14 अक्टूबर 2026
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सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मामले में वीएसीबी की दो विशेष जांच टीमें गठित, पिनाराई विजयन और रियास पर शिकंजा

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सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मामले में वीएसीबी की दो विशेष जांच टीमें गठित, पिनाराई विजयन और रियास पर शिकंजा

सारांश

वीएसीबी ने पूर्व सीएम पिनाराई विजयन और पूर्व मंत्री रियास के खिलाफ सीएमआरएल-एक्सालॉजिक तथा हवाला मामलों में दो विशेष जांच टीमें गठित कीं — केरल उच्च न्यायालय के आदेश और ईडी की रिपोर्ट के बाद यह जांच का अगला निर्णायक चरण है।

मुख्य बातें

वीएसीबी ने 14 अक्टूबर 2026 को पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और पूर्व मंत्री मोहम्मद रियास के खिलाफ दो अलग विशेष जांच टीमें गठित कीं।
पहला मामला सीएमआरएल द्वारा वीणा की कंपनी एक्सालॉजिक को ₹3.28 करोड़ के कथित अवैध भुगतान से संबंधित है।
दूसरा मामला रियास पर हवाला चैनल के जरिए ₹85 लाख यूएई भेजने के आरोप से जुड़ा है।
वीणा दोनों मामलों में दूसरी आरोपी हैं; पहले में 7 और दूसरे में 8 आरोपी हैं।
मामले केरल उच्च न्यायालय के आदेश और ईडी की रिपोर्ट के आधार पर दर्ज किए गए हैं।
क्राइम ब्रांच ने संबंधित दस्तावेज़ और बयान वीएसीबी को सौंप दिए हैं; आरोप अभी जांच के अधीन हैं।

विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो (वीएसीबी) ने 14 अक्टूबर 2026 को पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन, उनकी बेटी टी. वीणा, तथा पूर्व मंत्री एवं वीणा के पति मोहम्मद रियास सहित अन्य के खिलाफ दर्ज अलग-अलग मामलों की जांच हेतु दो विशेष टीमें गठित की हैं। ये मामले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की रिपोर्ट के आधार पर केरल उच्च न्यायालय के आदेश के बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज किए गए थे।

जांच टीमों का गठन

विजिलेंस निदेशक मनोज अब्राहम ने बुधवार को दोनों टीमों के गठन का आधिकारिक आदेश दिया। पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) थॉमसन जोस दोनों जांचों की समग्र निगरानी करेंगे।

पुलिस अधीक्षक (एसपी) ई.एन. सुरेश उस मामले की जांच का नेतृत्व करेंगे जिसमें विजयन पहले आरोपी हैं। कोझिकोड स्पेशल सेल के एसपी बालाकृष्णन उस मामले की जांच करेंगे जिसमें रियास पहले आरोपी हैं।

सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मामले की पृष्ठभूमि

पहला मामला पहली पिनाराई विजयन सरकार के कार्यकाल के दौरान कोचीन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) द्वारा वीणा की कंपनी एक्सालॉजिक को किए गए कथित भुगतान से संबंधित है। ईडी ने आरोप लगाया है कि एक्सालॉजिक को सीएमआरएल से ₹3.28 करोड़ उन सेवाओं के लिए मिले जो कथित तौर पर प्रदान ही नहीं की गई थीं।

ईडी के अनुसार, यह भुगतान राजनीतिक प्रभाव के कारण किया गया था और इसे विजयन को दी गई रिश्वत के समतुल्य माना गया है। इस मामले में विजयन पहले, वीणा दूसरी, तथा सीएमआरएल के मालिक शशिधरन कार्था सहित कुल सात लोगों को आरोपी बनाया गया है।

रियास पर हवाला और विदेश धन-प्रेषण के आरोप

दूसरा मामला इस आरोप से जुड़ा है कि रियास ने मंत्री पद पर रहते हुए अवैध धन अर्जित किया और हवाला चैनलों के माध्यम से विदेश में पैसा स्थानांतरित किया। ईडी के निष्कर्षों के अनुसार, रियास और वीणा ने कथित तौर पर अपने कुछ सहयोगियों के साथ मिलकर बिचौलियों के जरिए संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में धन भेजने की साजिश रची।

कथित रूप से स्थानांतरित राशि ₹85 लाख बताई जाती है। इसके अलावा, आरोपियों ने कथित तौर पर दुबई में गारमेंट निर्यात व्यवसाय पर भी चर्चा की थी। ईडी को वीणा के आवास की तलाशी के दौरान हस्तलिखित नोट्स मिले थे, जिन्हें कथित लेनदेन से जोड़ा जा रहा है। इस मामले में रियास पहले, वीणा दूसरी, तथा रियास के मित्रों सहित कुल आठ लोगों को आरोपी बनाया गया है।

दस्तावेज़ हस्तांतरण और जांच की स्थिति

क्राइम ब्रांच की विशेष जांच टीम ने संबंधित दस्तावेज़ वीएसीबी को सौंप दिए हैं, जिनमें रियास के मित्रों के दर्ज बयान भी सम्मिलित हैं। वीएसीबी अब दोनों मामलों की स्वतंत्र रूप से जांच करेगा।

गौरतलब है कि दोनों मामले अलग-अलग समयकाल के आरोपों से संबंधित हैं और एफआईआर में यह आरोप है कि आरोपियों ने गैरकानूनी वित्तीय लाभ के लिए अपने पद या प्रभाव का दुरुपयोग किया। आरोपों को अभी जांच और कानूनी कार्यवाही के माध्यम से स्थापित किया जाना शेष है।

आगे क्या होगा

दोनों विशेष टीमों द्वारा जांच के निष्कर्ष आने के बाद अगले कदम तय होंगे। यह मामला केरल की राजनीति में एक बड़ा मोड़ माना जा रहा है, क्योंकि इसमें एक पूर्व मुख्यमंत्री और एक पूर्व मंत्री दोनों सीधे आरोपी हैं। न्यायालय और जांच एजेंसियों की निगाहें अब वीएसीबी की रिपोर्ट पर टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

परिवारवाद और सार्वजनिक संस्थाओं के दुरुपयोग के बीच की महीन रेखा पर सीधा प्रश्नचिह्न है। ईडी द्वारा पहले की गई कार्रवाई और अब वीएसीबी की दोहरी टीमों का गठन यह दर्शाता है कि केरल उच्च न्यायालय ने जांच एजेंसियों पर दबाव बनाए रखा है। हालांकि, असली परीक्षा यह होगी कि क्या ये टीमें बिना राजनीतिक दबाव के स्वतंत्र रूप से काम कर सकेंगी, क्योंकि इसमें राज्य के सर्वोच्च पद पर रह चुके व्यक्ति सीधे आरोपी हैं। सत्ता परिवर्तन के बाद भी ऐसे मामलों में जांच की गति धीमी पड़ जाने के पुराने उदाहरण भारतीय राजनीति में कम नहीं हैं।
RashtraPress
14 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मामला क्या है?
यह मामला पहली पिनाराई विजयन सरकार के दौरान कोचीन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) द्वारा वीणा की कंपनी एक्सालॉजिक को ₹3.28 करोड़ के कथित अवैध भुगतान से संबंधित है। ईडी का आरोप है कि यह भुगतान उन सेवाओं के लिए किया गया जो वास्तव में प्रदान नहीं की गई थीं और इसे पूर्व मुख्यमंत्री विजयन को दी गई रिश्वत के रूप में देखा जा रहा है।
वीएसीबी ने दो जांच टीमें क्यों गठित कीं?
दोनों मामले अलग-अलग आरोपों और समयकाल से संबंधित हैं — पहला सीएमआरएल-एक्सालॉजिक भुगतान से और दूसरा हवाला के जरिए यूएई में धन स्थानांतरण से। इस कारण वीएसीबी ने प्रत्येक मामले की स्वतंत्र और विशेष जांच सुनिश्चित करने के लिए दो अलग टीमें बनाईं।
मोहम्मद रियास पर क्या आरोप हैं?
पूर्व मंत्री मोहम्मद रियास पर आरोप है कि उन्होंने मंत्री पद पर रहते हुए अवैध धन अर्जित किया और हवाला चैनलों के माध्यम से ₹85 लाख संयुक्त अरब अमीरात भेजे। ईडी के अनुसार, उन्होंने वीणा और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर यह साजिश रची थी।
टी. वीणा की इन मामलों में क्या भूमिका है?
टी. वीणा पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की बेटी और पूर्व मंत्री मोहम्मद रियास की पत्नी हैं। वे दोनों मामलों में दूसरी आरोपी हैं — पहले मामले में एक्सालॉजिक की मालिक के रूप में और दूसरे में हवाला लेनदेन में कथित सहभागी के रूप में।
इन मामलों में अब तक की जांच कहाँ तक पहुँची है?
केरल उच्च न्यायालय के आदेश और ईडी की रिपोर्ट के बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज हुई और क्राइम ब्रांच ने दस्तावेज़ और बयान वीएसीबी को सौंप दिए हैं। वीएसीबी की दोनों टीमें अब स्वतंत्र रूप से जांच करेंगी; आरोपों को अभी कानूनी कार्यवाही से स्थापित किया जाना शेष है।
राष्ट्र प्रेस
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