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क्या पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने से गाड़ियों पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता? नितिन गडकरी का बयान

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क्या पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने से गाड़ियों पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता? नितिन गडकरी का बयान

सारांश

इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के बारे में नितिन गडकरी का आश्वासन, जो न केवल गाड़ियों पर सकारात्मक प्रभाव डालता है, बल्कि किसानों को भी आर्थिक लाभ पहुंचा रहा है। जानें इस महत्वपूर्ण पहल के क्या लाभ हैं।

मुख्य बातें

पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने से गाड़ियों पर कोई नकारात्मक असर नहीं है।
इससे 1.40 लाख करोड़ रुपए की विदेशी मुद्रा की बचत हुई है।
किसानों को लगभग 40,000 करोड़ रुपए का लाभ मिला है।
ई20 पेट्रोल का उपयोग प्रदूषण को कम करता है।
पुराने वाहनों पर ई20 का कोई बुरा असर नहीं पड़ेगा।

नई दिल्ली, 11 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को कहा कि पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने से गाड़ियों पर इसका कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ा है। इसके साथ ही, इससे 1.40 लाख करोड़ रुपए की विदेशी मुद्रा की बचत हुई है और किसानों को भी लाभ पहुंचा है।

गडकरी ने बताया कि ई20 पेट्रोल की शुरुआत एक स्वच्छ और हरित भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल प्रदूषण को कम करता है और देश की महंगे ईंधन आयात पर निर्भरता को घटाता है।

उन्होंने आगे कहा कि इससे इथेनॉल उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले गन्ने और मक्के जैसे कच्चे माल की आपूर्ति के लिए किसानों को लगभग 40,000 करोड़ रुपए मिले हैं।

ई10 और ई20 ईंधन मानकों से संबंधित एक प्रश्न का उत्तर देते हुए, गडकरी ने सरकार की नीति का विस्तृत विवरण साझा किया।

उन्होंने कहा कि वाहन निर्माताओं की यह जिम्मेदारी है कि वे यह घोषित करें कि कोई मॉडल ई20 ईंधन के अनुकूल है या नहीं, और यह जानकारी वाहन पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने वाले स्टिकर के माध्यम से प्रदर्शित की जानी चाहिए।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 1 अप्रैल, 2023 से पहले बेचे गए वाहन ई10 ईंधन के अनुकूल हैं, जबकि इस तिथि के बाद बेचे गए वाहन ई20 मानकों के अनुरूप हैं।

उन्होंने आगे कहा कि बीआईएस विनिर्देशों और ऑटोमोटिव उद्योग मानकों के माध्यम से ई20 ईंधन के लिए सुरक्षा मानदंड स्थापित किए गए हैं और परीक्षणों से पता चला है कि वाहन के चलने, स्टार्ट होने या धातु और प्लास्टिक घटकों की अनुकूलता में कोई समस्या नहीं है।

गडकरी ने सदन को यह भी बताया कि ई20 मानकों का पालन न करने वाले पुराने वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाने या उनमें संशोधन करने की कोई आवश्यकता नहीं है।

उन्होंने कहा कि एआरएआई, आईओसीएल और सियाम द्वारा किए गए एक अध्ययन से पुष्टि हुई है कि इथेनॉल-मिश्रित ईंधन के उपयोग से होने वाली सामान्य टूट-फूट को नियमित सर्विसिंग के माध्यम से नियंत्रित किया जा सकता है और किसी विशेष रेट्रोफिटिंग कार्यक्रम की आवश्यकता नहीं है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा, "पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने के कार्यक्रम के परिणामस्वरूप लगभग 790 लाख मीट्रिक टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आई है और 260 लाख मीट्रिक टन से अधिक कच्चे तेल का प्रतिस्थापन हुआ है।"

संपादकीय दृष्टिकोण

इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल का उपयोग न केवल पर्यावरण के लिए फायदेमंद है, बल्कि यह किसानों को भी आर्थिक रूप से सशक्त बना रहा है। यह पहल देश के ईंधन आयात पर निर्भरता को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने से गाड़ियों पर कोई नकारात्मक असर पड़ता है?
नहीं, नितिन गडकरी के अनुसार, पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने से गाड़ियों पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ा है।
इथेनॉल मिलाने से किसानों को कैसे फायदा हुआ है?
इथेनॉल उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले गन्ने और मक्के के लिए किसानों को लगभग 40,000 करोड़ रुपए मिले हैं।
ई20 पेट्रोल का क्या महत्व है?
ई20 पेट्रोल पर्यावरण की दृष्टि से स्वच्छ है और यह देश की ईंधन आयात पर निर्भरता को घटाता है।
क्या पुराने वाहनों पर ई20 का असर पड़ेगा?
गडकरी ने कहा कि ई20 मानकों का पालन न करने वाले पुराने वाहनों को हटाने या उनमें संशोधन करने की कोई आवश्यकता नहीं है।
क्या इथेनॉल-मिश्रित ईंधन से कोई समस्या उत्पन्न होती है?
एआरएआई और अन्य संस्थाओं द्वारा किए गए परीक्षणों से यह पुष्टि हुई है कि सामान्य टूट-फूट को नियमित सर्विसिंग से नियंत्रित किया जा सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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