सुप्रीम कोर्ट 21 अक्टूबर को पिनराई विजयन परिवार की याचिका पर करेगा सुनवाई, CMRL-एक्सलॉजिक मामले में केरल HC आदेश को चुनौती
सारांश
मुख्य बातें
सर्वोच्च न्यायालय 21 अक्टूबर 2026 को केरल के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के वरिष्ठ नेता पिनराई विजयन, उनकी बेटी टी. वीना, दामाद एवं पूर्व मंत्री पी.ए. मोहम्मद रियास तथा अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई करेगा। ये याचिकाएँ केरल उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती देती हैं, जिसमें सीएमआरएल-एक्सलॉजिक कथित भुगतान मामले में विजिलेंस एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया गया था।
सुनवाई का विवरण
सर्वोच्च न्यायालय की आधिकारिक कॉज लिस्ट के अनुसार, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ बुधवार, 21 अक्टूबर को सुबह 10:30 बजे इस मामले की सुनवाई करेगी। विजयन द्वारा दायर मुख्य याचिका को 'स्पेशल लीव पिटिशन (क्रिमिनल)' के रूप में दर्ज किया गया है, जिसमें वकील के.एम. शाहजहाँ की याचिका पर उच्च न्यायालय में शुरू हुई कार्यवाही को चुनौती दी गई है।
वीना, रियास और अन्य लोगों ने भी इससे जुड़ी अलग-अलग याचिकाएँ दायर की हैं।
मुख्य घटनाक्रम
ये याचिकाएँ तब दायर की गई हैं, जब केरल उच्च न्यायालय की एक डिवीजन बेंच ने विजयन और अन्य अपीलकर्ताओं को अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। यह राहत एक सिंगल जज के 9 अक्टूबर के आदेश के विरुद्ध माँगी गई थी, जिसमें विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन ब्यूरो (वीएसीबी) को 'प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट' (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) के तहत एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया गया था।
उक्त आदेश के पश्चात विजिलेंस डायरेक्टर मनोज अब्राहम ने एक जाँच टीम गठित करने का निर्देश दिया, जिसकी निगरानी पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) थॉमसन जोस कर रहे हैं। गौरतलब है कि जस्टिस के. नटराजन और जस्टिस जॉनसन जॉन की डिवीजन बेंच ने यह सवाल भी सुरक्षित रख लिया था कि क्या विजयन, वीना, रियास व अन्य — जो मूल रिट याचिका में पक्षकार नहीं थे — सिंगल जज के आदेश को चुनौती दे सकते हैं या नहीं।
मामले की पृष्ठभूमि
यह विवाद कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) द्वारा एक्सलॉजिक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड को किए गए कथित भुगतानों से जुड़ा है। एक्सलॉजिक सॉल्यूशंस की स्थापना टी. वीना ने की थी, और ये भुगतान पिनराई विजयन की पहली सरकार के कार्यकाल के दौरान किए गए बताए जाते हैं।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का आरोप है कि एक्सलॉजिक को सीएमआरएल से उन सेवाओं के लिए ₹3.28 करोड़ प्राप्त हुए, जो कथित तौर पर कभी प्रदान की ही नहीं गईं। ईडी का दावा है कि ये भुगतान राजनीतिक प्रभाव का परिणाम थे और वास्तव में विजयन को दी गई रिश्वत थे। इस मामले में विजयन पहले आरोपी और वीना दूसरी आरोपी हैं; सीएमआरएल के मालिक शशिधरन कार्था सहित कुल सात लोगों को आरोपी बनाया गया है।
सरकार की स्थिति और अतिरिक्त पहलू
सिंगल जज ने राज्य सरकार के उस फैसले को भी रद्द कर दिया था, जिसमें प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर प्रारंभिक जाँच के लिए एक विशेष जाँच दल (एसआईटी) गठित किया गया था। यह निर्णय उन लोगों के लिए महत्त्वपूर्ण है जो यह देखना चाहते हैं कि क्या राज्य स्तर पर जाँच को न्यायिक निगरानी से बचाया जा सकता है।
आगे क्या होगा
21 अक्टूबर की सुनवाई में सर्वोच्च न्यायालय यह तय करेगा कि विजयन परिवार की याचिकाओं पर अंतरिम राहत दी जाए या नहीं। इस फैसले का असर केरल में जारी विजिलेंस जाँच की दिशा पर सीधे पड़ेगा। यह मामला केरल की राजनीति और न्यायिक प्रक्रिया दोनों के लिए एक महत्त्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है।