अमित शाह: गुजरात का 'मिलियन माइंड्स टेक सिटी' SEZ, ₹15,000 करोड़ निवेश और 63,000 नौकरियों का लक्ष्य
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 17 मई 2025 को अहमदाबाद में गुजरात के पहले एसईजेड आईटी पार्क 'मिलियन माइंड्स टेक सिटी' के उद्घाटन के अवसर पर कहा कि गुजरात ने आजादी के समय से ही देश के औद्योगिक विकास में अग्रणी भूमिका निभाई है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि 2002 से 2026 के बीच गुजरात की औद्योगिक यात्रा ने वैश्विक स्तर पर राज्य को एक विशिष्ट पहचान दिलाई है।
मुख्य घटनाक्रम
त्रागड़ में स्थित इस परियोजना के पहले चरण का उद्घाटन करते हुए शाह ने बताया कि यह चरण लगभग ₹1,100 करोड़ की लागत से 13.5 लाख वर्ग फुट भूमि पर विकसित किया जा रहा है। इस चरण में 9,000 उच्च-कुशल पेशेवरों के लिए कार्यस्थल उपलब्ध होगा। पूरी सात-चरणीय परियोजना से अगले पाँच वर्षों में ₹15,000 करोड़ का निवेश और 63,000 से अधिक उच्च-मूल्य वाली नौकरियाँ सृजित होने की उम्मीद है।
गुजरात के औद्योगिक विकास की विरासत
शाह ने कहा कि गुजराती समाज ने परंपरागत रूप से उद्यमशीलता और साहसिकता को अपनाया है, यही कारण है कि इंडस्ट्री क्षेत्र में गुजरात जैसा सुव्यवस्थित विकास अन्य राज्यों में कम देखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री बनने के बाद औद्योगिक विकास को एक व्यवस्थित स्वरूप मिला, जिसमें ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और उद्यमिता-आधारित विकास मॉडल को वैश्विक मान्यता प्राप्त हुई।
भारत की तकनीकी महत्वाकांक्षा
शाह ने कहा कि भारत अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, ऑटोनॉमस सिस्टम, साइबर सुरक्षा, रक्षा तकनीक और अंतरिक्ष तकनीक जैसे उभरते क्षेत्रों में एक संस्थापक राष्ट्र के रूप में खुद को स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा, 'एआई और डीप टेक ही भविष्य की अर्थव्यवस्था हैं।' उनके अनुसार, एक समय था जब भारत कई क्षेत्रों में पीछे था, लेकिन आज वह उन सभी क्षेत्रों में मज़बूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है जो अगले 25 वर्षों में वैश्विक अर्थव्यवस्था को आकार देंगे।
इकोसिस्टम और युवा प्रतिभा
शाह ने ज़ोर देकर कहा कि उभरती तकनीकों के लिए अत्यधिक कुशल युवाओं के एक बड़े समूह और आधुनिक बुनियादी ढाँचे की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा, 'बुद्धिमत्ता तो पहले से ही मौजूद है — हमें उन्हें जगह, माहौल और सहयोग भी देना होगा।' उनके अनुसार, 'मिलियन माइंड्स टेक सिटी' जैसे टेक्नोलॉजी पार्क इस तरह का इकोसिस्टम तैयार करने में सहायक होंगे। यह ऐसे समय में आया है जब पिछले कुछ वर्षों में टेक्नोलॉजी पार्क और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) पर बढ़ते ज़ोर के साथ गुजरात की आर्थिक गतिविधियों में उल्लेखनीय बदलाव आ रहा है।
आगे की राह
शाह ने यह भी रेखांकित किया कि वैश्विक बदलावों के साथ कदम मिलाने के लिए भारत को शहरी नियोजन और बुनियादी ढाँचे के विकास में कुशल नेतृत्व और आधुनिक सोच की आवश्यकता है। गौरतलब है कि 'मिलियन माइंड्स टेक सिटी' की सात-चरणीय परियोजना गुजरात को देश के डीप-टेक मानचित्र पर एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।