बलूचिस्तान में मार्च 2026: 29 गैर-न्यायिक हत्याएं, 56 जबरन लापता — मानवाधिकार संगठन की रिपोर्ट

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बलूचिस्तान में मार्च 2026: 29 गैर-न्यायिक हत्याएं, 56 जबरन लापता — मानवाधिकार संगठन की रिपोर्ट

सारांश

बलूचिस्तान में मार्च 2026 के एक महीने में 29 गैर-न्यायिक हत्याएं और 56 जबरन गुमशुदगी — पांक की रिपोर्ट ने व्यवस्थित दमन का खुलासा किया। इसी बीच शिक्षाविद गमखार हयात की नुशकी में हत्या ने बलूच बौद्धिक वर्ग पर हमले की आशंका और गहरी की।

मुख्य बातें

पांक की रिपोर्ट के अनुसार मार्च 2026 में बलूचिस्तान में 29 गैर-न्यायिक हत्याएं और 56 जबरन गुमशुदगियां दर्ज की गईं।
संगठन ने इन घटनाओं को 'बेकाबू सरकारी ताकत के खतरनाक परिणाम' बताया और पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर आरोप लगाए।
कवि, साहित्यकार और शिक्षक प्रोफेसर गमखार हयात की 16 मई 2026 को नुशकी ज़िले में कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई।
बलूच यकजेहती कमेटी (बीवाईसी) ने इसे बलूच बौद्धिक चेतना और मातृभाषा पर हमला बताया।
पांक ने संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थाओं से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में मानवाधिकार उल्लंघन की स्थिति गंभीर रूप से बिगड़ती जा रही है। बलूच नेशनल मूवमेंट के मानवाधिकार विभाग 'पांक' की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, मार्च 2026 में अकेले एक महीने में 29 गैर-न्यायिक हत्याएं और 56 लोगों को जबरन लापता किए जाने के मामले दर्ज किए गए। संगठन ने इन घटनाओं को 'बेकाबू सरकारी ताकत के खतरनाक परिणाम' बताया है।

मुख्य घटनाक्रम

पांक की रिपोर्ट के अनुसार, मार्च 2026 में बलूचिस्तान भर में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की ओर से दमन, मनमानी गिरफ्तारियां, शारीरिक एवं मानसिक यातनाएं और गैरकानूनी हत्याओं का सिलसिला जारी रहा। संगठन का कहना है कि 29 गैर-न्यायिक हत्याओं और 56 जबरन गुमशुदगियों के ये आंकड़े इस बात की पुष्टि करते हैं कि आम नागरिकों को व्यवस्थित तरीके से निशाना बनाया जा रहा है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इन अत्याचारों से बलूचिस्तान में भय और जवाबदेही की कमी का माहौल बन रहा है, जो दशकों से चली आ रही एक गहरी समस्या का हिस्सा है।

शिक्षाविद गमखार हयात की हत्या

इसी बीच, 16 मई 2026 को बलूचिस्तान के नुशकी ज़िले के किल्ली मेंगल इलाके में मशहूर कवि, साहित्यकार और शिक्षक प्रोफेसर गमखार हयात की कथित तौर पर पाकिस्तान समर्थित डेथ स्क्वॉड से जुड़े लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी। मानवाधिकार संगठन बलूच यकजेहती कमेटी (बीवाईसी) ने इस हत्या की कड़ी निंदा की है।

बीवाईसी ने इसे 'ज्ञान, लेखनी और जागरूकता' को दबाने की सुनियोजित कोशिश बताया। संगठन के अनुसार, यह सिर्फ एक व्यक्ति की हत्या नहीं, बल्कि बलूच समाज की बौद्धिक सोच, मातृभाषा के प्रचार और सामूहिक चेतना पर सीधा हमला है।

बुद्धिजीवियों और नागरिकों पर निशाना

बीवाईसी के अनुसार, कई दशकों से बलूचिस्तान में शिक्षकों, बुद्धिजीवियों, पत्रकारों, छात्रों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को एक सुनियोजित नीति के तहत निशाना बनाया जा रहा है। संगठन ने इस स्थिति को आम नागरिकों के खिलाफ 'नरसंहार' जैसी स्थिति करार दिया है।

गौरतलब है कि बलूचिस्तान में जबरन गुमशुदगी और न्यायेतर हत्याओं की समस्या नई नहीं है — अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थाएं वर्षों से इस पर चिंता जताती रही हैं, लेकिन ज़मीनी स्थिति में कोई ठोस बदलाव नहीं आया है।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील

पांक ने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थाओं, संयुक्त राष्ट्र और सिविल सोसायटी से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। संगठन ने अपील की है कि बलूचिस्तान में बिगड़ते हालात पर तुरंत ध्यान दिया जाए, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो और न्याय एवं आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दबाव बनाया जाए।

आगे क्या

मानवाधिकार संगठनों की ये रिपोर्टें ऐसे समय में आई हैं जब पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी छवि सुधारने की कोशिश कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक स्वतंत्र जांच और जवाबदेही का तंत्र स्थापित नहीं होता, बलूचिस्तान में इस तरह की घटनाओं का सिलसिला थमने की संभावना नहीं है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह भी ध्यान रखना ज़रूरी है कि ये आंकड़े स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हो पाते — पाकिस्तान सरकार बलूचिस्तान में विदेशी पत्रकारों और जांचकर्ताओं की पहुंच पर लंबे समय से पाबंदी लगाती रही है। गमखार हयात जैसे शिक्षाविद की हत्या इस बात का संकेत है कि दमन का दायरा सशस्त्र संघर्ष से आगे बढ़कर बौद्धिक और सांस्कृतिक क्षेत्र तक पहुंच गया है। संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की अपीलें दशकों से होती रही हैं, लेकिन ज़मीनी जवाबदेही का तंत्र अब भी अनुपस्थित है — यही इस संकट की सबसे बड़ी त्रासदी है।
RashtraPress
19 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बलूचिस्तान में मार्च 2026 में कितनी गैर-न्यायिक हत्याएं हुईं?
पांक की रिपोर्ट के अनुसार मार्च 2026 में बलूचिस्तान में 29 गैर-न्यायिक हत्याएं और 56 लोगों को जबरन लापता किए जाने के मामले दर्ज किए गए। संगठन ने इसके लिए पाकिस्तानी सुरक्षा बलों को जिम्मेदार ठहराया है।
गमखार हयात कौन थे और उनकी हत्या कैसे हुई?
गमखार हयात बलूचिस्तान के एक प्रसिद्ध कवि, साहित्यकार और शिक्षक थे। 16 मई 2026 को नुशकी ज़िले के किल्ली मेंगल इलाके में कथित तौर पर पाकिस्तान समर्थित डेथ स्क्वॉड से जुड़े लोगों ने उन्हें गोली मारकर हत्या कर दी।
बलूच यकजेहती कमेटी ने इस हत्या पर क्या कहा?
बीवाईसी ने गमखार हयात की हत्या को बलूच बौद्धिक चेतना, मातृभाषा के प्रचार और सामूहिक सोच पर हमला बताया। संगठन के अनुसार यह उस व्यापक दमन का हिस्सा है जिसमें शिक्षकों, पत्रकारों और छात्रों को सुनियोजित तरीके से निशाना बनाया जाता है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय से क्या मांग की गई है?
पांक ने संयुक्त राष्ट्र, अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थाओं और सिविल सोसायटी से बलूचिस्तान के बिगड़ते हालात पर तत्काल ध्यान देने की अपील की है। संगठन ने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई और न्याय सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाने की मांग की है।
राष्ट्र प्रेस
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