शेयर बाजार में बड़ा झटका: शीर्ष 10 में से 7 कंपनियों का मार्केटकैप 2 लाख करोड़ डूबा, TCS सबसे बड़ा शिकार
सारांश
Key Takeaways
- शीर्ष 10 में से 7 कंपनियों का संयुक्त मार्केटकैप 20-24 अप्रैल 2025 के सप्ताह में 2 लाख करोड़ रुपए से अधिक घट गया।
- TCS को सर्वाधिक 66,699.44 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ, मार्केटकैप घटकर 8,67,364.12 करोड़ रह गया।
- रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केटकैप 50,670.34 करोड़ घटा, फिर भी 17,96,647.50 करोड़ के साथ देश की नंबर एक कंपनी बनी रही।
- सेंसेक्स 1,829.33 अंक (2.33%25) और निफ्टी 455.60 अंक (1.87%25) की गिरावट के साथ बंद हुए।
- HUL (+20,652 करोड़), SBI (+19,522 करोड़) और बजाज फाइनेंस (+8,253 करोड़) के मार्केटकैप में वृद्धि दर्ज हुई।
- वैश्विक टैरिफ अनिश्चितता और FII की बिकवाली इस सप्ताह बाजार गिरावट की मुख्य वजह रही।
मुंबई। भारतीय शेयर बाजार में 20 से 24 अप्रैल 2025 के कारोबारी सप्ताह के दौरान भारी बिकवाली देखी गई, जिसके चलते देश की शीर्ष 10 कंपनियों में से 7 का संयुक्त मार्केटकैप दो लाख करोड़ रुपए से अधिक घट गया। सबसे अधिक नुकसान टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) और रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) को उठाना पड़ा। इस गिरावट के बीच सेंसेक्स 1,829.33 अंक यानी 2.33 प्रतिशत टूटकर 76,664.21 पर और निफ्टी 455.60 अंक यानी 1.87 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 23,897.95 पर बंद हुआ।
किन कंपनियों को हुआ सर्वाधिक नुकसान?
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) इस सप्ताह सबसे बड़ी पीड़ित कंपनी रही। कंपनी का बाजार पूंजीकरण 66,699.44 करोड़ रुपए की भारी गिरावट के साथ घटकर 8,67,364.12 करोड़ रुपए रह गया। TCS के शेयरों में यह गिरावट मुख्यतः वैश्विक आईटी क्षेत्र पर मंडराते अनिश्चितता के बादलों और अमेरिकी टैरिफ नीतियों के कारण मानी जा रही है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार मूल्यांकन 50,670.34 करोड़ रुपए घटकर 17,96,647.50 करोड़ रुपए पर आ गया। हालांकि साप्ताहिक नुकसान के बावजूद RIL देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी रही।
HDFC बैंक के मार्केटकैप में 23,090.05 करोड़ रुपए की गिरावट दर्ज हुई और यह 12,08,225.48 करोड़ रुपए पर आ गया। भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) का बाजार पूंजीकरण 19,670.75 करोड़ रुपए घटकर 5,13,020.56 करोड़ रुपए हो गया।
भारती एयरटेल के शेयरों में 19,406.59 करोड़ रुपए की गिरावट आई और इसका मूल्यांकन 11,05,718.62 करोड़ रुपए पर सिमट गया। ICICI बैंक का मार्केटकैप 14,663.27 करोड़ रुपए घटकर 9,50,345.40 करोड़ रुपए और लार्सन एंड टुब्रो (L&T) का बाजार मूल्यांकन 11,142.62 करोड़ रुपए घटकर 5,52,171.88 करोड़ रुपए हो गया।
किन कंपनियों को हुआ फायदा?
गिरावट के इस दौर में हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (HUL), स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और बजाज फाइनेंस के मार्केटकैप में इजाफा देखा गया। HUL का बाजार मूल्यांकन 20,652.91 करोड़ रुपए बढ़कर 5,47,219.80 करोड़ रुपए हो गया।
SBI के मार्केटकैप में 19,522.76 करोड़ रुपए की वृद्धि हुई और यह 10,16,752.53 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। बजाज फाइनेंस का बाजार पूंजीकरण 8,253.64 करोड़ रुपए बढ़कर 5,73,690.81 करोड़ रुपए हो गया।
बाजार में गिरावट की वजह क्या रही?
विश्लेषकों के अनुसार, इस सप्ताह बाजार में गिरावट के पीछे कई कारण रहे — अमेरिकी टैरिफ नीति को लेकर वैश्विक अनिश्चितता, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली, और आईटी क्षेत्र में कमजोर आय अनुमान प्रमुख रहे। गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों में FII भारतीय बाजार से लगातार पूंजी निकाल रहे हैं, जो बाजार पर दबाव बनाए हुए है।
यह भी उल्लेखनीय है कि TCS ने हाल ही में अपने तिमाही नतीजों में राजस्व वृद्धि की गति धीमी होने के संकेत दिए थे, जिसका असर निवेशकों की धारणा पर पड़ा। वैश्विक स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती प्रतिस्पर्धा और पश्चिमी देशों में आईटी खर्च में कटौती भी भारतीय आईटी कंपनियों पर दबाव का कारण बन रही है।
बाजार पूंजीकरण की वर्तमान रैंकिंग
साप्ताहिक उतार-चढ़ाव के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज अभी भी भारत की नंबर एक सबसे मूल्यवान कंपनी बनी हुई है। इसके बाद क्रमशः HDFC बैंक, भारती एयरटेल, SBI, ICICI बैंक, TCS, बजाज फाइनेंस, L&T, HUL और LIC का स्थान है।
आने वाले सप्ताह में बाजार की दिशा काफी हद तक वैश्विक व्यापार नीतियों, RBI की मौद्रिक नीति और प्रमुख कंपनियों के तिमाही परिणामों पर निर्भर करेगी। निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।