गुजरात के 73 आईटीआई में AI, EV और ड्रोन के 11 नए पाठ्यक्रम, 3,312 नई सीटें जोड़ी गईं
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात सरकार के श्रम एवं रोजगार विभाग ने 7 जून 2026 को राज्य के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में 11 नए 'न्यू-एज' पाठ्यक्रम शुरू किए हैं, जिनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इलेक्ट्रिक व्हीकल मेकेनिक और ड्रोन पायलट जैसे भविष्योन्मुखी विषय शामिल हैं। इन पाठ्यक्रमों के लिए 3,312 नई सीटें जोड़ी गई हैं और ये राज्य के 73 आईटीआई में संचालित होंगे।
नए पाठ्यक्रमों में क्या शामिल है
नए पाठ्यक्रमों की सूची में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) प्रोग्रामिंग असिस्टेंट, ड्रोन पायलट, सोलर तकनीशियन (इलेक्ट्रिकल), सूचना प्रौद्योगिकी, मैकेनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल, एडवांस सीएनसी मशीनिंग, एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग तकनीशियन (3D प्रिंटिंग), तकनीशियन मेकाट्रॉनिक्स, कंप्यूटर एडेड मैन्युफैक्चरिंग (CAM) प्रोग्रामर, IoT तकनीशियन (स्मार्ट एग्रीकल्चर), IoT तकनीशियन (स्मार्ट सिटी) और स्मार्टफोन तकनीशियन-सह-ऐप टेस्टर शामिल हैं। इनमें से मैकेनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल और सोलर तकनीशियन पाठ्यक्रम बड़े पैमाने पर शुरू किए गए हैं, जबकि अन्य विशिष्ट पाठ्यक्रम चुनिंदा संस्थानों में उपलब्ध होंगे।
सरकार की प्राथमिकता और मंत्रियों के बयान
गुजरात के श्रम, कौशल विकास और रोजगार मंत्री कुंवरजीभाई बावलिया ने कहा, 'ये पाठ्यक्रम नवीकरणीय ऊर्जा, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, ऑटोमेशन, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल टेक्नोलॉजी जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों के लिए कुशल मानवबल तैयार करने के लिए शुरू किए गए हैं।' राज्य मंत्री कांतिलाल अमृतिया ने कहा, 'इन न्यू-एज पाठ्यक्रमों को शुरू करने का मुख्य उद्देश्य प्रशिक्षण प्रणाली को बदलती औद्योगिक जरूरतों के सुसंगत बनाए रखना है। इन पाठ्यक्रमों से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।'
गुजरात की आईटीआई संरचना और नई सीटें
ये 73 आईटीआई जिनमें नए पाठ्यक्रम शुरू हुए हैं, उनमें 67 सरकारी, 2 अनुदानित और 4 स्ववित्तपोषित संस्थान शामिल हैं। गौरतलब है कि गुजरात में कुल 560 आईटीआई हैं — 288 सरकारी (1,77,912 सीटें), 100 अनुदानित (16,200 सीटें) और 171 स्ववित्तपोषित (24,624 सीटें) — जिनमें कुल 2,18,736 सीटें उपलब्ध हैं। वर्तमान में राज्य के आईटीआई में 138 व्यावसायिक पाठ्यक्रम संचालित हो रहे हैं।
ईवी और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की बढ़ती माँग
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2025 तक गुजरात की स्थापित नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 42.583 गीगावाट तक पहुँच गई, जो देश की कुल नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का 16.5 फीसदी है। राज्य कुल नवीकरणीय और पवन ऊर्जा में देशभर में पहले स्थान पर है, जबकि सौर ऊर्जा क्षमता में दूसरे स्थान पर है।
इलेक्ट्रिक वाहनों के मोर्चे पर भी गुजरात में तेज़ी देखी गई है। मार्च 2026 में राज्य में 12,729 ईवी रजिस्ट्रेशन दर्ज किए गए, जो एक वर्ष पूर्व की समान अवधि के 7,252 यूनिट की तुलना में 75.5 फीसदी अधिक है। इसमें भी शुद्ध बैटरी इलेक्ट्रिक वाहनों (BEV) का रजिस्ट्रेशन 111 फीसदी की वृद्धि के साथ 5,271 से बढ़कर 11,126 यूनिट तक पहुँचा। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, 'इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ने के कारण उनके रखरखाव और मरम्मत के लिए प्रशिक्षित तकनीशियनों की माँग भी बढ़ेगी।' प्रशिक्षण को व्यावहारिक बनाने के लिए राज्यभर के आईटीआई में 40 इलेक्ट्रिक वाहन भी उपलब्ध कराए गए हैं।
स्किल इंडिया मिशन से जुड़ाव और आगे की राह
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में राज्य में व्यापक कौशल विकास कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, जो केंद्र सरकार के स्किल इंडिया मिशन के अनुरूप हैं। आने वाले वर्षों में नवीकरणीय ऊर्जा और इलेक्ट्रिक व्हीकल क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है, और इन नए पाठ्यक्रमों का उद्देश्य गुजरात के युवाओं को उसी के लिए तैयार करना है।