श्रावण के पहले सोमवार पर तेजस्वी यादव ने सोनपुर के हरिहरनाथ मंदिर में किया जलाभिषेक
सारांश
मुख्य बातें
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने 3 अगस्त को पवित्र श्रावण मास के पहले सोमवार पर सोनपुर स्थित ऐतिहासिक हरिहरनाथ मंदिर में पहुँचकर विधि-विधान से भगवान शिव का दुग्धाभिषेक किया और राज्य की सुख-शांति एवं समृद्धि की प्रार्थना की। यह यात्रा बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की मतगणना से ठीक पहले हुई, जिसने इसे राजनीतिक दृष्टि से भी चर्चा का विषय बना दिया।
मंदिर में श्रद्धालुओं का उमड़ा जनसैलाब
श्रावण मास के पहले सोमवार पर बिहार के शिवालयों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। राज्यभर के मंदिरों में श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक कर भगवान शिव से सुख-समृद्धि की कामना की। हरिहरनाथ मंदिर परिसर में भी भक्तों की लंबी कतारें देखी गईं। तेजस्वी यादव के पहुँचने पर मंदिर में मौजूद श्रद्धालुओं ने उन्हें घेर लिया और उन्होंने सभी का अभिवादन स्वीकार करते हुए सावन की शुभकामनाएँ दीं।
तेजस्वी यादव ने क्या कहा
मीडिया से बातचीत में तेजस्वी यादव ने कहा कि उनकी कामना है कि भगवान शिव की कृपा से हर परिवार और हर व्यक्ति के जीवन में खुशहाली, शांति और भाईचारा बना रहे। उन्होंने कहा, 'सभी लोग स्वस्थ रहें, जीवन में आगे बढ़ें और सफलता प्राप्त करें।' उन्होंने भगवान शिव से राज्य और देश को बेरोज़गारी, महँगाई और गरीबी जैसी समस्याओं से राहत दिलाने की प्रार्थना भी की।
यादव ने सावन के महीने को आस्था और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक बताया और कहा कि इस माह में लोग एकजुट होकर भगवान शिव की आराधना करते हैं, जो समाज में प्रेम व भाईचारे का संदेश देता है। उन्होंने हरिहरनाथ मंदिर से अपने पुराने जुड़ाव का भी उल्लेख किया और कहा कि भविष्य में भी वे बाबा के दर्शन के लिए आते रहेंगे।
प्रशासन से की विशेष अपील
तेजस्वी यादव ने प्रशासन से अपील की कि सावन के दौरान कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जाए, ताकि किसी को कोई परेशानी न हो। उन्होंने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं और आम जनता से भी शांति, सद्भाव और अनुशासन के साथ बाबा का आशीर्वाद लेने की अपील की।
राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की मतगणना से ठीक पहले तेजस्वी यादव का यह मंदिर दर्शन राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में विपक्ष सत्तारूढ़ दल पर दबाव बनाने की कोशिश में है। हालाँकि, तेजस्वी यादव ने इस यात्रा को पूरी तरह आस्था और श्रावण पर्व से जोड़ा।
आने वाले सोमवारों पर भी श्रावण मास में शिवालयों में भक्तों की भीड़ जारी रहने की उम्मीद है।