21 अक्टूबर 2026
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सुप्रीम कोर्ट ने पिनाराई विजयन के खिलाफ CMRL-एक्सलॉजिक जांच पर एक सप्ताह की अंतरिम रोक लगाई

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सुप्रीम कोर्ट ने पिनाराई विजयन के खिलाफ CMRL-एक्सलॉजिक जांच पर एक सप्ताह की अंतरिम रोक लगाई

सारांश

सर्वोच्च न्यायालय ने पिनाराई विजयन, उनकी बेटी वीणा और दामाद मोहम्मद रियास को CMRL-एक्सलॉजिक कथित रिश्वत मामले में एक सप्ताह की राहत दी। कोर्ट ने हाईकोर्ट की जल्दबाजी पर सवाल उठाते हुए डिवीजन बेंच को सुनवाई का निर्देश दिया।

मुख्य बातें

सर्वोच्च न्यायालय ने 21 अक्टूबर 2026 को केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और उनके परिजनों के खिलाफ जांच पर एक सप्ताह की अंतरिम रोक लगाई।
CMRL ने वीणा विजयन की बंद कंपनी एक्सलॉजिक सॉल्यूशंस को कथित तौर पर ₹2.78 करोड़ का फर्जी भुगतान किया था — यह ईडी का दावा है।
जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी.
मोहना की बेंच ने हाईकोर्ट की जल्दबाजी पर कड़ी आपत्ति जताई।
केरल हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने 9 अक्टूबर को वीएसीबी को एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था।
अब विजयन को हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच में अपील दायर करने का एक सप्ताह का समय मिला है।

सर्वोच्च न्यायालय ने 21 अक्टूबर 2026 को केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन, उनकी बेटी वीणा विजयन और दामाद मोहम्मद रियास को अंतरिम राहत प्रदान करते हुए कोचीन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड (CMRL)-एक्सलॉजिक सॉल्यूशंस कथित रिश्वत मामले में चल रही जांच पर एक सप्ताह के लिए रोक लगा दी। यह रोक इसलिए दी गई है ताकि विजयन केरल हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच में एफआईआर दर्ज करने के सिंगल जज के आदेश को चुनौती दे सकें।

मुख्य घटनाक्रम

जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की सर्वोच्च न्यायालय की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान केरल हाईकोर्ट की जल्दबाजी पर कड़े सवाल उठाए। बेंच ने स्पष्ट कहा कि हाईकोर्ट को दूसरे पक्ष को सुने बिना एफआईआर दर्ज करने का आदेश नहीं देना चाहिए था।

कोर्ट ने यह भी कहा, 'राज्य सरकार ने पहले ही शुरुआती जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन कर दिया है। इसलिए हाईकोर्ट को इतनी जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए थी।' खंडपीठ ने हाईकोर्ट की डबल बेंच को इस मामले में सुनवाई करने का निर्देश दिया।

मामले की पृष्ठभूमि

यह मामला CMRL और वीणा विजयन की कंपनी 'एक्सलॉजिक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड' के बीच हुए कथित अवैध वित्तीय लेन-देन से जुड़ा है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का दावा है कि CMRL ने वीणा की बंद हो चुकी कंपनी एक्सलॉजिक को आईटी परामर्श सेवाओं की आड़ में ₹2.78 करोड़ का कथित फर्जी भुगतान किया था।

गौरतलब है कि केरल हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने 9 अक्टूबर को केरल के सतर्कता और भ्रष्टाचार ब्यूरो (वीएसीबी) को एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने भी पिनाराई विजयन, वीणा और मोहम्मद रियास की अपील खारिज कर दी थी, जिसके बाद तीनों ने सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।

हाईकोर्ट की प्रक्रिया पर सवाल

सर्वोच्च न्यायालय की खंडपीठ ने यह रेखांकित किया कि हाईकोर्ट ने एफआईआर का आदेश देने से पहले विजयन पक्ष को सुनने की प्राकृतिक न्याय की बुनियादी प्रक्रिया का पालन नहीं किया। यह टिप्पणी उच्च न्यायपालिका द्वारा अधीनस्थ न्यायालयों में प्रक्रियागत त्वरा पर अंकुश का संकेत देती है।

यह ऐसे समय में आया है जब केरल की राजनीति में विपक्षी दलों ने पिनाराई विजयन और उनके परिजनों से जुड़े वित्तीय मामलों को लेकर लगातार हमलावर रुख अपना रखा है।

आगे की कानूनी प्रक्रिया

अब पिनाराई विजयन के पास एक सप्ताह का समय है जिसमें वे केरल हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच के समक्ष अपील दायर कर सकते हैं। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के अनुसार, डिवीजन बेंच इस मामले में सुनवाई करेगी। इस बीच, राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी की प्रारंभिक जांच की स्थिति भी इस कानूनी प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

प्रक्रियागत न्याय की दृष्टि से महत्वपूर्ण है — यह केवल विजयन की राहत नहीं, बल्कि अधीनस्थ न्यायालयों को एक स्पष्ट संकेत है। हालांकि, इस अंतरिम रोक को मामले की गुणवत्ता पर टिप्पणी नहीं माना जाना चाहिए — ईडी के ₹2.78 करोड़ के कथित फर्जी भुगतान के आरोप अभी भी जांच के दायरे में हैं। विजयन एक ऐसे पूर्व मुख्यमंत्री हैं जिनके परिजनों से जुड़े वित्तीय विवाद केरल की राजनीति में लंबे समय से केंद्र में रहे हैं; इस मामले का नतीजा राज्य में सत्ता और जवाबदेही की बहस को नया आयाम दे सकता है।
RashtraPress
21 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुप्रीम कोर्ट ने पिनाराई विजयन के मामले में क्या आदेश दिया?
सर्वोच्च न्यायालय ने 21 अक्टूबर 2026 को पिनाराई विजयन, वीणा विजयन और मोहम्मद रियास के खिलाफ CMRL-एक्सलॉजिक मामले में चल रही जांच पर एक सप्ताह की अंतरिम रोक लगाई। यह रोक विजयन को हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच में अपील दायर करने का अवसर देने के लिए है।
CMRL-एक्सलॉजिक मामला क्या है?
यह मामला कोचीन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड (CMRL) और पिनाराई विजयन की बेटी वीणा की कंपनी एक्सलॉजिक सॉल्यूशंस के बीच कथित अवैध वित्तीय लेन-देन से जुड़ा है। ईडी का दावा है कि CMRL ने एक्सलॉजिक को आईटी परामर्श सेवाओं की आड़ में ₹2.78 करोड़ का कथित फर्जी भुगतान किया था।
केरल हाईकोर्ट ने इस मामले में क्या आदेश दिया था?
केरल हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने 9 अक्टूबर को केरल के सतर्कता और भ्रष्टाचार ब्यूरो (वीएसीबी) को पिनाराई विजयन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने भी विजयन पक्ष की अपील खारिज कर दी थी।
सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट की प्रक्रिया पर क्या सवाल उठाए?
जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने कहा कि हाईकोर्ट को विजयन का पक्ष सुने बिना एफआईआर का आदेश नहीं देना चाहिए था। कोर्ट ने यह भी कहा कि राज्य सरकार पहले ही एसआईटी का गठन कर चुकी थी, इसलिए इतनी जल्दबाजी उचित नहीं थी।
अब इस मामले में आगे क्या होगा?
सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार, पिनाराई विजयन के पास एक सप्ताह में केरल हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच के समक्ष अपील दायर करने का अवसर है। डिवीजन बेंच इस मामले में सुनवाई करेगी और इस बीच जांच पर रोक लागू रहेगी।
राष्ट्र प्रेस
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