23 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

केरल: सीएमआरएल मामले में पिनाराई विजयन की जांच के लिए एसआईटी गठित, 30 दिन में रिपोर्ट

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
केरल: सीएमआरएल मामले में पिनाराई विजयन की जांच के लिए एसआईटी गठित, 30 दिन में रिपोर्ट

सारांश

केरल में सत्ता परिवर्तन के बाद पहली बड़ी कानूनी कार्रवाई — पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के खिलाफ सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मामले में एसआईटी गठित। वही पुलिस तंत्र जो उनके अधीन काम करता था, अब उनसे सवाल पूछेगा — 30 दिन में जांच रिपोर्ट तलब।

मुख्य बातें

केरल पुलिस ने 23 सितंबर 2026 को सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मामले में पिनाराई विजयन की जांच के लिए एसआईटी गठित की।
वेंकटेश के पर्यवेक्षण में काम करेगी; एसपी विक्रम जांच अधिकारी नियुक्त।
30 दिनों में प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सौंपी जानी है।
जांच ईडी के पत्र और सीएमआरएल तथा विजयन की बेटी टी.
वीना की कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस के बीच कथित वित्तीय लेनदेन पर केंद्रित।
विजयन, पीए मोहम्मद रियास और सीपीआई(एम) ने सभी आरोपों को खारिज किया; आरोपों की न्यायिक पुष्टि अभी बाकी।
सीपीआई(एम) ने एसआईटी गठन का विरोध किया और मामले को कानूनी व राजनीतिक स्तर पर लड़ने की घोषणा की।

केरल पुलिस ने बुधवार, 23 सितंबर 2026 को पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान विपक्ष नेता पिनाराई विजयन से जुड़े सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मासिक भुगतान मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। इस एसआईटी को प्रारंभिक जांच पूरी करने के लिए 30 दिन का समय दिया गया है, और यह मामला केरल की राजनीति में एक नया और संवेदनशील मोड़ ले चुका है।

एसआईटी की संरचना और कार्यक्षेत्र

एसआईटी क्राइम ब्रांच के एडीजीपी एच. वेंकटेश के पर्यवेक्षण में काम करेगी। एसपी विक्रम को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। दल में तीन पुलिस उपाधीक्षक, पाँच इंस्पेक्टर और साइबर डिवीजन के अधिकारी शामिल हैं।

उल्लेखनीय है कि इस दल के कई वरिष्ठ अधिकारी वही हैं जो 2016 से 2026 तक विजयन के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान उनके साथ काम कर चुके हैं। अब वही अधिकारी उनसे जुड़े आरोपों की जांच करेंगे — यह इस मामले का सबसे नाटकीय पहलू है।

मामले की पृष्ठभूमि

जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की रिपोर्ट में उठाए गए उन आरोपों की पड़ताल की जाएगी, जो कोचीन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) और विजयन की बेटी टी. वीना की अब बंद हो चुकी आईटी कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस के बीच कथित वित्तीय लेनदेन से जुड़े हैं। पूर्व मंत्री और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) [सीपीआई(एम)] विधायक पीए मोहम्मद रियास भी इन आरोपों के दायरे में बताए जा रहे हैं।

गौरतलब है कि विजयन, रियास और सीपीआई(एम) ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। आरोपों की पुष्टि अभी पुलिस जांच या न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से होनी बाकी है।

सरकार की प्रतिक्रिया

राज्य पुलिस प्रमुख को ईडी का पत्र मिलने के बाद मुख्यमंत्री वीडी सतीशन और गृह मंत्री रमेश चेन्निथला के बीच हुई चर्चा के बाद यह कदम उठाया गया। केंद्रीय एजेंसी द्वारा भेजे गए दस्तावेजों पर कानूनी सलाह प्राप्त करने के बाद सरकार ने जांच आगे बढ़ाने का निर्णय लिया।

सतीशन ने कहा कि 'कानून अपना काम करेगा' और यह कोई राजनीतिक बदले की कार्रवाई नहीं है। चेन्निथला ने स्पष्ट किया कि सरकार ईडी द्वारा दी गई जानकारी को नज़रअंदाज़ नहीं कर सकती और सर्वोच्च न्यायालय के ललिता कुमारी फैसले के आलोक में प्रारंभिक जांच की प्रक्रिया की समीक्षा की गई है।

विपक्षी दल की प्रतिक्रिया

सीपीआई(एम) ने सरकार के इस फैसले का कड़ा विरोध किया है और इस मामले को राजनीतिक एवं कानूनी रूप से लड़ने का संकल्प लिया है। मंगलवार को पार्टी कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन भी किया।

यह ऐसे समय में आया है जब 2026 के केरल विधानसभा चुनाव के बाद पार्टी पहले से ही सत्ता से बाहर हो चुकी है और विजयन विपक्ष नेता की भूमिका में हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस मामले का असर राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस नीत गठबंधन और वामपंथी दलों के बीच संघर्ष को और तीखा कर सकता है।

आगे क्या होगा

एसआईटी को 30 दिनों के भीतर प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सौंपनी है। जांच के नतीजे तय करेंगे कि औपचारिक एफआईआर दर्ज की जाएगी या नहीं। यह मामला केरल की राजनीति में आने वाले महीनों में और अधिक गहरा असर छोड़ सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और उनकी निष्पक्षता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। दूसरी ओर, सरकार का यह दावा कि यह 'राजनीतिक बदला' नहीं है, तब तक विश्वसनीय नहीं होगा जब तक जांच प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध न हो। ललिता कुमारी फैसले का हवाला देना सरकार को कानूनी ढाल देता है, लेकिन असली कसौटी यह है कि एसआईटी 30 दिनों में किस आधार पर अपनी रिपोर्ट देती है।
RashtraPress
23 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मामला क्या है?
यह मामला कोचीन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) और पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की बेटी टी. वीना की अब बंद हो चुकी आईटी कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस के बीच कथित वित्तीय लेनदेन से जुड़ा है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस संदर्भ में केरल पुलिस को पत्र भेजा था, जिसके बाद राज्य सरकार ने जांच आगे बढ़ाई।
केरल एसआईटी का गठन क्यों किया गया?
ईडी द्वारा केरल पुलिस प्रमुख को भेजे गए पत्र और उस पर कानूनी सलाह प्राप्त करने के बाद मुख्यमंत्री वीडी सतीशन और गृह मंत्री रमेश चेन्निथला के निर्देश पर एसआईटी गठित की गई। सरकार ने कहा कि ईडी की जानकारी को नज़रअंदाज़ करना संभव नहीं था और सर्वोच्च न्यायालय के ललिता कुमारी फैसले के तहत प्रारंभिक जांच ज़रूरी है।
एसआईटी की जांच कितने दिनों में पूरी होगी?
एसआईटी को 30 दिनों के भीतर प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सौंपनी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही यह तय होगा कि औपचारिक एफआईआर दर्ज की जाएगी या नहीं।
पिनाराई विजयन और सीपीआई(एम) ने इस पर क्या कहा?
पिनाराई विजयन, पूर्व मंत्री पीए मोहम्मद रियास और सीपीआई(एम) ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। पार्टी ने इस मामले को राजनीतिक प्रेरित बताते हुए कानूनी और राजनीतिक स्तर पर लड़ने की घोषणा की है और पार्टी कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन भी किया।
इस मामले में कौन-कौन से अधिकारी जांच कर रहे हैं?
एसआईटी क्राइम ब्रांच के एडीजीपी एच. वेंकटेश के पर्यवेक्षण में काम करेगी और एसपी विक्रम जांच अधिकारी हैं। दल में तीन पुलिस उपाधीक्षक, पाँच इंस्पेक्टर और साइबर डिवीजन के अधिकारी भी शामिल हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 3 महीने पहले