13 अगस्त 2026
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रांची विधानसभा घेराव: एसएसपी राकेश रंजन बोले — छात्रों पर कोई FIR नहीं, 500 अज्ञात उपद्रवियों पर मामला दर्ज

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रांची विधानसभा घेराव: एसएसपी राकेश रंजन बोले — छात्रों पर कोई FIR नहीं, 500 अज्ञात उपद्रवियों पर मामला दर्ज

सारांश

रांची एसएसपी राकेश रंजन ने साफ किया — 10 अगस्त के विधानसभा घेराव में छात्र नहीं, भीड़ में घुसे 500 अज्ञात उपद्रवी आरोपी हैं। वीडियो फुटेज से पहचान जारी है; JPSC-JSSC अनियमितताओं पर CBI जाँच की माँग अभी भी लंबित।

मुख्य बातें

रांची एसएसपी राकेश रंजन ने 13 अगस्त को स्पष्ट किया कि 10 अगस्त के विधानसभा घेराव में छात्रों का प्रदर्शन शांतिपूर्ण था।
विधानसभा थाना में दर्ज FIR में केवल 500 अज्ञात उपद्रवियों को आरोपी बनाया गया है; किसी भी छात्र का नाम शामिल नहीं।
पुलिस वीडियो फुटेज और साक्ष्यों के आधार पर उपद्रवियों की पहचान कर रही है।
जगन्नाथपुर मंदिर के पास टकराव के बाद आँसू गैस, वाटर कैनन और लाठीचार्ज की सूचना मिली थी; पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारी दोनों घायल हुए।
छात्रों ने JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की CBI जाँच सहित विभिन्न माँगों को लेकर मार्च किया था।

रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राकेश रंजन ने 13 अगस्त 2026 को स्पष्ट किया कि 10 अगस्त को झारखंड विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों का प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण था। उन्होंने कहा कि भीड़ में घुसे अराजक तत्वों की वजह से कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ी, और इसीलिए 500 अज्ञात उपद्रवियों के विरुद्ध विधानसभा थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है — किसी भी छात्र को इस FIR में आरोपी नहीं बनाया गया है।

मुख्य घटनाक्रम

10 अगस्त को झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की CBI जाँच सहित विभिन्न माँगों को लेकर बड़ी संख्या में छात्रों ने रांची में विधानसभा की ओर मार्च किया। जगन्नाथपुर मंदिर के समीप प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव हुआ, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

पुलिस की ओर से आँसू गैस, वाटर कैनन और लाठीचार्ज किए जाने की सूचना सामने आई। घटना में पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों दोनों के घायल होने की जानकारी मिली थी।

पुलिस की कार्रवाई और FIR का दायरा

एसएसपी राकेश रंजन के अनुसार, पुलिस ने घटना से संबंधित वीडियो फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जाँच शुरू की है। दर्ज प्राथमिकी में केवल 500 अज्ञात उपद्रवियों को आरोपी बनाया गया है — किसी भी छात्र का नाम FIR में शामिल नहीं है।

उन्होंने कहा कि पुलिस अब वीडियो फुटेज के ज़रिये उन व्यक्तियों की पहचान करेगी जो उपद्रव में संलिप्त नज़र आते हैं। केवल प्रदर्शन में मौजूद रहने या आंदोलन में भाग लेने के आधार पर किसी छात्र के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।

छात्रों को पुलिस का आश्वासन

एसएसपी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने वाले छात्रों को इस प्राथमिकी से घबराने की कोई ज़रूरत नहीं है। उनका कहना था कि पुलिस का एकमात्र लक्ष्य उन वास्तविक उपद्रवियों की पहचान करना है जो भीड़ में घुसकर हिंसा भड़काने की कोशिश कर रहे थे।

यह ऐसे समय में आया है जब राज्य भर में JPSC-JSSC परीक्षा पारदर्शिता को लेकर छात्र आंदोलन तेज़ हो रहा है और सरकार पर CBI जाँच की माँग का दबाव बढ़ रहा है।

आगे क्या होगा

पुलिस के अनुसार, विधानसभा थाना में दर्ज FIR के आधार पर वीडियो फुटेज की बारीकी से जाँच जारी है। जिन लोगों की उपद्रव में संलिप्तता साबित होगी, उन्हें चिह्नित कर गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी। छात्र संगठनों की JPSC-JSSC अनियमितताओं की CBI जाँच की माँग अभी भी लंबित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह देखना बाकी है। JPSC-JSSC अनियमितताओं की CBI जाँच की माँग पर सरकार की चुप्पी असली मुद्दे को अनुत्तरित छोड़ती है, जो इस आंदोलन की जड़ है।
RashtraPress
13 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रांची विधानसभा घेराव में छात्रों पर FIR क्यों नहीं दर्ज की गई?
रांची एसएसपी राकेश रंजन के अनुसार, 10 अगस्त को छात्रों का प्रदर्शन शांतिपूर्ण था। उपद्रव भीड़ में घुसे अराजक तत्वों ने किया, इसलिए FIR में केवल 500 अज्ञात उपद्रवियों को आरोपी बनाया गया है, किसी छात्र को नहीं।
रांची विधानसभा घेराव का कारण क्या था?
छात्र JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की CBI जाँच सहित विभिन्न माँगों को लेकर 10 अगस्त को विधानसभा की ओर मार्च कर रहे थे। जगन्नाथपुर मंदिर के पास पुलिस से टकराव के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
500 उपद्रवियों की पहचान पुलिस कैसे करेगी?
पुलिस घटना के वीडियो फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उपद्रवियों की पहचान करेगी। एसएसपी राकेश रंजन ने कहा कि जो लोग फुटेज में उपद्रव करते दिखेंगे, उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
क्या शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल छात्रों पर कोई कार्रवाई होगी?
नहीं। एसएसपी ने स्पष्ट किया कि केवल आंदोलन में मौजूद रहने या प्रदर्शन में भाग लेने के आधार पर किसी भी छात्र के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को इस FIR से परेशान होने की ज़रूरत नहीं है।
JPSC-JSSC CBI जाँच की माँग पर अब तक क्या हुआ है?
छात्रों की CBI जाँच की माँग अभी तक लंबित है और सरकार की ओर से इस पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। यह माँग 10 अगस्त के विधानसभा घेराव आंदोलन का मुख्य कारण थी।
राष्ट्र प्रेस
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