क्या इजरायल के लोग भी भारत को पसंद करते हैं? 71 प्रतिशत ने कहा 'इंडिया तुझे सलाम', राजदूत ने दी खास प्रतिक्रिया
सारांश
Key Takeaways
- इजरायल का 71% सकारात्मक दृष्टिकोण भारत के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
- भारत और इजरायल के बीच विशेष संबंध हैं।
- दोनों देशों में सांस्कृतिक जुड़ाव है।
- राजदूत ने भारत के प्रति अपने प्यार का इजहार किया है।
- भारत और इजरायल के बीच व्यापार के बढ़ते अवसर हैं।
नई दिल्ली, 16 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दुनिया के कई देशों में भारत के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। वर्ल्ड ऑफ स्टेटिक्स ने एक सूची जारी की है, जिसमें उन देशों का उल्लेख किया गया है जो भारत को लेकर सबसे अधिक सकारात्मक विचार रखते हैं। इस सूची में इजरायल का नाम सबसे ऊपर है। भारत में इजरायल के राजदूत रियूवेन अजार ने इस पर खुशी का इजहार किया है।
वर्ल्ड ऑफ स्टेटिक्स ने प्यू रिसर्च सेंटर की 2023 की रिपोर्ट के आधार पर यह सूची प्रस्तुत की है। इस सूची में इजरायल पहले स्थान पर है, जहां 71 प्रतिशत लोग भारत के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखते हैं। इसके बाद ब्रिटेन का नाम है, जहां 66 प्रतिशत लोग भारत के लिए सकारात्मक विचार रखते हैं। केन्या 64 प्रतिशत के साथ तीसरे और नाइजीरिया 60 प्रतिशत के साथ चौथे स्थान पर है। इसके अलावा, दक्षिण कोरिया में 58 प्रतिशत लोग भारत के प्रति सकारात्मक सोच रखते हैं।
इस सूची के अनुसार, जापान 55, ऑस्ट्रेलिया 52, इटली 52, अमेरिका 51, जर्मनी 47, कनाडा 47, पोलैंड 46, स्वीडन 46, इंडोनेशिया 45, मेक्सिको 42, नीदरलैंड 41, फ्रांस 39, हंगरी 34, स्पेन 34, ग्रीस 33, ब्राजील 33, दक्षिण अफ्रीका 28 और अर्जेंटीना 22 प्रतिशत सकारात्मक दृष्टिकोण रखते हैं।
इस सूची को साझा करते हुए इजरायली राजदूत रियूवेन अजार ने लिखा, "इजरायलियों को भारत से प्यार है।"
वास्तव में, भारत और इजरायल के बीच विशेष संबंध हैं। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में दोनों देश एक-दूसरे का खुला समर्थन करते हैं। 14 मई 1948 को संयुक्त राष्ट्र संघ में इजरायल को स्वतंत्र देश बनाने का प्रस्ताव रखा गया था। शुरुआत में भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू इसके पक्ष में नहीं थे, लेकिन 1950 में इजरायल को एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता दे दी गई। दोनों देशों के बीच 1992 में कूटनीतिक संबंध स्थापित हुए।
भारत ने फिलिस्तीन का समर्थन किया था, इसलिए इजरायल को मान्यता देने में समय लगा। हालाँकि, रक्षा के क्षेत्र में भारत और इजरायल के बीच की दोस्ती काफी पुरानी है। इजरायल ने 1962 के भारत-चीन युद्ध में मोर्टार और मोर्टार रोधी उपकरण दिए, और कारगिल युद्ध में भी इजरायल ने भारत को सैन्य सहायता प्रदान की।
1950 में इसे स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता देने के बाद, पहली बार 2017 में भारत के प्रधानमंत्री ने इजरायल का दौरा किया। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में दोनों देशों के बीच संबंध में काफी मजबूती आई है। दोनों देशों के बीच के संबंध धीरे-धीरे विकसित हुए हैं, लेकिन मोदी सरकार के नेतृत्व में इसमें तेजी आई है।
भारत और इजरायल रक्षा, कृषि, तकनीक और ऊर्जा के क्षेत्र में व्यापार के महत्वपूर्ण साझेदार हैं। 2020 से 2024 तक दोनों देशों के बीच रक्षा क्षेत्र में कई बड़ी साझेदारी हुई हैं। दोनों देश सांस्कृतिक रूप से भी एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि भारत में यहूदियों का आगमन लगभग दो हजार साल पहले हुआ था।
उस समय से लेकर अब तक भारत में यहूदी शांतिपूर्ण तरीके से रह रहे हैं। इस बात से खुद इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू भी सहमत हैं। उन्होंने हाल ही में कहा था कि भारत इकलौता ऐसा देश है, जहां बड़ी संख्या में यहूदी रहते हैं, लेकिन उनके उत्पीड़न की कोई घटना नहीं हुई।