28 जुलाई 2026
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ग्रेटर नोएडा में 100+ संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा अभियान, बच्चे की मौत के बाद प्राधिकरण सख्त

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ग्रेटर नोएडा में 100+ संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा अभियान, बच्चे की मौत के बाद प्राधिकरण सख्त

सारांश

कलाधाम सोसाइटी में एक बच्चे की गड्ढे में डूबने से मौत ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को हरकत में ला दिया। सीईओ एनजी रवि कुमार के सख्त निर्देशों पर 100 से अधिक संवेदनशील स्थानों पर बैरिकेडिंग और मरम्मत का काम युद्धस्तर पर जारी है — और लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

मुख्य बातें

ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-2 स्थित कलाधाम सोसाइटी में एक मासूम बच्चे की खुले गड्ढे में डूबने से मौत हुई।
सीईओ एनजी रवि कुमार ने सभी वर्क सर्किल टीमों को तत्काल सुरक्षा उपाय लागू करने के निर्देश दिए; लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी।
अब तक शहर में 100 से अधिक संवेदनशील स्थानों की पहचान कर बैरिकेडिंग, मेनहोल कवरिंग और गड्ढा भराई का काम पूरा।
एसीईओ सुमित यादव ने कहा — सभी संवेदनशील स्थान सुरक्षित होने तक अभियान जारी रहेगा।
प्राधिकरण ने नागरिकों से अपील की — खुला गड्ढा या खतरनाक स्थान दिखे तो तुरंत सूचना दें।

ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-2 स्थित कलाधाम सोसाइटी में एक खुले गड्ढे में डूबने से एक मासूम बच्चे की मौत के बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने शहरभर में आपात सुरक्षा अभियान छेड़ दिया है। 28 जुलाई को प्राधिकरण ने पुष्टि की कि अब तक शहर में 100 से अधिक संवेदनशील स्थानों की पहचान कर वहाँ आवश्यक सुरक्षा उपाय लागू किए जा चुके हैं।

मुख्य घटनाक्रम

इस दुखद हादसे को गंभीरता से लेते हुए प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एनजी रवि कुमार ने सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि शहर की सड़कों, ड्रेनों और सार्वजनिक स्थानों पर मौजूद किसी भी खुले गड्ढे, मेनहोल या दुर्घटना-संभावित स्थान को तत्काल सुरक्षित किया जाए। सीईओ ने यह भी चेतावनी दी कि भविष्य में लापरवाही के कारण कोई हादसा होने पर संबंधित वर्क सर्किल की पूरी टीम के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सुरक्षा उपायों का विस्तार

सीईओ के निर्देशों के बाद प्राधिकरण के परियोजना विभाग और जल-सीवर विभाग की टीमें अपने-अपने वर्क सर्किल क्षेत्रों में लगातार निरीक्षण कर रही हैं। वरिष्ठ प्रबंधकों के नेतृत्व में फील्ड टीमें दुर्घटना-संभावित स्थानों को चिन्हित कर रही हैं। इन स्थानों पर बैरिकेडिंग लगाने, खुले गड्ढों को भरने, मेनहोल को ढकने और खुले नालों को सुरक्षित करने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है।

कई स्थानों पर अस्थायी और स्थायी बैरिकेड लगाए गए हैं। खुले ड्रेनों को ढका गया है तथा सड़क किनारे के नालों को कवर करने का काम तेज़ गति से चल रहा है। इसके साथ ही सड़क पर बने गड्ढों की मरम्मत भी प्राथमिकता के आधार पर कराई जा रही है ताकि वाहन चालकों और राहगीरों को दुर्घटना का सामना न करना पड़े।

अधिकारियों की प्रतिक्रिया

प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (एसीईओ) सुमित यादव ने बताया कि सभी वर्क सर्किलों को अपने-अपने क्षेत्रों का व्यापक सर्वेक्षण करने और प्रत्येक दुर्घटना-संभावित स्थान को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह विशेष अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक शहर के सभी संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित नहीं हो जाते।

आम जनता पर असर और अपील

प्राधिकरण ने सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता घोषित करते हुए कहा है कि भविष्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि यदि उन्हें अपने आसपास कोई खुला गड्ढा, टूटी सड़क, खुला मेनहोल या अन्य कोई खतरनाक स्थान दिखे तो उसकी सूचना तुरंत प्राधिकरण को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर हादसों को रोका जा सके।

क्या होगा आगे

अधिकारियों के अनुसार यह अभियान तब तक नहीं रुकेगा जब तक शहर का हर संवेदनशील स्थान पूरी तरह सुरक्षित न हो जाए। प्राधिकरण का मानना है कि समय पर सुरक्षा उपाय लागू करने से दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकेगा और आम नागरिकों की जान की रक्षा सुनिश्चित होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

कब और कैसे जाँचेगा। प्राधिकरण की असली परीक्षा मानसून के बाद होगी, जब मीडिया का दबाव कम होगा और फील्ड टीमें फिर से नियमित गति पर लौट आएँगी।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ग्रेटर नोएडा में बच्चे की मौत कैसे हुई?
नॉलेज पार्क-2 स्थित कलाधाम सोसाइटी में एक मासूम बच्चे की खुले गड्ढे में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे के बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने शहरभर में आपात सुरक्षा अभियान शुरू किया।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने हादसे के बाद क्या कदम उठाए?
सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर परियोजना और जल-सीवर विभाग की टीमें फील्ड में उतरीं और 100 से अधिक संवेदनशील स्थानों पर बैरिकेडिंग, मेनहोल कवरिंग और गड्ढा भराई का काम शुरू किया गया। भविष्य में लापरवाही पर संबंधित वर्क सर्किल टीम के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
यह सुरक्षा अभियान कब तक चलेगा?
एसीईओ सुमित यादव के अनुसार यह विशेष अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक शहर के सभी संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित नहीं हो जाते। कोई निश्चित समयसीमा सार्वजनिक नहीं की गई है।
ग्रेटर नोएडा में खुले गड्ढे या मेनहोल की सूचना कहाँ दें?
प्राधिकरण ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें कोई खुला गड्ढा, टूटी सड़क, खुला मेनहोल या अन्य खतरनाक स्थान दिखे तो तुरंत ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को सूचित करें ताकि समय पर कार्रवाई हो सके।
इस अभियान से शहर के किन इलाकों को फायदा होगा?
अभियान पूरे ग्रेटर नोएडा शहर के सभी वर्क सर्किल क्षेत्रों में चलाया जा रहा है। सड़कों, ड्रेनों और सार्वजनिक स्थानों पर दुर्घटना-संभावित स्थानों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे वाहन चालकों, पैदल यात्रियों और स्थानीय निवासियों — सभी को सुरक्षा मिलेगी।
राष्ट्र प्रेस
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