क्या नितिन नबीन की संघर्ष से शिखर तक की यात्रा जानना चाहते हैं?
सारांश
Key Takeaways
- नितिन नबीन का संघर्ष और राजनीतिक सफर प्रेरणादायक है।
- उनके नेतृत्व में भाजपा का भविष्य उज्ज्वल है।
- भाजपा ने विश्व का सबसे बड़ा राजनीतिक संगठन बनने का गौरव प्राप्त किया।
- उनकी नीतियों ने समाज के सभी वर्गों को प्रभावित किया है।
- भाजपा में कार्यकर्ता-केंद्रित कार्यसंस्कृति को नई ऊंचाइयां दी हैं।
नई दिल्ली, 20 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में मंगलवार को नितिन नबीन ने पदभार ग्रहण किया। नितिन नबीन के राजनीतिक सफर की जानकारी देते हुए बिहार भाजपा ने 2.30 मिनट का एक वीडियो साझा किया।
बिहार भाजपा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट में उल्लेख किया कि भारतीय राजनीति में समर्पण और कर्तव्य का नाम लेते ही नितिन नबीन का नाम प्रमुखता से सामने आता है। 1980 में जन्मे नितिन नबीन ने अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अनुशासन और राष्ट्रभक्ति के सिद्धांतों से की। पिछले दो दशकों में उन्होंने अपनी मेहनत और दूरदर्शिता से भाजपा संगठन में एक सामान्य कार्यकर्ता से पूर्णकालिक राष्ट्रीय अध्यक्ष की स्थिति तक का सफर तय किया है।
2006 में पटना पश्चिम से विधायक बनकर उन्होंने जनसेवा का संकल्प लिया और बिहार सरकार में मंत्री रहते हुए पथ निर्माण और नगर विकास जैसे महत्वपूर्ण विभागों में अभूतपूर्व सुधार किये। साथ ही, भारतीय जनता युवा मोर्चा और विभिन्न राज्यों के चुनाव प्रभारी के रूप में संगठन को नई ऊर्जा प्रदान की। उनका जीवन इस सिद्धांत पर चलता है कि 'राष्ट्र पहले, पार्टी दूसरी और स्वयं अंतिम'। उनके कुशल नेतृत्व में भाजपा का भविष्य उज्ज्वल और सशक्त बनेगा।
बिहार भाजपा ने जेपी नड्डा के कार्यकाल को याद करते हुए लिखा कि हिमाचल की शांत वादियों से लेकर दिल्ली के राजनीतिक शिखर तक का जगत प्रकाश नड्डा का सफर केवल एक व्यक्ति की यात्रा नहीं, बल्कि एक कार्यकर्ता के अथाह परिश्रम और संगठन के प्रति अटूट निष्ठा की कहानी है। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में उनका कार्यकाल संगठन के इतिहास में एक ऐतिहासिक अध्याय के रूप में अंकित रहेगा।
नड्डा के नेतृत्व में 'सेवा ही संगठन' और 'मेरा बूथ—सबसे मजबूत' जैसे अभियानों ने भाजपा की जड़ें गांव-गांव तक मज़बूत की हैं। उनके कार्यकाल में भाजपा ने विश्व का सबसे बड़ा राजनीतिक संगठन बनने का गौरव प्राप्त किया है, जहाँ महिलाओं, युवाओं और गरीब वर्गों की राजनीति में ऐतिहासिक भागीदारी सुनिश्चित हुई। नड्डा के कुशल मार्गदर्शन में भाजपा ने न केवल चुनावी मोर्चों पर विजय प्राप्त की, बल्कि एक 'कार्यकर्ता-केंद्रित' कार्यसंस्कृति को भी नई ऊंचाइयां दी हैं।