सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मामले में वीएसीबी की दो विशेष जांच टीमें गठित, पिनाराई विजयन और रियास पर शिकंजा
सारांश
मुख्य बातें
विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो (वीएसीबी) ने 14 अक्टूबर 2026 को पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन, उनकी बेटी टी. वीणा, तथा पूर्व मंत्री एवं वीणा के पति मोहम्मद रियास सहित अन्य के खिलाफ दर्ज अलग-अलग मामलों की जांच हेतु दो विशेष टीमें गठित की हैं। ये मामले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की रिपोर्ट के आधार पर केरल उच्च न्यायालय के आदेश के बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज किए गए थे।
जांच टीमों का गठन
विजिलेंस निदेशक मनोज अब्राहम ने बुधवार को दोनों टीमों के गठन का आधिकारिक आदेश दिया। पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) थॉमसन जोस दोनों जांचों की समग्र निगरानी करेंगे।
पुलिस अधीक्षक (एसपी) ई.एन. सुरेश उस मामले की जांच का नेतृत्व करेंगे जिसमें विजयन पहले आरोपी हैं। कोझिकोड स्पेशल सेल के एसपी बालाकृष्णन उस मामले की जांच करेंगे जिसमें रियास पहले आरोपी हैं।
सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मामले की पृष्ठभूमि
पहला मामला पहली पिनाराई विजयन सरकार के कार्यकाल के दौरान कोचीन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) द्वारा वीणा की कंपनी एक्सालॉजिक को किए गए कथित भुगतान से संबंधित है। ईडी ने आरोप लगाया है कि एक्सालॉजिक को सीएमआरएल से ₹3.28 करोड़ उन सेवाओं के लिए मिले जो कथित तौर पर प्रदान ही नहीं की गई थीं।
ईडी के अनुसार, यह भुगतान राजनीतिक प्रभाव के कारण किया गया था और इसे विजयन को दी गई रिश्वत के समतुल्य माना गया है। इस मामले में विजयन पहले, वीणा दूसरी, तथा सीएमआरएल के मालिक शशिधरन कार्था सहित कुल सात लोगों को आरोपी बनाया गया है।
रियास पर हवाला और विदेश धन-प्रेषण के आरोप
दूसरा मामला इस आरोप से जुड़ा है कि रियास ने मंत्री पद पर रहते हुए अवैध धन अर्जित किया और हवाला चैनलों के माध्यम से विदेश में पैसा स्थानांतरित किया। ईडी के निष्कर्षों के अनुसार, रियास और वीणा ने कथित तौर पर अपने कुछ सहयोगियों के साथ मिलकर बिचौलियों के जरिए संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में धन भेजने की साजिश रची।
कथित रूप से स्थानांतरित राशि ₹85 लाख बताई जाती है। इसके अलावा, आरोपियों ने कथित तौर पर दुबई में गारमेंट निर्यात व्यवसाय पर भी चर्चा की थी। ईडी को वीणा के आवास की तलाशी के दौरान हस्तलिखित नोट्स मिले थे, जिन्हें कथित लेनदेन से जोड़ा जा रहा है। इस मामले में रियास पहले, वीणा दूसरी, तथा रियास के मित्रों सहित कुल आठ लोगों को आरोपी बनाया गया है।
दस्तावेज़ हस्तांतरण और जांच की स्थिति
क्राइम ब्रांच की विशेष जांच टीम ने संबंधित दस्तावेज़ वीएसीबी को सौंप दिए हैं, जिनमें रियास के मित्रों के दर्ज बयान भी सम्मिलित हैं। वीएसीबी अब दोनों मामलों की स्वतंत्र रूप से जांच करेगा।
गौरतलब है कि दोनों मामले अलग-अलग समयकाल के आरोपों से संबंधित हैं और एफआईआर में यह आरोप है कि आरोपियों ने गैरकानूनी वित्तीय लाभ के लिए अपने पद या प्रभाव का दुरुपयोग किया। आरोपों को अभी जांच और कानूनी कार्यवाही के माध्यम से स्थापित किया जाना शेष है।
आगे क्या होगा
दोनों विशेष टीमों द्वारा जांच के निष्कर्ष आने के बाद अगले कदम तय होंगे। यह मामला केरल की राजनीति में एक बड़ा मोड़ माना जा रहा है, क्योंकि इसमें एक पूर्व मुख्यमंत्री और एक पूर्व मंत्री दोनों सीधे आरोपी हैं। न्यायालय और जांच एजेंसियों की निगाहें अब वीएसीबी की रिपोर्ट पर टिकी हैं।