नीट पेपर लीक: सीबीआई की नांदेड़ में ताबड़तोड़ छापेमारी, कदम और खैरनार परिवार से पूछताछ

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नीट पेपर लीक: सीबीआई की नांदेड़ में ताबड़तोड़ छापेमारी, कदम और खैरनार परिवार से पूछताछ

सारांश

नीट पेपर लीक की जांच अब महाराष्ट्र के नांदेड़ तक पहुंच गई है। सीबीआई ने कदम और खैरनार — दो परिवारों के घरों पर छापे मारे। एक छात्रा के अंक प्रैक्टिस में 120 से असली परीक्षा में 560 हो जाना जांचकर्ताओं के लिए सबसे बड़ा संदेह का आधार बना है।

मुख्य बातें

सीबीआई ने नांदेड़ के विद्युत नगर इलाके में अश्विनी भाऊराव कदम के फ्लैट पर 8 घंटे से अधिक तलाशी ली।
कदम परिवार पर अपनी बेटी के लिए ₹5 लाख में लीक नीट पेपर खरीदने का आरोप है।
संबंधित छात्रा के अंक प्रैक्टिस टेस्ट में 100–120 से असली परीक्षा में कथित तौर पर 560 हो गए।
रविवार को सीबीआई की अलग टीम ने आरोपी शुभम खैरनार के दफ़्तर और घर पर भी तलाशी ली।
जांच टीम लातूर के एक कोचिंग संस्थान से जुड़े ड्राइवर से पूछताछ के बाद नांदेड़ पहुंची थी।
सीबीआई अब वित्तीय लेनदेन, कोचिंग संस्थानों और कई राज्यों में फैले बिचौलिया नेटवर्क की जांच कर रही है।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने नीट पेपर लीक मामले की जांच को महाराष्ट्र के नांदेड़ ज़िले तक विस्तारित करते हुए शनिवार को विद्युत नगर इलाके में अश्विनी भाऊराव कदम के फ्लैट पर अचानक छापा मारा। एजेंसी की टीम ने आठ घंटे से अधिक समय तक दस्तावेज़ों और अन्य सामग्री की बारीकी से जांच की। यह कार्रवाई देशव्यापी जांच के तेज़ होते दौर में हुई है, जिसमें कथित तौर पर कई राज्यों में फैले पेपर लीक नेटवर्क की परतें खोली जा रही हैं।

नांदेड़ में छापेमारी की पृष्ठभूमि

जांचकर्ताओं के अनुसार, सीबीआई टीम शुक्रवार को लातूर के एक कोचिंग संस्थान से जुड़े एक ड्राइवर से पूछताछ करने के बाद सीधे नांदेड़ पहुंची। अधिकारियों को शक है कि यह ड्राइवर उस कथित नेटवर्क की एक कड़ी हो सकता है, जिसने परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र उम्मीदवारों तक पहुंचाने में मदद की।

गौरतलब है कि नीट देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा है, जिसमें हर वर्ष लाखों छात्र भाग लेते हैं। इस मामले ने तब व्यापक विवाद खड़ा किया था, जब आरोप सामने आए कि परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र के कई सवाल कुछ उम्मीदवारों तक पहुंचा दिए गए थे।

कदम परिवार पर आरोप और संदिग्ध अंक-वृद्धि

जांचकर्ताओं को संदेह है कि कदम परिवार ने कथित तौर पर ₹5 लाख देकर अपनी बेटी के लिए लीक हुआ नीट प्रश्नपत्र हासिल किया। सूत्रों के अनुसार, नांदेड़ में परीक्षा की तैयारी के दौरान संबंधित छात्रा प्रैक्टिस टेस्ट और मूल्यांकन में मात्र 100 से 120 अंक ही प्राप्त कर पा रही थी।

हालांकि, वास्तविक नीट परीक्षा में उसके अंक कथित तौर पर अचानक बढ़कर लगभग 560 हो गए — यह असाधारण उछाल जांच अधिकारियों के लिए संदेह का प्रमुख आधार बना। अधिकारियों ने छापेमारी के दौरान घर में मौजूद दस्तावेज़ और अन्य सामग्री ज़ब्त की।

खैरनार परिवार और दफ़्तर पर रविवार की तलाशी

इस मामले से जुड़े एक और बड़े घटनाक्रम में, सीबीआई की एक अलग टीम रविवार को नांदेड़ में आरोपी शुभम खैरनार से जुड़े एक दफ़्तर पहुंची और वहां तलाशी अभियान चलाया। इसके अलावा, टीम ने विद्युत नगर इलाके में ही खैरनार परिवार के घर का भी दौरा किया।

परिवार के कई सदस्यों से पेपर लीक नेटवर्क से उनके कथित संबंधों के बारे में पूछताछ की गई। अधिकारियों को संदेह है कि परिवार ने नीट प्रश्नपत्र खरीदने के लिए बड़ी रकम चुकाई होगी।

देशव्यापी जांच का दायरा

नांदेड़ में यह नई छापेमारी सीबीआई की नीट पेपर लीक मामले में बढ़ती देशव्यापी कार्रवाई का हिस्सा है। जांचकर्ता अब वित्तीय लेनदेन, कोचिंग संस्थानों से संबंधों और कथित तौर पर कई ज़िलों तथा राज्यों में पेपर लीक कराने में मदद करने वाले बिचौलियों की भूमिका की बारीकी से पड़ताल कर रहे हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने वाले छात्र संगठन और विपक्षी दल लगातार जवाब मांग रहे हैं। आगे की जांच में और परिवारों और बिचौलियों के नाम सामने आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

परिवारों और संभवतः परीक्षा तंत्र के भीतरी लोगों को जोड़ता है। प्रैक्टिस में 120 और असली परीक्षा में 560 अंक — यह आंकड़ा अपने आप में एक सवाल है जिसका जवाब सिर्फ सीबीआई नहीं, पूरी परीक्षा प्रणाली को देना है। असली चिंता यह है कि जांच अभी भी व्यक्तियों पर केंद्रित है, जबकि संस्थागत चूक — जिसने इस लीक को संभव बनाया — पर जवाबदेही अभी तय नहीं हुई है।
RashtraPress
17 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नांदेड़ में सीबीआई ने किस पर छापा मारा?
सीबीआई ने नांदेड़ के विद्युत नगर इलाके में अश्विनी भाऊराव कदम के फ्लैट और आरोपी शुभम खैरनार के दफ़्तर व घर पर छापा मारा। कदम परिवार पर ₹5 लाख में लीक नीट पेपर खरीदने का आरोप है, जबकि खैरनार से पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े कथित संबंधों के बारे में पूछताछ की गई।
नीट पेपर लीक मामले में कदम परिवार पर क्या आरोप है?
आरोप है कि कदम परिवार ने अपनी बेटी के लिए ₹5 लाख देकर लीक हुआ नीट प्रश्नपत्र हासिल किया। संदेह तब गहरा हुआ जब छात्रा के अंक प्रैक्टिस टेस्ट में 100–120 से बढ़कर असली नीट परीक्षा में कथित तौर पर लगभग 560 हो गए।
सीबीआई नांदेड़ तक कैसे पहुंची?
जांचकर्ता लातूर के एक कोचिंग संस्थान से जुड़े एक ड्राइवर से पूछताछ के बाद सीधे नांदेड़ पहुंचे। यह ड्राइवर उस कथित नेटवर्क की एक कड़ी माना जा रहा है जिसने पेपर लीक कराने में मदद की।
नीट पेपर लीक मामले में जांच का दायरा कितना बड़ा है?
सीबीआई की जांच अब कई राज्यों और ज़िलों तक फैल चुकी है। जांचकर्ता वित्तीय लेनदेन, कोचिंग संस्थानों से संबंध और बिचौलियों की भूमिका की पड़ताल कर रहे हैं। नांदेड़ इस देशव्यापी जांच में सामने आया नवीनतम केंद्र है।
नीट पेपर लीक का विवाद कब शुरू हुआ?
यह मामला तब सुर्खियों में आया जब आरोप सामने आए कि परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र के कई सवाल कुछ उम्मीदवारों तक पहुंचा दिए गए थे। इसके बाद सीबीआई ने देशव्यापी जांच शुरू की, जो अब महाराष्ट्र के नांदेड़ तक पहुंच गई है।
राष्ट्र प्रेस
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