क्या भक्ति चरण दास ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में 'कुंभदूत' पहल का स्वागत किया?

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क्या भक्ति चरण दास ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में 'कुंभदूत' पहल का स्वागत किया?

सारांश

भक्ति चरण दास ने 'कुंभदूत' पहल का स्वागत किया, जो 2027 के कुंभ मेले में श्रद्धालुओं को एआई के माध्यम से मार्गदर्शन प्रदान करेगा। यह पहल धार्मिक परंपराओं को सुरक्षित रखते हुए नई तकनीक का उत्कृष्ट उदाहरण है।

Key Takeaways

  • कुंभदूत पहल श्रद्धालुओं को डिजिटल मार्गदर्शन प्रदान करेगी।
  • यह पहल एआई तकनीक का उपयोग करती है।
  • साधु समाज और संत समाज के लिए यह बहुत लाभकारी है।
  • धार्मिक परंपराओं को सुरक्षित रखते हुए तकनीक का उपयोग किया जाएगा।
  • 2027 में आयोजित कुंभ मेला सभी के लिए फायदेमंद होगा।

नासिक, 22 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। भक्ति चरण दास ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में 'कुंभदूत' एआई पहल का स्वागत किया, जो 2027 के सिंहस्थ कुंभ मेले में श्रद्धालुओं को वास्तविक समय में डिजिटल मार्गदर्शन प्रदान करेगी।

उन्होंने रविवार को समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए कहा, "यह पहली बार है जब 2027 में महाराष्ट्र के नासिक नगर में ऐसे कुंभ मेले का आयोजन किया जाएगा, जो एआई से जुड़ा है। इसका नाम 'कुंभदूत' रखा गया है।"

उन्होंने कहा, "यह टेक्नोलॉजी साधु समाज, संत समाज और श्रद्धालुओं के लिए लाभकारी है। इससे कुंभ में जहाँ कहीं टेंट लगा हुआ है, सुविधा और सुरक्षा की व्यवस्था की गई है, और लोग मोबाइल के माध्यम से कहीं न कहीं आसानी से उससे जुड़ जाएंगे। यह वास्तव में सराहनीय बात है।"

उन्होंने आगे कहा, "समय-समय पर हमारे देश में कहीं न कहीं टेक्नोलॉजी आगे बढ़ती है, तो कुंभ के ऊपर उसका फायदा मिलता है। यह हम सभी के लिए बहुत ही सराहनीय बात है। दूसरी बात, हमें कुंभ को एलआई से जोड़ना आवश्यक है, लेकिन इससे हमारे ऋषि मुनियों की जो परंपरा है, गुरु-शिष्य परंपरा है, उस पर कोई आघात नहीं होना चाहिए।

हमारे भगवान के प्रति जो हमारी धार्मिक परंपरा है, वह खंडित नहीं होनी चाहिए, ना ही उस पर किसी प्रकार की विघ्न आनी चाहिए। इसे ध्यान में रखते हुए, कुंभ के दौरान एआई का इस्तेमाल सहूलियत और सुविधा के नजरिए से किया जाना चाहिए।"

महाराज ने कहा, "मैं सर्वप्रथम जो भारत मंडपम में हो रहा है, उसके लिए अपने सभी साधु, संत और साथियों की ओर से, तीनों आखड़ा की ओर से बहुत-बहुत धन्यवाद और बधाई देता हूं।

मैं हमारे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस और नासिक के प्रशासनिक अधिकारियों को हाथ जोड़कर निवेदन करता हूं कि वे कार्यक्रम में नियमित भाव से उपस्थित रहें। मैं समझता हूं कि 'कुंभदूत' को लेकर हमारा यह कार्यक्रम और तैयारी, 2027 में आयोजित होने वाला कुंभ मेला सभी के लिए बहुत फायदेमंद होगा और इसका लाभ सभी को लेना चाहिए।

Point of View

यह स्पष्ट है कि भक्ति चरण दास ने धार्मिक परंपराओं और आधुनिक तकनीक के बीच संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता को समझा है। यह पहल न केवल श्रद्धालुओं को सुविधा प्रदान करेगी, बल्कि हमारे सांस्कृतिक धरोहर को भी संरक्षित रखेगी।
NationPress
23/02/2026

Frequently Asked Questions

कुंभदूत पहल का उद्देश्य क्या है?
कुंभदूत पहल का उद्देश्य श्रद्धालुओं को 2027 के कुंभ मेले में वास्तविक समय में डिजिटल मार्गदर्शन प्रदान करना है।
भक्ति चरण दास ने इस पहल का स्वागत क्यों किया?
उन्होंने इसे साधु समाज, संत समाज और श्रद्धालुओं के लिए लाभकारी बताया।
क्या कुंभदूत पहल से धार्मिक परंपराओं पर कोई प्रभाव पड़ेगा?
भक्ति चरण दास ने आश्वासन दिया है कि यह पहल धार्मिक परंपराओं को सुरक्षित रखते हुए आधुनिक तकनीक का उपयोग करेगी।
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