विकसित गुजरात औद्योगिक नीति-2026 लॉन्च: हर्ष संघवी ने R&D, त्वरित अनुमोदन और निवेश प्रतिधारण को बताया प्राथमिकता
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने सोमवार, 15 जून 2026 को गांधीनगर में 'विकसित गुजरात औद्योगिक नीति-2026' के शुभारंभ पर उद्योगपतियों और नीति-हितधारकों को संबोधित करते हुए अनुसंधान एवं विकास (R&D), प्रोत्साहनों की त्वरित डिलीवरी और राज्य में निवेश प्रतिधारण को इस नीति के तीन मूल स्तंभ बताया। उन्होंने इसे उभरते उद्योगों और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए गुजरात को दीर्घकालिक रूप से तैयार करने की रणनीतिक पहल करार दिया।
नीति के मुख्य उद्देश्य
संघवी ने स्पष्ट किया कि विकसित गुजरात औद्योगिक नीति-2026 केवल नए निवेश आकर्षित करने तक सीमित नहीं है — इसका उद्देश्य पहले से स्थापित उद्योगों को राज्य में टिकाए रखना और उनकी विस्तार-क्षमता को बढ़ाना भी है। उन्होंने कहा कि गुजरात की औद्योगिक उपलब्धियाँ सरकार और उद्यमियों के साझा प्रयासों का परिणाम हैं, और यह नई नीति भारत के अग्रणी विनिर्माण केंद्र के रूप में राज्य की स्थिति को और सुदृढ़ करेगी।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, वित्त मंत्री कानू देसाई, वरिष्ठ मंत्री जीतू वाघानी, उद्योग राज्य मंत्री जयराम गामित, मुख्य सचिव एम.के. दास, उद्योग एवं खान विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव ममता वर्मा, वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव टी. नटराजन और उद्योग आयुक्त पी. स्वरूप उपस्थित रहे।
गुजरात की आर्थिक भूमिका: आँकड़े जो बोलते हैं
संघवी ने रेखांकित किया कि गुजरात राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में अपने भौगोलिक और जनसांख्यिकीय आकार से कहीं अधिक योगदान दे रहा है। यद्यपि राज्य भारत के कुल भूभाग का लगभग 5 प्रतिशत और जनसंख्या का लगभग 6 प्रतिशत है, तथापि यह देश के विनिर्माण उत्पादन में 18 प्रतिशत से अधिक और राष्ट्रीय जीडीपी में 8.2 प्रतिशत का योगदान करता है।
यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार भी विनिर्माण क्षेत्र को जीडीपी में 25 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। उन्होंने यह भी बताया कि भारत के लगभग 40 प्रतिशत माल ढुलाई का काम गुजरात में होता है और देश के लगभग एक-तिहाई निर्यात इसी राज्य से होते हैं। गौरतलब है कि गुजरात में देश में सर्वाधिक लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) भी हैं।
मुख्यमंत्री पटेल और PM मोदी की सराहना
उपमुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने किसानों, युवाओं, महिलाओं और समाज के विभिन्न वर्गों की चुनौतियों के समाधान के लिए एक विचारशील, जन-केंद्रित दृष्टिकोण के साथ निरंतर कार्य किया है। संघवी के अनुसार, पटेल ने सच्चे अर्थों में जनता के संरक्षक की भूमिका निभाई है।
संघवी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी धन्यवाद देते हुए कहा कि मोदी के मुख्यमंत्री काल से लेकर अब तक के 22 वर्षों में गुजरात की अर्थव्यवस्था में 20 गुना वृद्धि हुई है।
आगे की राह
नीति के क्रियान्वयन की ज़िम्मेदारी उद्योग एवं खान विभाग पर होगी। हितधारकों और उद्योग संगठनों ने इस नीति का स्वागत किया है, हालाँकि विशेषज्ञों का मानना है कि R&D प्रोत्साहनों और त्वरित अनुमोदन तंत्र की वास्तविक परीक्षा क्रियान्वयन के स्तर पर होगी। गुजरात सरकार का यह कदम राज्य को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में और केंद्रीय भूमिका दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।