23 अक्टूबर 2026
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सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मामला: केरल हाईकोर्ट में विजयन की याचिका पर सुनवाई सोमवार तक स्थगित

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सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मामला: केरल हाईकोर्ट में विजयन की याचिका पर सुनवाई सोमवार तक स्थगित

सारांश

केरल हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन, उनकी बेटी वीणा और दामाद रियास की एफआईआर चुनौती पर सुनवाई सोमवार तक टाल दी। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद यह मामला फिर हाईकोर्ट की उसी डिवीजन बेंच के सामने है जिसने एफआईआर आदेश को बरकरार रखा था।

मुख्य बातें

केरल हाईकोर्ट ने 23 अक्टूबर 2026 को पूर्व सीएम पिनाराई विजयन , बेटी टी.
वीणा और दामाद मोहम्मद रियास की याचिका पर सुनवाई सोमवार तक स्थगित की।
मामला सीएमआरएल द्वारा वीणा की बंद हो चुकी फर्म एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस को बिना सेवा के कथित भुगतान से जुड़ा है।
नटराजन और जस्टिस जॉनसन जॉन की डिवीजन बेंच ने एफआईआर दर्ज करने के सिंगल जज के आदेश को पहले ही बरकरार रखा था।
सुप्रीम कोर्ट ने इस सप्ताह विजयन पक्ष को हाईकोर्ट की उसी डिवीजन बेंच के पास जाने का निर्देश दिया।
डिवीजन बेंच ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार मामले में आरोपी को एफआईआर से पहले सुनवाई का कोई कानूनी अधिकार नहीं।

केरल हाईकोर्ट ने शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन, उनकी बेटी टी. वीणा और दामाद मोहम्मद रियास की उस अपील पर सुनवाई सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी, जिसमें विवादित सीएमआरएल-एक्सालॉजिक भ्रष्टाचार मामले में एफआईआर दर्ज करने के आदेश को चुनौती दी गई है। शुक्रवार को कोर्ट में समय के अभाव के कारण इस मामले की सुनवाई नहीं हो सकी और इसे सोमवार की सूची में डाल दिया गया।

मामले की पृष्ठभूमि

यह विवाद कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) द्वारा वीणा की अब बंद हो चुकी आईटी फर्म एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस को किए गए कथित भुगतानों से जुड़ा है। आरोप है कि ये भुगतान बिना किसी वास्तविक सेवा के किए गए। यह घटनाक्रम पिनाराई विजयन के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान का बताया जाता है।

हाईकोर्ट डिवीजन बेंच का फैसला

पिछले सप्ताह जस्टिस के. नटराजन और जस्टिस जॉनसन जॉन की डिवीजन बेंच ने सिंगल जज के उस आदेश को बरकरार रखा था, जिसमें एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया गया था। डिवीजन बेंच ने यह भी स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार के मामले में किसी आरोपी को एफआईआर दर्ज होने से पहले अपनी बात रखने का कोई कानूनी अधिकार नहीं होता।

बेंच ने सिंगल जज के आदेश के विरुद्ध अपील की अनुमति माँगने वाली याचिका को भी खारिज कर दिया। हालाँकि, कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि उसके इस फैसले से संबंधित पक्षों को एफआईआर दर्ज होने के खिलाफ संवैधानिक या कानूनी उपाय अपनाने का अधिकार नहीं छिनता।

सुप्रीम कोर्ट का निर्देश

इस सप्ताह सुप्रीम कोर्ट ने विजयन और अन्य याचिकाकर्ताओं को केरल हाईकोर्ट की उसी डिवीजन बेंच के समक्ष जाने का निर्देश दिया, जिसने सिंगल जज के एफआईआर आदेश को सही ठहराया था। गौरतलब है कि विजयन पक्ष ने डिवीजन बेंच के पिछले सप्ताह के फैसले को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी थी।

आगे क्या होगा

सोमवार को होने वाली अगली सुनवाई में यह तय होने की उम्मीद है कि हाईकोर्ट में एफआईआर आदेश के खिलाफ विजयन पक्ष की कानूनी चुनौती किस दिशा में आगे बढ़ेगी। यह मामला केरल की राजनीति और न्यायिक प्रक्रिया दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण मोड़ पर है, क्योंकि इसमें एक पूर्व मुख्यमंत्री और उनके परिवार के सदस्य सीधे तौर पर पक्षकार हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

प्रक्रियागत दृष्टि से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह भ्रष्टाचार के मामलों में पूर्व-एफआईआर हस्तक्षेप की संभावना को सीमित करता है। जो बात मुख्यधारा की कवरेज में अनदेखी होती है वह यह है कि सुप्रीम कोर्ट ने मामले को वापस उसी बेंच पर भेज दिया जिसने पहले ही विजयन पक्ष के खिलाफ फैसला दिया था — यह संकेत स्पष्ट है। सोमवार की सुनवाई से यह तय होगा कि क्या एफआईआर को रोकने की कोई और कानूनी गुंजाइश बचती है।
RashtraPress
23 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीएमआरएल-एक्सालॉजिक भ्रष्टाचार मामला क्या है?
यह मामला कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की बेटी टी. वीणा की आईटी फर्म एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस को कथित तौर पर बिना सेवा दिए किए गए भुगतानों से जुड़ा है। यह घटनाक्रम विजयन के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान का बताया जाता है।
केरल हाईकोर्ट ने क्या फैसला सुनाया था?
जस्टिस के. नटराजन और जस्टिस जॉनसन जॉन की डिवीजन बेंच ने सिंगल जज के उस आदेश को बरकरार रखा था जिसमें एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया गया था। बेंच ने यह भी माना कि भ्रष्टाचार मामले में एफआईआर से पहले आरोपी को सुनवाई का कोई कानूनी अधिकार नहीं होता।
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में क्या निर्देश दिया?
इस सप्ताह सुप्रीम कोर्ट ने विजयन और अन्य याचिकाकर्ताओं को केरल हाईकोर्ट की उसी डिवीजन बेंच के पास जाने का निर्देश दिया, जिसने एफआईआर आदेश को सही ठहराया था। विजयन पक्ष ने पहले डिवीजन बेंच के फैसले को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी थी।
सोमवार की सुनवाई में क्या तय हो सकता है?
सोमवार की सुनवाई में यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि विजयन, वीणा और रियास की एफआईआर के खिलाफ कानूनी चुनौती हाईकोर्ट में किस दिशा में आगे बढ़ेगी। यह सुनवाई मामले में अगला निर्णायक कदम हो सकती है।
मोहम्मद रियास इस मामले में कैसे जुड़े हैं?
मोहम्मद रियास पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के दामाद हैं। वे टी. वीणा के पति हैं और इस मामले में विजयन व वीणा के साथ एफआईआर को चुनौती देने वाले याचिकाकर्ताओं में शामिल हैं।
राष्ट्र प्रेस
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