पवित्रा मार्गेरिटा का डोमिनिका दौरा: कालिनागो समुदाय के लिए भारत-यूएनडीपी साझेदारी का संकल्प दोहराया
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री पवित्रा मार्गेरिटा ने 17 मई 2025 को डोमिनिका के कालिनागो टेरिटरी का दौरा किया और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) के साथ नई दिल्ली की साझेदारी के माध्यम से कालिनागो समुदाय के विकास में भारत की प्रतिबद्धता को पुनः रेखांकित किया। यह दौरा होंडुरास और बेलीज की यात्रा के बाद कैरिबियाई क्षेत्र में भारत की कूटनीतिक सक्रियता का हिस्सा है।
कालिनागो टेरिटरी दौरा और भारत की प्रतिबद्धता
मार्गेरिटा ने एक्स पर साझा किए गए बयान में कहा, 'डोमिनिका के मूल निवासी कालिनागो समुदाय के घर, खूबसूरत कालिनागो टेरिटरी का दौरा करके खुशी हुई। भारत यूएनडीपी के साथ हमारी साझेदारी के ज़रिए कालिनागो समुदाय का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है।' उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत, साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और दक्षिण-दक्षिण सहयोग के आधार पर डोमिनिका के साथ मित्रता को और गहरा करने के लिए संकल्पबद्ध है।
तीन क्विक इम्पैक्ट प्रोजेक्ट साइट्स का निरीक्षण
मंत्री मार्गेरिटा ने डोमिनिका के ग्रैंड बे और सेंट फोंड जीन में तीन क्विक इम्पैक्ट प्रोजेक्ट (QIP) स्थलों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि ये अनुदान-सहायता परियोजनाएँ डोमिनिका में सामुदायिक विकास के प्रति भारत की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। इस अवसर पर उन्होंने डॉ. विंस हेंडरसन और डोमिनिका सरकार के सहयोग के प्रति आभार भी व्यक्त किया।
विदेश मंत्री हेंडरसन से द्विपक्षीय वार्ता
इससे एक दिन पूर्व, शनिवार को मार्गेरिटा ने डोमिनिका के विदेश, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा मंत्री विंस हेंडरसन से मुलाकात की। दोनों पक्षों के बीच फार्माकोपिया पर एक समझौता ज्ञापन (MoU) और एक क्विक इम्पैक्ट प्रोजेक्ट पर अलग MoU का आदान-प्रदान हुआ। बैठक में स्वास्थ्य और कृषि मंत्री से भी चर्चा की गई, जो द्विपक्षीय सहयोग के विस्तार का संकेत देती है।
डोमिनिका की पहली महिला राष्ट्रपति से भेंट
मार्गेरिटा ने डोमिनिका की पहली महिला राष्ट्रपति सिल्वेनी बर्टन से भी भेंट की, जो स्वयं मूल निवासी कालिनागो समुदाय से हैं। उन्होंने भारत की राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की ओर से शुभकामनाएँ प्रेषित कीं तथा दोनों देशों के बीच संबंधों को और सुदृढ़ करने के उपायों पर विचार-विमर्श किया। गौरतलब है कि डोमिनिका में कालिनागो समुदाय का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व है, और राष्ट्रपति बर्टन का इस समुदाय से होना इस भेंट को विशेष प्रतीकात्मक महत्व देता है।
भारत-कैरिबियाई कूटनीति का व्यापक संदर्भ
यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब भारत, दक्षिण-दक्षिण सहयोग के अंतर्गत कैरिबियाई और लैटिन अमेरिकी देशों के साथ अपने कूटनीतिक और विकास-सहयोग संबंधों को नई ऊँचाई देने में जुटा है। दो MoU का आदान-प्रदान और QIP स्थलों का निरीक्षण यह दर्शाता है कि भारत की सहायता परियोजनाएँ ज़मीनी स्तर पर क्रियान्वित हो रही हैं। आने वाले समय में भारत-डोमिनिका संबंध स्वास्थ्य, कृषि और ऊर्जा क्षेत्रों में और गहरे होने की संभावना है।