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क्या संजय झा का तेजस्वी यादव पर निशाना उचित है, 'दो वोटर कार्ड रखना क्रिमिनल ऑफेंस'?

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क्या संजय झा का तेजस्वी यादव पर निशाना उचित है, 'दो वोटर कार्ड रखना क्रिमिनल ऑफेंस'?

सारांश

बिहार में विधानसभा चुनाव की तैयारी के बीच संजय झा ने तेजस्वी यादव पर दो वोटर कार्ड रखने का आरोप लगाया है। जानें इस राजनीतिक विवाद की बारीकियां और एसआईआर पर उठे सवाल।

मुख्य बातें

संजय झा का आरोप, तेजस्वी यादव पर दो वोटर कार्ड रखने का।
एसआईआर में पारदर्शिता का महत्व।
बिहार सरकार ने मां जानकी मंदिर के लिए 800 करोड़ की स्वीकृति दी।
8 अगस्त को शिलान्यास समारोह।
चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर विपक्ष के सवाल।

पटना, 7 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में विधानसभा चुनाव की तैयारी के चलते मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। इस संदर्भ में विपक्षी दलों द्वारा चुनाव आयोग पर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। इसी बीच जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने तेजस्वी यादव पर दो मतदाता पहचान पत्र रखने का आरोप लगाते हुए हमला किया।

संजय झा ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि दो वोटर कार्ड रखना क्रिमिनल ऑफेंस है। सिर्फ संविधान में मतदाता पहचान पत्र होना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे समझकर पढ़ना भी जरूरी है। यह कार्य एसआईआर कर रहा है। आपके पास केवल एक वोटर कार्ड रखने का अधिकार है। बिहार में एसआईआर को लेकर कोई हंगामा नहीं है। केवल दिल्ली में संसद में हंगामा हो रहा है। यहाँ के लोग शांतिपूर्वक फॉर्म भरकर अपना नाम जुड़वा रहे हैं।

उन्होंने अमित शाह के बिहार दौरे के बारे में कहा कि 8 अगस्त एक ऐतिहासिक दिन है। सीतामढ़ी के पुनौरा धाम में माता जानकी के भव्य मंदिर का शिलान्यास होगा। इस भूमिपूजन कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शामिल होंगे और मां जानकी मंदिर की आधारशिला रखेंगे।

संजय झा ने आगे कहा कि बिहार सरकार ने मां जानकी मंदिर के निर्माण के लिए 800 करोड़ रुपए से अधिक की राशि मंजूर की है। शुक्रवार से इस मंदिर का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। पूरे देश और बिहार, विशेषकर मिथिला के लिए महिला शक्ति की सबसे बड़ी देवी सीता मां हैं।

गौरतलब है कि इससे पूर्व बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग पर मतदाता पहचान पत्रों की निरीक्षण प्रक्रिया में धांधली का आरोप लगाते हुए कहा था कि उनका ईपीआईसी नंबर बदल दिया गया है। उन्होंने चुनाव आयोग से पूछा कि अगर उनके साथ ऐसा हो सकता है, तो अन्य कितने लोगों का ईपीआईसी नंबर बदला गया है, इसका आंकड़ा पेश करें।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह आवश्यक है कि राजनीतिक दल सच्चाई को उजागर करें और चुनावी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करें। बिहार के मतदाता स्वच्छ और निष्पक्ष चुनाव की अपेक्षा करते हैं।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या दो वोटर कार्ड रखना कानूनन गलत है?
हाँ, चुनाव आयोग के अनुसार, दो वोटर कार्ड रखना क्रिमिनल ऑफेंस है।
बिहार में एसआईआर का क्या महत्व है?
एसआईआर मतदाता सूची की सटीकता सुनिश्चित करता है और चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाता है।
राष्ट्र प्रेस
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