नीट पेपर लीक: सीबीआई की नांदेड़ में ताबड़तोड़ छापेमारी, कदम और खैरनार परिवार से पूछताछ
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने नीट पेपर लीक मामले की जांच को महाराष्ट्र के नांदेड़ ज़िले तक विस्तारित करते हुए शनिवार को विद्युत नगर इलाके में अश्विनी भाऊराव कदम के फ्लैट पर अचानक छापा मारा। एजेंसी की टीम ने आठ घंटे से अधिक समय तक दस्तावेज़ों और अन्य सामग्री की बारीकी से जांच की। यह कार्रवाई देशव्यापी जांच के तेज़ होते दौर में हुई है, जिसमें कथित तौर पर कई राज्यों में फैले पेपर लीक नेटवर्क की परतें खोली जा रही हैं।
नांदेड़ में छापेमारी की पृष्ठभूमि
जांचकर्ताओं के अनुसार, सीबीआई टीम शुक्रवार को लातूर के एक कोचिंग संस्थान से जुड़े एक ड्राइवर से पूछताछ करने के बाद सीधे नांदेड़ पहुंची। अधिकारियों को शक है कि यह ड्राइवर उस कथित नेटवर्क की एक कड़ी हो सकता है, जिसने परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र उम्मीदवारों तक पहुंचाने में मदद की।
गौरतलब है कि नीट देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा है, जिसमें हर वर्ष लाखों छात्र भाग लेते हैं। इस मामले ने तब व्यापक विवाद खड़ा किया था, जब आरोप सामने आए कि परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र के कई सवाल कुछ उम्मीदवारों तक पहुंचा दिए गए थे।
कदम परिवार पर आरोप और संदिग्ध अंक-वृद्धि
जांचकर्ताओं को संदेह है कि कदम परिवार ने कथित तौर पर ₹5 लाख देकर अपनी बेटी के लिए लीक हुआ नीट प्रश्नपत्र हासिल किया। सूत्रों के अनुसार, नांदेड़ में परीक्षा की तैयारी के दौरान संबंधित छात्रा प्रैक्टिस टेस्ट और मूल्यांकन में मात्र 100 से 120 अंक ही प्राप्त कर पा रही थी।
हालांकि, वास्तविक नीट परीक्षा में उसके अंक कथित तौर पर अचानक बढ़कर लगभग 560 हो गए — यह असाधारण उछाल जांच अधिकारियों के लिए संदेह का प्रमुख आधार बना। अधिकारियों ने छापेमारी के दौरान घर में मौजूद दस्तावेज़ और अन्य सामग्री ज़ब्त की।
खैरनार परिवार और दफ़्तर पर रविवार की तलाशी
इस मामले से जुड़े एक और बड़े घटनाक्रम में, सीबीआई की एक अलग टीम रविवार को नांदेड़ में आरोपी शुभम खैरनार से जुड़े एक दफ़्तर पहुंची और वहां तलाशी अभियान चलाया। इसके अलावा, टीम ने विद्युत नगर इलाके में ही खैरनार परिवार के घर का भी दौरा किया।
परिवार के कई सदस्यों से पेपर लीक नेटवर्क से उनके कथित संबंधों के बारे में पूछताछ की गई। अधिकारियों को संदेह है कि परिवार ने नीट प्रश्नपत्र खरीदने के लिए बड़ी रकम चुकाई होगी।
देशव्यापी जांच का दायरा
नांदेड़ में यह नई छापेमारी सीबीआई की नीट पेपर लीक मामले में बढ़ती देशव्यापी कार्रवाई का हिस्सा है। जांचकर्ता अब वित्तीय लेनदेन, कोचिंग संस्थानों से संबंधों और कथित तौर पर कई ज़िलों तथा राज्यों में पेपर लीक कराने में मदद करने वाले बिचौलियों की भूमिका की बारीकी से पड़ताल कर रहे हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने वाले छात्र संगठन और विपक्षी दल लगातार जवाब मांग रहे हैं। आगे की जांच में और परिवारों और बिचौलियों के नाम सामने आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।