नोएडा सेक्टर-123 में पंप की खुली होदी में गिरकर चार वर्षीय बच्चे की मौत, प्राधिकरण पर लापरवाही का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
नोएडा के सेक्टर-123 स्थित ग्रीन बेल्ट में 1 अगस्त 2026 को एक दर्दनाक हादसे में चार वर्षीय बच्चे की जान चली गई, जब वह खेलते-खेलते वहाँ लगे पंप की खुली होदी में गिर गया और डूब गया। थाना सेक्टर-113 क्षेत्र में हुई इस घटना ने नोएडा प्राधिकरण की सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हादसे का घटनाक्रम
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बच्चा ग्रीन बेल्ट में खेल रहा था और पानी पीने के लिए पास के पंप की ओर गया। इसी दौरान वह खुली होदी — यानी पानी संग्रह करने वाली संरचना — में गिर गया। घटना इतनी अचानक हुई कि आसपास मौजूद लोगों को प्रतिक्रिया का मौका नहीं मिला। जब तक बच्चे को बाहर निकाला गया, उसकी हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी। उसे तत्काल नज़दीकी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिजनों का आरोप — प्राधिकरण की सीधी जिम्मेदारी
मृत बच्चे के परिजनों ने इस हादसे के लिए नोएडा प्राधिकरण को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि जिस होदी में बच्चा गिरा, वह लंबे समय से खुली पड़ी थी। न उसके चारों ओर जाली या रेलिंग लगाई गई थी, न कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया था, और घटना के समय मौके पर प्राधिकरण का कोई कर्मचारी भी मौजूद नहीं था। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश
हादसे के बाद इलाके में गुस्से का माहौल है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सेक्टरों की ग्रीन बेल्ट, पार्कों और सार्वजनिक स्थानों पर खुले गड्ढे, पंप की होदियाँ और नाले लंबे समय से असुरक्षित पड़े हैं। आलोचकों का कहना है कि बार-बार ऐसे हादसे होने के बावजूद जिम्मेदार विभाग सबक लेने को तैयार नहीं है। नागरिकों ने माँग की है कि प्राधिकरण तत्काल सभी खुले पंपों, होदियों और खतरनाक स्थानों पर मजबूत बैरिकेडिंग, जाली और नियमित निगरानी सुनिश्चित करे।
पुलिस जाँच शुरू
सूचना मिलते ही थाना सेक्टर-113 की पुलिस मौके पर पहुँची और मामले की जाँच शुरू कर दी। पुलिस यह भी देख रही है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी किस स्तर पर हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
यह पहली घटना नहीं
गौरतलब है कि यह हादसा नोएडा में पिछले कुछ महीनों में सामने आई उन कई दुर्घटनाओं की याद दिलाता है, जिनमें खुले गड्ढों, नालों और जलभराव वाले स्थानों में गिरने से बच्चों सहित कई लोगों की जान जा चुकी है। यह ऐसे समय में आया है जब सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे की सुरक्षा को लेकर नागरिक समाज लगातार आवाज़ उठा रहा है। यदि प्राधिकरण ने अब भी ठोस कदम नहीं उठाए, तो भविष्य में ऐसी त्रासदियों की आशंका बनी रहेगी।