ग्रेटर नोएडा: बोरवेल गड्ढे में डूबने से 6 वर्षीय अव्यान की मौत, ठेकेदार पर FIR, दो कर्मी बर्खास्त
सारांश
मुख्य बातें
ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-2 स्थित कलाधाम सोसायटी में 26 जुलाई की शाम एक दिल दहला देने वाली घटना में 6 वर्षीय अव्यान सूर्या की बोरवेल निर्माण के लिए खोदे गए पानी से भरे गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने घटना को गंभीरता से लेते हुए ठेकेदार के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने की तहरीर दी है और दो लापरवाह कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया है।
हादसे का घटनाक्रम
प्राधिकरण के अनुसार, कलाधाम सोसायटी की जलापूर्ति व्यवस्था सुधारने के उद्देश्य से तीन दिन पूर्व नलकूप निर्माण कार्य शुरू किया गया था। आरोप है कि ठेकेदार ने कार्य आरंभ करने से पहले जल विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित नहीं किया और कार्यस्थल पर बैरिकेडिंग या कोई भी सुरक्षा इंतजाम नहीं किए। सुरक्षा घेरे के अभाव में गड्ढे में पानी भर गया, जो इस दुर्घटना का प्रत्यक्ष कारण बना।
शनिवार देर शाम केंद्रीय विद्यालय के उप प्रधानाचार्य सीवान यादव का पुत्र अव्यान सूर्या सोसायटी परिसर में खेलते-खेलते उस पानी भरे गड्ढे में जा गिरा। जब तक आसपास के लोगों को घटना की भनक लगी और बच्चे को बाहर निकाला गया, तब तक उसकी डूबने से मौत हो चुकी थी। सोसायटी में शोक और आक्रोश का माहौल है।
प्राधिकरण की तत्काल कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एनजी रवि कुमार ने तत्काल संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को मौके पर रवाना किया। महाप्रबंधक एके सिंह, वरिष्ठ प्रबंधक विनोद कुमार शर्मा और सहायक प्रबंधक मनोज चौधरी घटनास्थल पर पहुँचे। सीईओ ने पूरे मामले की जाँच का आदेश देते हुए महाप्रबंधक एके सिंह को जाँच अधिकारी नियुक्त किया।
प्राधिकरण ने ठेकेदार की लापरवाही को प्रथम दृष्टया जिम्मेदार मानते हुए नॉलेज पार्क कोतवाली में सुप्रीम इंडस्ट्रियल कॉरपोरेशन के प्रोपराइटर मनोज कुमार जैन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की तहरीर दी है। संबंधित ठेकेदार फर्म को ब्लैकलिस्ट भी कर दिया गया है।
दो कर्मचारी बर्खास्त, और एफआईआर की मांग
जाँच में जल विभाग के तकनीकी सुपरवाइजर आकाश कुमार और सुपरवाइजर जॉनी कुमार की गंभीर लापरवाही सामने आने पर दोनों को तत्काल प्रभाव से सेवामुक्त कर दिया गया है। प्राधिकरण ने इन दोनों के विरुद्ध भी एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (एसीईओ) सुनील कुमार सिंह ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि मासूम की मौत अत्यंत दुखद है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
भविष्य के लिए सख्त निर्देश
सीईओ एनजी रवि कुमार ने सभी वर्क सर्किलों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आगे से किसी भी निर्माण कार्य की शुरुआत तभी की जाए जब बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेतक और सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय पूरी तरह सुनिश्चित हो जाएँ। उन्होंने चेतावनी दी कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले कर्मचारियों और ठेकेदारों के खिलाफ भविष्य में भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। यह घटना निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर एक गंभीर सवाल खड़ा करती है।