क्या आस्था में विश्वास रखने वाले ही कुंभ मेला 2027 में आएं? - शादाब शम्स
सारांश
Key Takeaways
- कुंभ मेला में आस्था रखने वाले ही शामिल हों।
- धार्मिक आयोजनों में सकारात्मकता का होना आवश्यक है।
- भारतीय संस्कृति का सम्मान करना चाहिए।
- आपसी सौहार्द बनाए रखना बहुत जरूरी है।
- शादाब शम्स का बयान समाज में एकता की ओर संकेत करता है।
देहरादून, 20 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के चेयरमैन शादाब शम्स ने प्रदेश में साल 2027 में आयोजित होने वाले कुंभ मेला के संदर्भ में कहा कि सिर्फ वही लोग आएं जिनका आस्था में विश्वास है।
देहरादून में राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए शादाब शम्स ने कहा कि हम देवभूमि उत्तराखंड हैं, जो सनातन धर्म के 150 करोड़ भक्तों की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में विख्यात है। यहां जब भी कोई धार्मिक आयोजन होता है, तो सरकार बहुत सजग रहती है और हर चीज को सकारात्मक तरीके से देखा जाता है। हम सभी जानते हैं कि कुंभ मेला 2027 में होना है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि केवल वही लोग आएं जिनका मां गंगा, कुंभ मेले और इस पवित्र भूमि में आस्था है। जिनकी आस्था नहीं है, उन्हें नहीं आना चाहिए। यह एक तार्किक और समझदारी की बात है। जिनकी आस्था हो, वही लोग आएं- इसमें क्या गलत है? हम 'अतिथि देवो भवः' के सिद्धांत को मानते हैं। लेकिन जो लोग हमारी आस्था का अपमान करते हैं, भारतीय संस्कृति के विरोध में हैं और जो भारत के दुश्मन बने हुए हैं, उन्हें कुंभ क्षेत्र में प्रतिबंधित किया जाना चाहिए। मुझे लगता है कि यह एक सकारात्मक कदम होगा।
कुंभ मेले में जिनकी आस्था हो, वे आएं। जिनकी आस्था नहीं है, वे न आएं। अगर कोई मुसलमान या किसी अन्य धर्म का व्यक्ति वहां पहुंचे, जिसे आस्था में विश्वास न हो, और कोई अनहोनी हो जाए, तो इल्जाम किस पर जाएगा? इससे देश का माहौल बिगड़ सकता है। इन सभी बातों को सकारात्मक दृष्टिकोण से देखना चाहिए। आपसी सौहार्द और भाईचारा बनाए रखना जरूरी है। जिनकी आस्था हो, वे आएं और जिनकी आस्था न हो, वे न आएं।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में नितिन नबीन के पदभार ग्रहण करने पर उन्होंने बधाई देते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने पर मैं नितिन नबीन को दिल से मुबारकबाद देना चाहता हूं। हमें पूरा विश्वास है कि पीएम मोदी के मार्गदर्शन में और आपके कुशल नेतृत्व में भाजपा नए आयाम स्थापित करेगी।