गुजरात में 1 लाख युवाओं को मिलेगा उद्योग-उन्मुख प्रशिक्षण, NGKRM के तहत 250+ संस्थान जुड़े
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 में राज्य के 1 लाख युवाओं को उद्योग-केंद्रित कौशल प्रशिक्षण देने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में शुरू किए गए 'नमो गुजरात कौशल एवं रोजगार मिशन' (NGKRM) के अंतर्गत 250 से अधिक औद्योगिक इकाइयों और शैक्षणिक संस्थानों ने भागीदारी के लिए अपने प्रस्ताव दिए हैं। गांधीनगर से मिली जानकारी के अनुसार, यह पहल 'विकसित गुजरात@2047' के दृष्टिकोण को ज़मीन पर उतारने की दिशा में राज्य का अब तक का सबसे बड़ा कौशल विकास कदम है।
मिशन की रूपरेखा और GIAS की भूमिका
NGKRM की प्रमुख संरचना 'गुजरात इंस्टीट्यूट्स फॉर एडवांस्ड स्किल्स' (GIAS) है, जो राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढाँचा (NSQF) के स्तर 1 से 8 तक के अल्पकालिक और दीर्घकालिक व्यावसायिक पाठ्यक्रम संचालित करेगा। यह ढाँचा मौजूदा विभिन्न कौशल योजनाओं को एकीकृत कर एकल प्लेटफॉर्म पर लाता है। कार्यक्रम को चरणबद्ध रूप से विस्तार देते हुए सालाना 5 लाख प्रशिक्षणार्थियों तक पहुँचाने की दीर्घकालिक योजना है।
कौन-से उद्योग और संस्थान शामिल हैं
इस मिशन में भाग लेने के लिए जिन प्रमुख संस्थानों ने रुचि दिखाई है, उनमें L&T, ArcelorMittal Group, International Automobile Centre of Excellence – Maruti Suzuki, Tata Indian Institute of Skills, New Education Foundation, Bonanza LLP, e-Khodiyar Solutions Private Limited और Ganpat University शामिल हैं। इन भागीदारियों से प्रशिक्षण को सीधे उद्योग की माँग से जोड़ने का प्रयास किया गया है।
किन क्षेत्रों में मिलेगा प्रशिक्षण
श्रम, कौशल विकास और रोजगार राज्य मंत्री कांतिलाल अमृतिया ने बताया कि यह मिशन निर्माण कार्य, हेल्थकेयर, IT-ITeS, इलेक्ट्रॉनिक्स, पर्यटन, लॉजिस्टिक्स, एयरोस्पेस, फूड प्रोसेसिंग और मीडिया सहित 20 प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में प्रशिक्षण देगा। इसके साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), ब्लॉकचेन, साइबर सिक्योरिटी, सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग, डेटा साइंस और ड्रोन टेक्नोलॉजी जैसे 12 नवोन्मेषी तकनीकी क्षेत्रों में भी भविष्य-केंद्रित कौशल विकसित किए जाएंगे।
लाभार्थी और वित्तीय सहायता
प्रशिक्षण कार्यक्रम 14 से 59 वर्ष की आयु के व्यक्तियों के लिए खुला है, जिसमें महिलाएँ, अनुसूचित जाति-जनजाति समुदाय, दिव्यांग व्यक्ति, e-Shram और e-Nirman पोर्टल पर पंजीकृत श्रमिक, अनौपचारिक क्षेत्र के कामगार और बेरोजगार युवा शामिल हैं। प्रशिक्षण पूर्णतः निःशुल्क होगा और प्रमाणपत्र प्राप्त करने के बाद प्रत्येक 120 घंटे के प्रशिक्षण पर ₹500 की वित्तीय सहायता सीधे आधार-लिंक्ड बैंक खाते में DBT के माध्यम से दी जाएगी।
तकनीकी निगरानी और पारदर्शिता
श्रम, कौशल विकास और रोजगार मंत्री कुंवरजी बावलिया के अनुसार, सभी प्रशिक्षण केंद्रों पर जियो-फेंस्ड, फेस-रिकग्निशन आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली, 90 दिनों के वीडियो स्टोरेज वाले CCTV सर्विलांस और ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी अनिवार्य होगी। उपस्थिति, मूल्यांकन, सर्टिफिकेशन और प्लेसमेंट ट्रैकिंग — सब कुछ NGKRM के एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संचालित होगा। प्रशिक्षण प्रदाताओं को प्रशिक्षुओं के पंजीकरण, सर्टिफिकेशन और प्लेसमेंट परिणामों के आधार पर प्रदर्शन-आधारित भुगतान किया जाएगा। चयनित साझेदार संस्थानों को तीन वर्ष के लिए पैनल में शामिल किया जाएगा, जिसे प्रदर्शन के आधार पर दो वर्षों तक और बढ़ाया जा सकता है। एम्पैनलमेंट की प्रक्रिया वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान निरंतर खुली रहेगी।