गुजरात की 'विकसित औद्योगिक नीति-2026': ₹10 लाख करोड़ निवेश और महिला सशक्तिकरण का लक्ष्य
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने 29 जून 2026 को वडोदरा में 'वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस' के उद्घाटन सत्र में घोषणा की कि राज्य ने अपनी नई 'विकसित गुजरात औद्योगिक नीति-2026' के तहत अगले पाँच वर्षों में ₹10 लाख करोड़ का नया निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। संघवी ने स्पष्ट किया कि सरकार इस बार केवल नियामक की भूमिका में नहीं, बल्कि उद्योग की साझेदार बनकर काम करेगी।
नीति की मुख्य विशेषताएँ
संघवी के अनुसार, 'विकसित गुजरात औद्योगिक नीति-2026' केवल वित्तीय प्रोत्साहन तक सीमित नहीं है — इसका मूल जोर उद्यमिता और समावेशी विकास पर है। उन्होंने कहा, "इस पॉलिसी की सबसे अच्छी बात महिलाओं का सशक्तिकरण है।" नीति के तहत महिला उद्यमियों को मौजूदा प्रावधानों के अतिरिक्त 1 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज सहायता मिलेगी। इसके साथ ही योग्य लागत का 75 प्रतिशत तक पाँच वर्षों के लिए किराया सहायता और कार्यस्थल पर लौटने वाली महिलाओं के लिए स्किल रिफ्रेशर कार्यक्रम भी शामिल किए गए हैं।
मेगा और अल्ट्रा-मेगा परियोजनाओं के लिए विशेष प्रावधान
₹10,000 करोड़ या उससे अधिक के निवेश वाली और लगभग 3,000 उच्च-वेतन रोज़गार सृजित करने वाली मेगा एवं अल्ट्रा-मेगा परियोजनाओं के लिए एक अलग सहायता तंत्र बनाया गया है। इन परियोजनाओं को बेहतर प्रोत्साहन मिलेंगे, जिनमें स्थिर पूँजी निवेश से जुड़ी सहायता भी शामिल है। इसके अलावा, दिव्यांग व्यक्तियों को रोज़गार देने वाली कंपनियों को 5 से 10 वर्षों तक व्यय प्रतिपूर्ति का प्रावधान भी किया गया है।
प्रशासनिक सुधार और 'जीरो रेड टेप' मॉडल
संघवी ने बताया कि पिछले दो वर्षों में प्रोत्साहन वितरण 55 प्रतिशत बढ़कर ₹7,888 करोड़ हो गया है। इसी अवधि में आवश्यक दस्तावेज़ों की संख्या में 41 प्रतिशत की कमी आई और लंबित फाइलों में 95 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। वर्तमान में राज्य सरकार प्रतिदिन लगभग 392 उद्योग प्रोत्साहन फाइलें निपटा रही है और इस संख्या को आने वाले महीनों में 500 तक ले जाने का लक्ष्य है।
विकसित भारत-2047 से जुड़ाव
उपमुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के '2047 तक विकसित भारत' के विज़न का उल्लेख करते हुए कहा कि गुजरात इस राष्ट्रीय लक्ष्य को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में यह निवेश लाने का संकल्प दोहराया। यह ऐसे समय में आया है जब 'वाइब्रेंट गुजरात' प्लेटफॉर्म एक निवेश सम्मेलन से आगे बढ़कर निवेशकों, स्टार्टअप्स और उद्योग जगत के नेताओं को जोड़ने का एक स्थायी माध्यम बन चुका है।