2 अगस्त 2026
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नोएडा सेक्टर-123 में पंप की खुली होदी में गिरकर चार वर्षीय बच्चे की मौत, प्राधिकरण पर लापरवाही का आरोप

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नोएडा सेक्टर-123 में पंप की खुली होदी में गिरकर चार वर्षीय बच्चे की मौत, प्राधिकरण पर लापरवाही का आरोप

सारांश

नोएडा के सेक्टर-123 में एक चार वर्षीय बच्चा ग्रीन बेल्ट में खेलते हुए पंप की खुली होदी में गिरकर डूब गया। परिजनों ने नोएडा प्राधिकरण पर लापरवाही का आरोप लगाया — न रेलिंग थी, न चेतावनी बोर्ड। यह हादसा शहर की सार्वजनिक सुरक्षा व्यवस्था की गहरी विफलता को उजागर करता है।

मुख्य बातें

1 अगस्त 2026 को नोएडा के सेक्टर-123 की ग्रीन बेल्ट में चार वर्षीय बच्चे की पंप की खुली होदी में गिरकर डूबने से मौत हो गई।
परिजनों का आरोप है कि होदी लंबे समय से खुली थी — न जाली, न रेलिंग, न चेतावनी बोर्ड।
घटना के समय मौके पर नोएडा प्राधिकरण का कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था।
थाना सेक्टर-113 पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है और कानूनी कार्रवाई प्रक्रियाधीन है।
स्थानीय नागरिकों ने सभी खुले पंपों, होदियों और गड्ढों पर तत्काल बैरिकेडिंग और निगरानी की माँग की है।

नोएडा के सेक्टर-123 स्थित ग्रीन बेल्ट में 1 अगस्त 2026 को एक दर्दनाक हादसे में चार वर्षीय बच्चे की जान चली गई, जब वह खेलते-खेलते वहाँ लगे पंप की खुली होदी में गिर गया और डूब गया। थाना सेक्टर-113 क्षेत्र में हुई इस घटना ने नोएडा प्राधिकरण की सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

हादसे का घटनाक्रम

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बच्चा ग्रीन बेल्ट में खेल रहा था और पानी पीने के लिए पास के पंप की ओर गया। इसी दौरान वह खुली होदी — यानी पानी संग्रह करने वाली संरचना — में गिर गया। घटना इतनी अचानक हुई कि आसपास मौजूद लोगों को प्रतिक्रिया का मौका नहीं मिला। जब तक बच्चे को बाहर निकाला गया, उसकी हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी। उसे तत्काल नज़दीकी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

परिजनों का आरोप — प्राधिकरण की सीधी जिम्मेदारी

मृत बच्चे के परिजनों ने इस हादसे के लिए नोएडा प्राधिकरण को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि जिस होदी में बच्चा गिरा, वह लंबे समय से खुली पड़ी थी। न उसके चारों ओर जाली या रेलिंग लगाई गई थी, न कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया था, और घटना के समय मौके पर प्राधिकरण का कोई कर्मचारी भी मौजूद नहीं था। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे परिवार में कोहराम मचा हुआ है।

स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश

हादसे के बाद इलाके में गुस्से का माहौल है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सेक्टरों की ग्रीन बेल्ट, पार्कों और सार्वजनिक स्थानों पर खुले गड्ढे, पंप की होदियाँ और नाले लंबे समय से असुरक्षित पड़े हैं। आलोचकों का कहना है कि बार-बार ऐसे हादसे होने के बावजूद जिम्मेदार विभाग सबक लेने को तैयार नहीं है। नागरिकों ने माँग की है कि प्राधिकरण तत्काल सभी खुले पंपों, होदियों और खतरनाक स्थानों पर मजबूत बैरिकेडिंग, जाली और नियमित निगरानी सुनिश्चित करे।

पुलिस जाँच शुरू

सूचना मिलते ही थाना सेक्टर-113 की पुलिस मौके पर पहुँची और मामले की जाँच शुरू कर दी। पुलिस यह भी देख रही है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी किस स्तर पर हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

यह पहली घटना नहीं

गौरतलब है कि यह हादसा नोएडा में पिछले कुछ महीनों में सामने आई उन कई दुर्घटनाओं की याद दिलाता है, जिनमें खुले गड्ढों, नालों और जलभराव वाले स्थानों में गिरने से बच्चों सहित कई लोगों की जान जा चुकी है। यह ऐसे समय में आया है जब सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे की सुरक्षा को लेकर नागरिक समाज लगातार आवाज़ उठा रहा है। यदि प्राधिकरण ने अब भी ठोस कदम नहीं उठाए, तो भविष्य में ऐसी त्रासदियों की आशंका बनी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि प्रशासनिक उदासीनता का परिणाम है — नोएडा जैसे योजनाबद्ध शहर में सार्वजनिक स्थलों पर बुनियादी सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी भी तर्क से उचित नहीं ठहराई जा सकती। सवाल यह है कि क्या प्राधिकरण केवल हादसे के बाद कार्रवाई करता है, या निवारक तंत्र भी बनाया जाएगा। पिछले कई महीनों में बच्चों की ऐसी मौतें दोहराती रही हैं, फिर भी जवाबदेही का कोई ठोस ढाँचा नहीं दिखता। जब तक जिम्मेदारी तय नहीं होती और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, ऐसी त्रासदियाँ रुकने वाली नहीं हैं।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोएडा सेक्टर-123 में बच्चे की मौत कैसे हुई?
1 अगस्त 2026 को सेक्टर-123 की ग्रीन बेल्ट में खेल रहा चार वर्षीय बच्चा पंप के पास पानी पीने गया और खुली होदी में गिर गया। समय पर बाहर न निकाले जाने के कारण डूबने से उसकी मौत हो गई।
नोएडा प्राधिकरण पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
परिजनों और स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि होदी लंबे समय से खुली थी, उसके चारों ओर न जाली-रेलिंग थी और न कोई चेतावनी बोर्ड। घटना के समय प्राधिकरण का कोई कर्मचारी मौके पर नहीं था।
पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है?
थाना सेक्टर-113 की पुलिस घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुँची और जाँच शुरू कर दी। पुलिस यह पता लगा रही है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी किस स्तर पर हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
स्थानीय नागरिकों ने क्या माँगें रखी हैं?
नागरिकों ने नोएडा प्राधिकरण से माँग की है कि सभी खुले पंपों, होदियों, गड्ढों और नालों पर तत्काल मजबूत बैरिकेडिंग और जाली लगाई जाए तथा नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।
क्या नोएडा में पहले भी ऐसे हादसे हो चुके हैं?
हाँ, पिछले कुछ महीनों में नोएडा में खुले गड्ढों, नालों और जलभराव वाले स्थानों में गिरने से बच्चों सहित कई लोगों की जान जा चुकी है। इस बार की घटना उसी लापरवाही की पुनरावृत्ति मानी जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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