धोलेरा आईटीआई में देश का पहला UHP सेमीकंडक्टर वेल्डिंग प्रोग्राम, 16 छात्रों का पहला बैच पास आउट
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के धोलेरा स्थित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) से यूएचपी (अल्ट्रा हाई प्योरिटी) सेमीकंडक्टर वेल्डिंग प्रोग्राम का पहला बैच सफलतापूर्वक पास आउट हो गया है। 16 छात्रों के इस पहले बैच की सफलता के साथ ही दूसरे बैच की शुरुआत भी हो चुकी है। यह देश का पहला ऐसा प्रयोग है जहाँ किसी आईटीआई में सेमीकंडक्टर-ग्रेड क्लीनरूम प्रशिक्षण सुविधा स्थापित की गई है।
कार्यक्रम की रूपरेखा और संचालन
यह प्रोग्राम टाटा इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल्स (टाटा आईआईएस) द्वारा गुजरात सरकार और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। छह सप्ताह के इस पाठ्यक्रम में छात्रों को पहले अहमदाबाद स्थित आईआईएस में दो सप्ताह का बुनियादी प्रशिक्षण दिया जाता है, और फिर आईटीआई धोलेरा की क्लीनरूम फैसिलिटी में चार सप्ताह की एडवांस ट्रेनिंग होती है। पाठ्यक्रम में लगभग 70 प्रतिशत प्रशिक्षण हैंड्स-ऑन यानी व्यावहारिक है।
छात्रों को क्लीनरूम प्रोटोकॉल, प्रिसिजन ट्यूब तैयारी, ऑर्बिटल और इन्फ्रारेड (आईआर) फ्यूजन वेल्डिंग, लीक टेस्टिंग, गुणवत्ता निरीक्षण और डॉक्यूमेंटेशन प्रैक्टिस का प्रशिक्षण दिया जाता है। किसी विशेष ट्रेड की पूर्व शर्त नहीं है — आईटीआई में अध्ययनरत या किसी भी ट्रेड से उत्तीर्ण छात्र इसमें प्रवेश ले सकते हैं।
विश्वस्तरीय क्लीनरूम अवसंरचना
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने आईटीआई धोलेरा में कंटेनराइज्ड आईएसओ क्लास 1 लेक क्लीनरूम की सुविधा स्थापित की है। इस लैब का संपूर्ण परिचालन और वित्तपोषण टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स द्वारा किया जाता है, जिससे आईटीआई और गुजरात सरकार पर किसी प्रकार का पूंजीगत व्यय नहीं पड़ा है।
इस लैब में ऑर्बिटल वेल्डिंग मशीनें, इन्फ्रारेड फ्यूजन वेल्डिंग सिस्टम, हीलियम लीक टेस्टिंग सिस्टम, प्रेशर टेस्टिंग सेटअप और एयर लॉक तथा एयर शॉवर सिस्टम जैसे विशेष उपकरण उपलब्ध हैं। यह लैब वास्तविक सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग की परिस्थितियों का अनुकरण करती है, जिससे छात्रों को उद्योग-तैयार अनुभव मिलता है।
रोज़गार के सीधे अवसर
प्रोग्राम के स्नातकों को यूएचपी-सर्टिफाइड प्रिसिजन वेल्डर्स के रूप में तैयार किया गया है। उनके प्रोफाइल टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स द्वारा स्वीकृत जनरल कॉन्ट्रैक्टर्स को सौंपे गए हैं, जो धोलेरा स्थित सेमीकॉन फैब पर सक्रिय हैं। इससे प्रशिक्षित छात्रों को सीधे रोज़गार मिलने के अवसर बन रहे हैं।
भविष्य में इन छात्रों के लिए सेमीकंडक्टर फैब्स, ईपीसी (इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण) कॉन्ट्रैक्टर्स तथा हाई-प्योरिटी पाइपिंग और गैस डिलीवरी सिस्टम से जुड़े एडवांस मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्रों में भी अवसर उपलब्ध बताए जा रहे हैं।
गुजरात का सेमीकंडक्टर नेतृत्व
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात ने ₹1.25 लाख करोड़ के निवेश के साथ भारत की कुल स्वीकृत सेमीकंडक्टर उत्पादन क्षमता में लगभग 40 प्रतिशत की हिस्सेदारी हासिल की है। राज्य ने 'गुजरात सेमीकंडक्टर पॉलिसी 2022-27' लागू की है, जो उद्योगों को वित्तीय प्रोत्साहन, भूमि आवंटन, त्वरित मंजूरियाँ और बिजली, पानी व गैस जैसी आवश्यक सुविधाएँ प्रदान करती है।
राज्य की रणनीतिक भौगोलिक स्थिति, लंबी तटरेखा, प्रमुख बंदरगाह और दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारे (डीएमआईसी) से कनेक्टिविटी इसे निवेशकों के लिए अनुकूल बनाती है। यह पहल भारत की सेमीकंडक्टर आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ठोस कदम है, और आने वाले वर्षों में इस मॉडल को अन्य राज्यों में भी अपनाए जाने की संभावना है।