1 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के इंफाल सब-जोनल कार्यालय ने बिरला एम्पोरियम प्राइवेट लिमिटेड, इरा फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड और इनके निदेशक युमनाम इराबंता सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। इनके खिलाफ 5000 भोले-भाले निवेशकों के साथ धोखाधड़ी के गंभीर मामले में 33.66 करोड़ रुपए का दूसरा प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर (पीएओ) जारी किया गया है।
यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 के तहत की गई है, जिससे कुल अटैच की गई संपत्तियों की राशि 61.68 करोड़ रुपए हो गई है। ईडी ने सीआईडी (क्राइम ब्रांच), मणिपुर द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की।
एफआईआर में आरोप है कि 2019 से 2021 के दौरान युमनाम इराबंता सिंह ने उच्च रिटर्न का लालच देकर एक अनधिकृत जमा/निवेश योजना चलाई। इस योजना में मणिपुर के करीब 5000 निवेशकों से 250 करोड़ रुपए से अधिक जुटाए गए, लेकिन निवेशकों को कोई रिटर्न नहीं दिया गया। आरोपी ने फंड्स को हड़प लिया और व्यक्तिगत फायदे के लिए इस्तेमाल किया।
जांच में सामने आया कि कंपनियां प्रॉपर्टी के बदले लोन देने का दिखावा करती थीं। कर्जदारों की संपत्तियां बिक्री विलेख के जरिए कंपनी के निदेशकों और कर्मचारियों के नाम पर ट्रांसफर कर दी गईं। 2020 की पहली तिमाही से कंपनियों ने निवेशकों के लिए दरवाजे बंद कर दिए, वो भी बिना फंड वापस किए। अपराध की कमाई से प्राप्त फंड्स का इस्तेमाल कई नई संपत्तियों के अधिग्रहण में किया गया।
पहले चरण में ईडी ने 28.02 करोड़ रुपए मूल्य की चल-अचल संपत्तियां अटैच की थीं। 6 जून 2025 को स्पेशल पीएमएलए कोर्ट, इंफाल ईस्ट में प्रॉसिक्यूशन शिकायत दायर कर इन संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई। अब तक की जांच में 121 अतिरिक्त अचल संपत्तियां चिह्नित की गईं, जो कंपनियों, युमनाम इराबंता सिंह और उनके सहयोगियों के नाम पर रजिस्टर्ड हैं। इनकी कीमत 33.66 करोड़ रुपए है, जिन्हें अब अस्थायी रूप से अटैच कर दिया गया है।
ईडी ने कहा है कि जांच आगे भी जारी रहेगी, जिसमें अन्य संभावित संपत्तियों और सहयोगियों की तलाश की जाएगी।