गाजियाबाद में अत्याधुनिक जूता परीक्षण प्रयोगशाला शुरू, एमएसएमई और निर्यातकों को मिलेगी किफायती गुणवत्ता जाँच
सारांश
मुख्य बातें
केंद्र सरकार के उपभोक्ता मामलों के विभाग ने 17 मई 2025 को घोषणा की कि गाजियाबाद स्थित राष्ट्रीय परीक्षण केंद्र (NTH), उत्तरी क्षेत्र में एक अत्याधुनिक जूता परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित की गई है। यह सुविधा देशभर के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME), निर्माताओं, निर्यातकों, उपभोक्ताओं और नियामक प्राधिकरणों को व्यापक, विश्वसनीय और उच्च-सटीकता वाली फुटवियर परीक्षण सेवाएँ प्रदान करेगी।
प्रयोगशाला में क्या है खास
NTH गाजियाबाद की यह उन्नत प्रयोगशाला आधुनिक परीक्षण उपकरणों और विकसित अवसंरचना से सुसज्जित है। यह प्रासंगिक भारतीय मानकों (IS) के अनुरूप विभिन्न श्रेणियों के फुटवियर उत्पादों का मूल्यांकन करने में सक्षम है।
परीक्षण के दायरे में औद्योगिक जूते, चमड़े के जूते, PVC जूते, सैंडल और चप्पल, बच्चों के जूते, खेल के जूते तथा औद्योगिक एवं जोखिमपूर्ण कार्य-वातावरण के लिए विशेष सुरक्षात्मक जूते शामिल हैं।
सरकार की मंशा और बयान
उपभोक्ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया, 'इस अत्याधुनिक सुविधा की स्थापना तेजी से बढ़ते जूता क्षेत्र के लिए भारत के गुणवत्ता आश्वासन बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने और भारत की विनिर्माण प्रतिस्पर्धात्मकता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।'
बयान में यह भी स्पष्ट किया गया कि प्रयोगशाला सुरक्षा, टिकाऊपन, आराम और कार्यक्षमता के उच्च मानकों को सुनिश्चित करने के लिए व्यापक प्रदर्शन एवं गुणवत्ता परीक्षण करेगी। विशेष रूप से MSME और छोटे पैमाने के निर्माताओं के लिए परीक्षण शुल्क तुलनात्मक रूप से किफायती रखे गए हैं, ताकि गुणवत्ता मूल्यांकन सुलभ हो सके।
रणनीतिक स्थान का महत्व
दिल्ली-NCR, कानपुर और आगरा जैसे प्रमुख जूता निर्माण केंद्रों के निकट स्थित होने के कारण यह प्रयोगशाला उत्तर भारत के फुटवियर उद्योग के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत उपयुक्त है। इससे नमूनों की त्वरित जाँच, रसद लागत में कमी और समग्र पहुँच में सुधार होगा।
गौरतलब है कि भारत दुनिया के सबसे बड़े फुटवियर उत्पादकों में से एक है, और इस क्षेत्र में MSME की भागीदारी सर्वाधिक है। ऐसे में एक सरकारी परीक्षण केंद्र का निकट होना छोटे उद्यमों के लिए निर्यात-गुणवत्ता प्रमाणन की राह आसान करता है।
एमएसएमई और निर्यातकों पर असर
अब तक अनेक छोटे फुटवियर निर्माताओं को गुणवत्ता परीक्षण के लिए दूरस्थ प्रयोगशालाओं पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे समय और लागत दोनों बढ़ते थे। NTH गाजियाबाद की इस नई सुविधा से परीक्षण चक्र छोटा होगा और निर्यात प्रमाणन प्रक्रिया तेज होगी। आलोचकों का कहना है कि इसका वास्तविक लाभ तभी मिलेगा जब प्रयोगशाला की क्षमता और परीक्षण की बारी-बारी की प्रक्रिया पारदर्शी हो।
आगे क्या
सरकार की ओर से अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि प्रयोगशाला की वार्षिक परीक्षण क्षमता कितनी होगी या पंजीकरण प्रक्रिया कैसे होगी। उद्योग संगठनों की प्रतिक्रिया और MSME की वास्तविक पहुँच पर नज़र रखना आवश्यक होगा।