क्या प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी की गई थी? भाजपा ने प्राथमिकी दर्ज कराई

सारांश
Key Takeaways
- प्रधानमंत्री मोदी पर अपशब्द बोलना संज्ञेय अपराध है।
- भाजपा ने कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
- लोकतंत्र में मर्यादा बनाए रखना आवश्यक है।
- बिहार की राजनीतिक स्थिति प्रभावित हुई है।
- इस प्रकार की टिप्पणियाँ समाज में विभाजन उत्पन्न कर सकती हैं।
पटना, 28 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की 'वोटर अधिकार यात्रा' के दौरान मंच से कथित तौर पर अमर्यादित टिप्पणी को लेकर बिहार भाजपा नेता पटना के कोतवाली थाना पहुंचे और एक प्राथमिकी दर्ज कराई है।
भाजपा मीडिया प्रभारी दानिश इकबाल, भाजपा के पूर्व विधायक सह प्रदेश प्रवक्ता प्रेमरंजन पटेल, सह मीडिया प्रभारी प्रभात मालाकार, विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक विन्ध्याचल राय सहित अन्य कार्यकर्ताओं के साथ कोतवाली पहुंचे और प्राथमिकी दर्ज करने को लेकर आवेदन पत्र दिया।
कोतवाली थाना में दिए गए आवेदन में मीडिया प्रभारी दानिश इकबाल ने कहा है कि देश के निर्वाचित प्रधानमंत्री मोदी पर अपशब्द कहने से मुझ जैसे करोड़ों भारतीयों की भावनाएं आहत हुई हैं। देश के निर्वाचित प्रधानमंत्री को सार्वजनिक मंच से अपशब्द बोलना संज्ञेय अपराध है। यह कृत्य महागठबंधन के नेताओं द्वारा किया गया है।
उन्होंने थाना प्रभारी से आग्रह किया कि उपरोक्त कार्यक्रम के आयोजकों एवं अपशब्द कहने वालों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए। भाजपा मीडिया प्रभारी ने बाद में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि जिस तरह से मंच से राजद और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा पीएम मोदी पर अपमानजनक टिप्पणी की गई, उसकी भाजपा निंदा करती है।
उन्होंने कहा कि वे प्राथमिकी दर्ज कराने आए थे। लोकतंत्र में पीएम को अपशब्द कहना लोकतंत्र का अपमान है। बिहार की धरती पर ऐसा हुआ है, जिससे बिहार भी कलंकित हुआ है।
मीडिया प्रभारी ने आगे कहा कि महागठबंधन ने इस यात्रा में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन और तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को बुलाने का काम किया, जिसने बिहार और बिहारियों को अपमानित करने का काम किया है। बिहार को नीचा दिखाने का काम किया है। जब राहुल गांधी और तेजस्वी यादव बिहार को अपमानित करने वालों को साथ घुमाएंगे, तो उनके कार्यकर्ता भी ऐसी हरकत करेंगे ही।