12 अक्टूबर 2026
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सीएमआरएल-एक्सालॉजिक स्कैम: पिनाराई विजयन और रियास दो अलग मामलों में पहले आरोपी, वीएसीबी आज दर्ज करेगी एफआईआर

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सीएमआरएल-एक्सालॉजिक स्कैम: पिनाराई विजयन और रियास दो अलग मामलों में पहले आरोपी, वीएसीबी आज दर्ज करेगी एफआईआर

सारांश

केरल के पूर्व CM पिनाराई विजयन और उनके दामाद व पूर्व मंत्री रियास — दोनों एक साथ, दो अलग भ्रष्टाचार मामलों में पहले आरोपी। वीएसीबी उच्च न्यायालय के आदेश पर सोमवार को एफआईआर दर्ज करेगी। विजयन डिवीजन बेंच में आदेश को चुनौती देने की तैयारी में।

मुख्य बातें

पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन को सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मंथली पेमेंट केस में पहला आरोपी बनाया गया है।
मोहम्मद रियास को कथित भ्रष्टाचार धन के दूसरे केस में पहला आरोपी बनाया गया है।
वीना दोनों मामलों में दूसरी आरोपी हैं; एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस उनकी कंपनी है।
वीएसीबी 13 अक्टूबर 2026 को विजिलेंस कोर्ट में दोनों एफआईआर केरल उच्च न्यायालय के निर्देश पर दर्ज करेगी।
उच्च न्यायालय ने सरकार की पूर्वानुमति के बिना गठित एसआईटी को अमान्य घोषित किया था।
सूत्रों के अनुसार, विजयन सोमवार को ही डिवीजन बेंच में एकल पीठ के आदेश को चुनौती देंगे।

केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) [सीपीआई(एम)] के विधायक व पूर्व मंत्री पी.ए. मोहम्मद रियास को सीएमआरएल-एक्सालॉजिक भ्रष्टाचार प्रकरण से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में क्रमशः पहला आरोपी बनाया गया है। विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन ब्यूरो (वीएसीबी) सोमवार, 13 अक्टूबर 2026 को विजिलेंस कोर्ट में दोनों एफआईआर दर्ज करने वाली है, जो केरल उच्च न्यायालय की एकल पीठ के निर्देश पर आधारित हैं।

मामलों की संरचना: कौन किस केस में आरोपी

पहला मामला कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) द्वारा एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस को किए गए कथित मासिक भुगतान (मंथली पेमेंट) से जुड़ा है। इस केस में पिनाराई विजयन पहले और उनकी बेटी टी. वीना दूसरी आरोपी होंगी। एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस वीना की कंपनी है।

दूसरा मामला रियास को कथित तौर पर मिले भ्रष्टाचार के धन से संबंधित है। रियास दूसरे एलडीएफ मंत्रिमंडल में पर्यटन मंत्री रहे थे और विजयन की बेटी वीना के पति हैं। इस केस में रियास पहले और वीना दूसरी आरोपी होंगी।

न्यायालय का हस्तक्षेप और पृष्ठभूमि

केरल उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने वीएसीबी को निर्देश दिया था कि वह शुरुआती जाँच की प्रतीक्षा किए बिना प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की रिपोर्ट के आधार पर सीधे मामले दर्ज करे। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार की पूर्वानुमति के बिना पुलिस महानिदेशक द्वारा गठित विशेष जाँच दल (एसआईटी) का आदेश अमान्य है।

गौरतलब है कि अदालत की इस टिप्पणी के बाद अब सरकार से अपेक्षा है कि वह विजिलेंस निदेशक की सिफारिश पर एक नया एसआईटी गठन आदेश जारी करे, जो न्यायालय द्वारा निर्धारित अधिकार-सीमाओं के अनुरूप हो।

दस्तावेज़ हस्तांतरण और अभियोजन की स्थिति

क्राइम ब्रांच के पास मौजूद इस मामले से संबंधित सभी दस्तावेज़ वीएसीबी को सौंप दिए गए हैं। वीएसीबी का कहना है कि उच्च न्यायालय के स्पष्ट निर्देश के मद्देनज़र जाँच आगे बढ़ाने के लिए किसी अलग पूर्वानुमति की आवश्यकता नहीं है।

दोनों एफआईआर में प्रत्येक आरोपी के विरुद्ध अलग-अलग आरोपों, भुगतान स्वरूप और कथित सरकारी लाभ से जुड़े परिस्थितियों की स्वतंत्र जाँच की जाएगी।

विजयन की चुनौती: डिवीजन बेंच में अपील

सूत्रों के अनुसार, पिनाराई विजयन सोमवार को ही केरल उच्च न्यायालय की खंडपीठ (डिवीजन बेंच) के समक्ष एकल पीठ के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका दायर करने की तैयारी में हैं। यह कदम संकेत देता है कि यह कानूनी लड़ाई अभी लंबी खिंच सकती है।

आगे क्या होगा

यह मामला केरल की राजनीति में एक असाधारण मोड़ है — एक पूर्व मुख्यमंत्री और उनके दामाद एक साथ, लेकिन अलग-अलग मामलों में पहले आरोपी के रूप में विजिलेंस कोर्ट के समक्ष खड़े होंगे। डिवीजन बेंच का रुख और एसआईटी के पुनर्गठन पर सरकार का निर्णय इस प्रकरण की अगली दिशा तय करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

और यह तथ्य कि उनके दामाद एक समानांतर मामले में उसी स्थिति में हैं, इस प्रकरण को असाधारण बनाता है। ध्यान देने योग्य है कि ये एफआईआर राज्य सरकार की पहल पर नहीं, बल्कि उच्च न्यायालय के कड़े निर्देश पर दर्ज हो रही हैं — जो यह सवाल उठाता है कि क्या कार्यकारी तंत्र स्वयं इस जाँच में गति लाने में सक्षम या इच्छुक था। विजयन का एकल पीठ के आदेश को तत्काल डिवीजन बेंच में चुनौती देना यह भी संकेत देता है कि आरोपी पक्ष कानूनी मोर्चे पर सक्रिय रहेगा, जिससे वास्तविक जाँच की गति धीमी पड़ने का जोखिम है।
RashtraPress
12 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मामला क्या है?
यह मामला केरल की सरकारी कंपनी कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री विजयन की बेटी टी. वीना की कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस को कथित तौर पर किए गए मासिक भुगतान और उससे जुड़े सरकारी लाभों से संबंधित है। प्रवर्तन निदेशालय की रिपोर्ट के आधार पर उच्च न्यायालय ने वीएसीबी को एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया।
पिनाराई विजयन और रियास किस-किस मामले में पहले आरोपी हैं?
पिनाराई विजयन सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मंथली पेमेंट केस में पहले आरोपी हैं, जबकि पी.ए. मोहम्मद रियास कथित भ्रष्टाचार धन प्राप्ति के दूसरे अलग केस में पहले आरोपी हैं। दोनों मामलों में टी. वीना दूसरी आरोपी हैं।
केरल उच्च न्यायालय ने इस मामले में क्या निर्देश दिया था?
उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने वीएसीबी को शुरुआती जाँच के बिना ईडी की रिपोर्ट के आधार पर सीधे एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। साथ ही, अदालत ने सरकारी मंजूरी के बिना गठित एसआईटी को अमान्य घोषित किया और सरकार को नए सिरे से वैध एसआईटी गठन का आदेश जारी करने को कहा।
टी. वीना का इस मामले से क्या संबंध है?
टी. वीना पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की बेटी और पूर्व मंत्री रियास की पत्नी हैं। एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस उनकी कंपनी है, जिसे सीएमआरएल से कथित मासिक भुगतान मिला। वे दोनों एफआईआर में दूसरी आरोपी हैं।
विजयन इस मामले में आगे क्या कदम उठाने वाले हैं?
सूत्रों के अनुसार, पिनाराई विजयन सोमवार को केरल उच्च न्यायालय की डिवीजन बेंच के समक्ष एकल पीठ के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका दायर करने वाले हैं। इस कानूनी चुनौती से जाँच की दिशा और गति पर असर पड़ सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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