26 जुलाई 2026
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ग्रेटर नोएडा: खुले गड्ढे में गिरने से ६ वर्षीय बच्चे की मौत, ठेकेदार समेत तीन पर एफआईआर दर्ज

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ग्रेटर नोएडा: खुले गड्ढे में गिरने से ६ वर्षीय बच्चे की मौत, ठेकेदार समेत तीन पर एफआईआर दर्ज

सारांश

ग्रेटर नोएडा में एक खुले और अनसुरक्षित बोरिंग गड्ढे ने एक ६ वर्षीय मासूम की जान ले ली। न बैरिकेडिंग, न चेतावनी बोर्ड — सिर्फ लापरवाही। प्राधिकरण ने तीन लोगों पर एफआईआर दर्ज की, पर सवाल यह है कि पहले की शिकायतों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

मुख्य बातें

ग्रेटर नोएडा की कलाधाम सोसाइटी के पास 26 जुलाई की शाम खुले गड्ढे में गिरने से केंद्रीय विद्यालय के उप-प्रधानाचार्य सीवान यादव के ६ वर्षीय बेटे की मौत हुई।
गड्ढा ट्यूबवेल बोरिंग के लिए खोदा गया था; उसके आसपास न बैरिकेडिंग थी, न चेतावनी बोर्ड ।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने ठेकेदार मनोज जैन , सुपरवाइजर जॉनी और टेक्निकल सुपरवाइज़र आकाश के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सेवाएं समाप्त कीं।
महाप्रबंधक एके सिंह के अनुसार बोरवेल को बिना प्राधिकरण की जानकारी के निर्धारित स्थान से हटाकर दूसरी जगह खोदा गया था।
पड़ोसी कालीचरण गुप्ता का आरोप — क्षेत्र में पहले भी खुले गड्ढों की शिकायतें हुईं, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क कोतवाली क्षेत्र स्थित कलाधाम सोसाइटी के पास शनिवार, 26 जुलाई की देर शाम बोरिंग कार्य के लिए खोदे गए पानी से भरे एक खुले गड्ढे में गिरने से केंद्रीय विद्यालय के उप-प्रधानाचार्य सीवान यादव के छह वर्षीय बेटे की मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे के बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने ठेकेदार मनोज जैन, सुपरवाइजर जॉनी और टेक्निकल सुपरवाइज़र आकाश के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराते हुए तत्काल प्रभाव से उनकी सेवाएं समाप्त कर दी हैं।

हादसे का घटनाक्रम

बच्चा उस शाम अपने साथियों के साथ कलाधाम सोसाइटी के निकट खेल रहा था। खेलते-खेलते वह ट्यूबवेल के लिए खोदे गए गहरे और पानी से भरे गड्ढे के पास पहुँच गया और अचानक उसमें जा गिरा। बच्चों के शोर मचाने पर आसपास के लोग दौड़े और काफी मशक्कत के बाद बच्चे को बाहर निकाला। उसे तत्काल नज़दीकी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

लापरवाही के आरोप और स्थानीय आक्रोश

स्थानीय निवासियों का आरोप है कि यह गड्ढा कई दिनों से खुला पड़ा था और उसके चारों ओर न तो बैरिकेडिंग की गई थी, न कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया था। मृतक बच्चे के पड़ोसी कालीचरण गुप्ता ने प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्षेत्र में पहले भी खुले गड्ढों की शिकायतें दर्ज कराई गई थीं, परंतु कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि विकास कार्य शुरू तो किए जाते हैं, लेकिन सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जाती है।

प्राधिकरण की प्रतिक्रिया

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक एके सिंह ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि सोसाइटी में पेयजल आपूर्ति की समस्या के समाधान के लिए ट्यूबवेल लगाने की मंजूरी दी गई थी, किंतु बोरवेल को निर्धारित स्थान के बजाय बिना प्राधिकरण की जानकारी के दूसरी जगह स्थानांतरित कर दिया गया, जिसके कारण यह दुर्घटना हुई। प्राधिकरण ने प्रारंभिक जाँच में ठेकेदार की लापरवाही को हादसे का प्रमुख कारण माना है।

पुलिस जाँच और एफआईआर

कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार ने बताया कि परिजनों की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और पूरे प्रकरण की विस्तृत जाँच की जा रही है। ठेकेदार मनोज जैन, सुपरवाइजर जॉनी और टेक्निकल सुपरवाइज़र आकाश — तीनों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं।

आगे क्या होगा

यह घटना देशभर में निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी के बढ़ते मामलों की ओर ध्यान खींचती है। प्राधिकरण पर अब दबाव है कि वह अपने अधिकार क्षेत्र में सभी सक्रिय निर्माण और बोरिंग स्थलों का तत्काल सुरक्षा ऑडिट कराए। पुलिस जाँच के नतीजे और न्यायिक प्रक्रिया आगे की कार्रवाई तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक पैटर्न है — देशभर में सरकारी और अर्ध-सरकारी निर्माण एजेंसियाँ काम शुरू करती हैं, लेकिन सुरक्षा प्रोटोकॉल को वैकल्पिक मानती हैं। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का एफआईआर दर्ज करना और सेवाएं समाप्त करना प्रतिक्रियात्मक कदम है — निवारक नहीं। असली जवाबदेही तब बनेगी जब निर्माण स्थलों का नियमित सुरक्षा ऑडिट अनिवार्य हो और उल्लंघन पर ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट किया जाए, न केवल बर्खास्त। एक बच्चे की जान के बाद जागना, व्यवस्था की विफलता का सबसे दुखद स्वीकारोक्ति है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ग्रेटर नोएडा में खुले गड्ढे में गिरने वाले बच्चे की पहचान क्या है?
मृतक बच्चा केंद्रीय विद्यालय के उप-प्रधानाचार्य सीवान यादव का ६ वर्षीय बेटा था। वह कलाधाम सोसाइटी के पास अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था जब वह बोरिंग के लिए खोदे गए पानी से भरे गड्ढे में जा गिरा।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने इस हादसे में किन पर एफआईआर दर्ज की?
प्राधिकरण ने ठेकेदार मनोज जैन, सुपरवाइजर जॉनी और टेक्निकल सुपरवाइज़र आकाश के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है और तीनों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं। परिजनों की तहरीर के आधार पर कोतवाली में मामला दर्ज किया गया है।
यह हादसा क्यों हुआ और इसके लिए कौन ज़िम्मेदार है?
प्राधिकरण के महाप्रबंधक एके सिंह के अनुसार बोरवेल को बिना प्राधिकरण की जानकारी के निर्धारित स्थान से हटाकर दूसरी जगह खोदा गया था। इसके अलावा गड्ढे के चारों ओर न बैरिकेडिंग थी और न कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया था, जिसे प्रारंभिक जाँच में ठेकेदार की लापरवाही माना गया है।
क्या इस इलाके में पहले भी ऐसी शिकायतें हुई थीं?
हाँ, मृतक बच्चे के पड़ोसी कालीचरण गुप्ता के अनुसार क्षेत्र में पहले भी खुले गड्ढों की शिकायतें की गई थीं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा उपाय किए गए होते तो इस हादसे को टाला जा सकता था।
इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होगी?
कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार के अनुसार पूरे प्रकरण की जाँच जारी है। तीनों आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है और न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई होगी। प्राधिकरण पर अब अपने क्षेत्र के सभी सक्रिय निर्माण स्थलों का सुरक्षा ऑडिट कराने का दबाव है।
राष्ट्र प्रेस
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