नोएडा सेक्टर-123 में खुली पंप होदी में गिरा 4 वर्षीय फिरोज, मौत; प्राधिकरण अधिकारियों पर FIR
सारांश
मुख्य बातें
नोएडा के सेक्टर-123 की ग्रीन बेल्ट में बिना सुरक्षा घेराबंदी के छोड़ी गई खुली पंप होदी में 1 अगस्त 2026 को चार वर्षीय फिरोज आलम उर्फ गोलू की गिरकर मृत्यु हो गई। परिजनों की तहरीर पर थाना सेक्टर-113 पुलिस ने नोएडा प्राधिकरण के संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।
हादसे का घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, फिरोज आलम अपने परिवार के साथ पर्थला गोलचक्कर के निकट सेक्टर-123 की झुग्गी-झोपड़ी बस्ती में रहता था। उसके पिता मुराजुद्दीन मूल रूप से ग्राम खर्तौना, थाना अटरिया, जनपद सीतापुर के निवासी हैं। शुक्रवार को बच्चा पानी पीने के लिए घर से निकला और ग्रीन बेल्ट में बनी खुली पंप होदी में जा गिरा।
आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल बच्चे को बाहर निकालने का प्रयास किया और पुलिस को सूचित किया। थाना सेक्टर-113 की पुलिस टीम मौके पर पहुँची और बच्चे को उपचार के लिए अस्पताल ले गई, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने पंचनामा एवं आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया और अंतिम संस्कार संपन्न हो गया।
प्राधिकरण की लापरवाही पर आरोप
परिजनों और स्थानीय निवासियों का आरोप है कि हादसे के समय नोएडा प्राधिकरण का कोई कर्मचारी मौके पर उपस्थित नहीं था। पंप की होदी पर न तो सुरक्षा ढक्कन था, न कोई चेतावनी बोर्ड और न ही कोई बाड़ेबंदी। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय पर सुरक्षा घेराबंदी और नियमित निगरानी होती तो यह दुर्घटना रोकी जा सकती थी।
परिजनों की तहरीर के आधार पर पुलिस ने प्राधिकरण के संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध एफआईआर पंजीकृत की है। जाँच जारी है और पुलिस के अनुसार दोषियों के खिलाफ नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।
नोएडा में बार-बार सामने आती सुरक्षा चूक
यह हादसा ऐसे समय हुआ है जब पिछले कुछ महीनों में नोएडा और ग्रेटर नोएडा में खुले गड्ढों, नालों, जलभराव वाले स्थानों और असुरक्षित निर्माण स्थलों में गिरने से कई लोगों — विशेषकर बच्चों — की जान जा चुकी है। बावजूद इसके, सुरक्षा मानकों की अनदेखी के आरोप लगातार लगते रहे हैं।
गौरतलब है कि सार्वजनिक स्थानों पर पंप, होदी, नाले और खुले गड्ढों को सुरक्षित करने की जिम्मेदारी नोएडा प्राधिकरण की है। आलोचकों का कहना है कि संस्था बार-बार इस जिम्मेदारी से चूकती रही है।
आम जनता की माँग
स्थानीय निवासियों ने माँग की है कि इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई हो। साथ ही, नोएडा के सभी सार्वजनिक स्थलों पर खुली होदियों, नालों और गड्ढों की तत्काल पहचान कर उन्हें सुरक्षित किया जाए। लोगों का कहना है कि जवाबदेही सुनिश्चित न हुई तो ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना संभव नहीं होगा।
इस दर्दनाक हादसे के बाद अब सबकी निगाहें नोएडा प्राधिकरण की प्रतिक्रिया और जाँच की दिशा पर टिकी हैं।