एशियन गेम्स 2026: काउंटबैक नियम ने छीना मेडल, आशा इलांगो विमेंस ट्रिपल जंप में चौथे स्थान पर
सारांश
मुख्य बातें
भारत की आशा इलांगो गुरुवार, 24 सितंबर 2026 को आइची में चल रहे एशियन गेम्स 2026 के विमेंस ट्रिपल जंप फाइनल में पदक से महज एक कदम दूर रह गईं। आशा और चीन की ली यी दोनों का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 13.83 मीटर रहा, लेकिन 'काउंटबैक' नियम के तहत ली यी का दूसरा सर्वश्रेष्ठ जंप बेहतर होने के कारण भारतीय एथलीट को चौथे स्थान से संतोष करना पड़ा।
मुख्य घटनाक्रम
उज्बेकिस्तान की मौजूदा चैंपियन शरीफा दावरोनोवा ने 14.35 मीटर के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ के साथ स्वर्ण पदक बरकरार रखा। चीन की हुआंग यिंगयिंग ने 14.12 मीटर के साथ रजत और ली यी ने 13.83 मीटर के साथ कांस्य पदक जीता।
आशा ने 13.43 मीटर के साथ अपनी पारी की शुरुआत की थी, लेकिन दूसरा प्रयास फाउल हो गया। तीसरे राउंड में उन्होंने प्रतियोगिता का अपना सर्वश्रेष्ठ जंप — 13.83 मीटर — लगाकर पदक की दौड़ में कदम रखा।
काउंटबैक नियम ने बदला खेल
जब दो एथलीट का शीर्ष जंप बराबर हो, तो 'काउंटबैक' नियम के अनुसार दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रयास निर्णायक माना जाता है। आशा को अंतिम प्रयास में 13.79 मीटर से अधिक की दूरी तय करनी थी, परंतु वे केवल 13.59 मीटर ही कूद सकीं।
इससे पहले उनके अंतिम तीन जंप 13.63 मीटर, 13.65 मीटर और 13.59 मीटर रहे — तीसरे राउंड के प्रदर्शन में वे सुधार नहीं कर पाईं। गौरतलब है कि इस सीजन में आइची आने से पहले आशा का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ 13.89 मीटर था, जो उनके फाइनल के सर्वश्रेष्ठ से बेहतर था।
निहारिका वशिष्ठ का संघर्ष
दूसरी भारतीय प्रतिभागी निहारिका वशिष्ठ के लिए फाइनल और भी निराशाजनक रहा। उनका पहला जंप फाउल रहा, जिसके बाद उन्होंने दूसरे और तीसरे प्रयास में क्रमशः 13.00 मीटर और 12.60 मीटर की दूरी तय की।
तीन राउंड के बाद वे 10वें स्थान पर रहीं और अगले तीन राउंड के लिए अनिवार्य शीर्ष-8 में जगह नहीं बना सकीं। निहारिका 13.64 मीटर के सीजन के सर्वश्रेष्ठ के साथ मैदान में उतरी थीं, लेकिन मेडल इवेंट में वह फॉर्म नहीं दिखा पाईं।
आम जनता पर असर और आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय एथलेटिक्स अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान मजबूत करने की कोशिश में है। आशा का यह प्रदर्शन — सीजन-बेस्ट से कम होने के बावजूद पोडियम के इतने करीब — दर्शाता है कि भारतीय महिला एथलीटों में एशियाई शीर्ष स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता मौजूद है।
काउंटबैक जैसे तकनीकी नियम अक्सर एकल अंतर पर खिताब तय करते हैं, और यही स्थिति आशा के साथ हुई। आगे आने वाले अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में यदि वे अपने सीजन-बेस्ट 13.89 मीटर को बनाए रख सकें, तो पदक की संभावना प्रबल रहेगी।