गुजरात में ₹2,999 करोड़ से अधिक की औद्योगिक परियोजनाओं को हरी झंडी, 6,100 से ज़्यादा नौकरियों का अनुमान
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात सरकार ने 27 जुलाई 2026 को विभिन्न प्रोत्साहन योजनाओं के अंतर्गत ₹2,999 करोड़ से अधिक के पूंजी निवेश वाली अनेक औद्योगिक परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की। इन परियोजनाओं से राज्य भर में विनिर्माण, औद्योगिक अवसंरचना और रोज़गार सृजन को नई गति मिलने की उम्मीद है। सरकार के अनुसार, इन प्रस्तावों से 6,100 से अधिक प्रत्यक्ष रोज़गार सृजित होने का अनुमान है।
उच्च स्तरीय समिति की बैठक में निर्णय
ये स्वीकृतियाँ उपमुख्यमंत्री एवं उद्योग मंत्री हर्ष संघवी की अध्यक्षता में आयोजित उच्च स्तरीय समिति की बैठकों के दौरान दी गईं। राज्य सरकार के अनुसार, ये परियोजनाएँ उसके औद्योगिक प्रोत्साहन ढाँचे का अभिन्न हिस्सा हैं, जिसमें बड़े उद्योगों, वस्त्र विनिर्माण और औद्योगिक पार्क विकास को समर्थन देने के प्रावधान शामिल हैं।
औद्योगिक नीति-2015 के तहत सर्वाधिक स्वीकृतियाँ
औद्योगिक नीति-2015 के तहत सबसे अधिक मंज़ूरियाँ दी गईं। बड़े उद्योगों को अंतिम पात्रता प्रमाण पत्र जारी करने वाली समिति ने ₹1,978.04 करोड़ के कुल पूंजी निवेश वाले 32 आवेदनों को स्वीकृति दी, जिनसे लगभग 4,739 प्रत्यक्ष रोज़गार सृजित होने की उम्मीद है। इस नीति के तहत पात्र औद्योगिक इकाइयों को शुद्ध एसजीएसटी वापसी या सहायता प्रदान की जाती है।
स्वीकृत निवेश राज्य के कई जिलों और क्षेत्रों में फैले हुए हैं। अहमदाबाद में ऑटोमोबाइल, धातु, सीमेंट और कंक्रीट क्षेत्रों में ₹528.49 करोड़, मोरबी में सिरेमिक, रसायन, कागज़ और प्लास्टिक विनिर्माण में ₹480.16 करोड़, तथा कच्छ को धातु क्षेत्र में ₹332.71 करोड़ की स्वीकृतियाँ मिली हैं।
इसके अतिरिक्त, मेहसाना को प्लास्टिक और धातु परियोजनाओं के लिए ₹301.16 करोड़, साबरकांठा को सिरेमिक क्षेत्र में ₹110.42 करोड़, वडोदरा को रसायन क्षेत्र में ₹102.94 करोड़, सूरत को कपड़ा, दवा और धातु क्षेत्रों में ₹74.49 करोड़, गांधीनगर को धातु क्षेत्र में ₹35.41 करोड़ और भरूच को धातु क्षेत्र में ₹12.26 करोड़ की स्वीकृति प्राप्त हुई।
पूंजी सब्सिडी योजना और वस्त्र क्षेत्र को भी मंज़ूरी
एक अलग समिति ने बड़े उद्योगों और प्रमुख क्षेत्रों के लिए पूंजी सब्सिडी योजना के तहत ₹649.23 करोड़ के निवेश वाली एक परियोजना को भी हरी झंडी दी, जिससे लगभग 871 प्रत्यक्ष रोज़गार सृजित होने का अनुमान है।
इसके अलावा, वस्त्र मूल्य श्रृंखला में विशिष्ट क्षेत्रों को सुदृढ़ करने के लिए सहायता योजना-2019 के तहत राज्य स्तरीय अधिकार प्राप्त समिति की सातवीं बैठक में तीन वस्त्र इकाइयों को सहायता की मंज़ूरी दी गई।
नीति लागू होने के बाद से कुल उपलब्धियाँ
अधिकारियों के अनुसार, औद्योगिक नीति-2015 के लागू होने के बाद से गुजरात में ₹1,48,336.35 करोड़ का निवेश आ चुका है और 1,65,053 प्रत्यक्ष रोज़गार सृजित हुए हैं। यह नीति सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) के विकास को भी प्रोत्साहित करती है और राज्य में उद्योग-अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण में योगदान दे रही है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब गुजरात देश के सबसे प्रमुख निवेश गंतव्यों में अपनी स्थिति को और मज़बूत करने की कोशिश में है।