आईआईटी मद्रास ने सेमीकंडक्टर, रोबोटिक्स और सिमुलेशन में नए पाठ्यक्रमों की शुरुआत की
सारांश
Key Takeaways
- सेमीकंडक्टर मैटेरियल्स प्रौद्योगिकी का एम.टेक कार्यक्रम छात्रों को गहन ज्ञान प्रदान करेगा।
- रोबोटिक्स में नए पाठ्यक्रम छात्रों को नवीनतम तकनीकों से लैस करेंगे।
- पब्लिक पॉलिसी पाठ्यक्रम में महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दों पर ध्यान दिया जाएगा।
- कंप्यूटेशनल इंजीनियरिंग में आधुनिक तकनीकों का समावेश किया जाएगा।
- आईआईटी मद्रास बहुविषयक शिक्षा को सशक्त बनाने का प्रयास कर रहा है।
नई दिल्ली, 20 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। आईआईटी मद्रास ने सेमीकंडक्टर मैटेरियल्स प्रौद्योगिकी, कंप्यूटेशनल इंजीनियरिंग और रोबोटिक्स जैसे आधुनिक क्षेत्रों में नए पाठ्यक्रमों की घोषणा की है। इन नए पोस्ट ग्रेजुएट कार्यक्रमों की शुरुआत उभरती तकनीकों और नीति-निर्माण के क्षेत्र को ध्यान में रखकर की गई है।
इन कार्यक्रमों में पब्लिक पॉलिसी में एम.ए भी शामिल है। छात्र सेमीकंडक्टर मैटेरियल्स प्रौद्योगिकी और रोबोटिक्स के क्षेत्रों में अपने करियर को आगे बढ़ा सकते हैं। इन पाठ्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य छात्रों को बहुविषयक ज्ञान और आधुनिक कौशल से संपन्न करना है, ताकि वे शासन, उद्योग और तकनीक से जुड़ी जटिल चुनौतियों का सफल समाधान कर सकें। संस्थान के निदेशक प्रोफेसर वी कामकोटि के अनुसार, ये कार्यक्रम देश और उद्योग की वर्तमान आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किए गए हैं।
उन्होंने जानकारी दी कि इन पाठ्यक्रमों में पारंपरिक इंजीनियरिंग के साथ आधुनिक तकनीकों का समावेश किया गया है, जिससे युवा भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें। सेमीकंडक्टर मैटेरियल्स प्रौद्योगिकी में एम.टेक कार्यक्रम भारत के तेजी से विकसित हो रहे सेमीकंडक्टर क्षेत्र को मजबूती देने में सहायक होगा। यह पाठ्यक्रम छात्रों को सेमीकंडक्टर के मूल सिद्धांतों और निर्माण तकनीकों का गहन ज्ञान प्रदान करेगा। विभागाध्यक्ष प्रोफेसर सुब्रमण्या शर्मा वी के अनुसार, यह कार्यक्रम देश के सेमीकंडक्टर मिशन के लिए विशेषज्ञों को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इसके अलावा, रोबोटिक्स में एम.टेक कार्यक्रम छात्रों को रोबोटिक्स और इंटेलिजेंट ऑटोमेशन में विशेषज्ञता प्रदान करेगा। इस कार्यक्रम के तहत छात्रों को अत्याधुनिक प्रयोगशाला में व्यावहारिक प्रशिक्षण और उन्नत रोबोटिक प्रणालियों के डिजाइन और अनुप्रयोग की जानकारी दी जाएगी। आईआईटी मद्रास के प्रोफेसर आर जयगणंथन का कहना है कि यह कार्यक्रम छात्रों को मैन्युफैक्चरिंग, स्वास्थ्य सेवाएं और स्वायत्त प्रणालियों जैसे क्षेत्रों में नवाचार के लिए तैयार करेगा।
पब्लिक पॉलिसी के माध्यम से, आईआईटी मद्रास छात्रों को सरकार और संस्थाओं की नीतियों के बारे में शिक्षित करेगा। यहाँ बताया जाएगा कि कैसे सरकारें जटिल सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक चुनौतियों का सामना करने के लिए नीतियाँ बनाती और लागू करती हैं। इस पाठ्यक्रम में पर्यावरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा, परिवहन और अंतरराष्ट्रीय संबंध जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल किए गए हैं। विभागाध्यक्ष प्रोफेसर राजेश कुमार के अनुसार, यह कार्यक्रम छात्रों में नेतृत्व कौशल विकसित करेगा, जिससे वे सरकार, शोध संस्थानों और निजी क्षेत्र में प्रभावी भूमिका निभा सकेंगे।
कंप्यूटेशनल इंजीनियरिंग फॉर मैकेनिकल सिस्टम्स में एम.टेक कार्यक्रम इंजीनियरों को सिमुलेशन-आधारित नए युग के लिए तैयार करेगा। इसमें मशीन लर्निंग, उच्च प्रदर्शन कंप्यूटिंग और उन्नत संख्यात्मक विधियों का उपयोग करते हुए जटिल यांत्रिक प्रणालियों के डिजाइन और अनुकूलन पर जोर दिया जाएगा। प्रोफेसर सी बालाजी के अनुसार, यह कार्यक्रम छात्रों को डेटा-आधारित और भौतिकी-आधारित तकनीकों के संयोजन से वास्तविक समस्याओं का समाधान करने में सक्षम बनाएगा।
इन नए पाठ्यक्रमों के माध्यम से, आईआईटी मद्रास बहुविषयक शिक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में काम कर रहा है। इसका उद्देश्य देश की तकनीकी, औद्योगिक और नीतिगत आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार करना है।