1 अगस्त 2026
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नोएडा सेक्टर-123 में खुली पंप होदी में गिरा 4 वर्षीय फिरोज, मौत; प्राधिकरण अधिकारियों पर FIR

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नोएडा सेक्टर-123 में खुली पंप होदी में गिरा 4 वर्षीय फिरोज, मौत; प्राधिकरण अधिकारियों पर FIR

सारांश

नोएडा के सेक्टर-123 में बिना ढक्कन और बाड़ के छोड़ी गई पंप होदी में गिरकर चार वर्षीय फिरोज आलम की मौत ने प्राधिकरण की सुरक्षा व्यवस्था पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिकारियों पर FIR दर्ज हो गई है, लेकिन असली सवाल यह है कि बार-बार हादसों के बावजूद जवाबदेही क्यों नहीं तय होती।

मुख्य बातें

1 अगस्त 2026 को नोएडा सेक्टर-123 की ग्रीन बेल्ट में खुली पंप होदी में गिरने से 4 वर्षीय फिरोज आलम उर्फ गोलू की मृत्यु हो गई।
मृतक के पिता मुराजुद्दीन मूल रूप से जनपद सीतापुर के निवासी हैं; परिवार पर्थला गोलचक्कर के पास झुग्गी बस्ती में रहता था।
परिजनों की तहरीर पर थाना सेक्टर-113 पुलिस ने नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों व कर्मचारियों के विरुद्ध FIR दर्ज की।
हादसे के समय होदी पर न ढक्कन था, न सुरक्षा बाड़, न चेतावनी बोर्ड — प्राधिकरण का कोई कर्मचारी मौके पर नहीं था।
पिछले कुछ महीनों में नोएडा-ग्रेटर नोएडा में खुले गड्ढों व नालों में गिरने से कई बच्चों की जान जा चुकी है।

नोएडा के सेक्टर-123 की ग्रीन बेल्ट में बिना सुरक्षा घेराबंदी के छोड़ी गई खुली पंप होदी में 1 अगस्त 2026 को चार वर्षीय फिरोज आलम उर्फ गोलू की गिरकर मृत्यु हो गई। परिजनों की तहरीर पर थाना सेक्टर-113 पुलिस ने नोएडा प्राधिकरण के संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।

हादसे का घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, फिरोज आलम अपने परिवार के साथ पर्थला गोलचक्कर के निकट सेक्टर-123 की झुग्गी-झोपड़ी बस्ती में रहता था। उसके पिता मुराजुद्दीन मूल रूप से ग्राम खर्तौना, थाना अटरिया, जनपद सीतापुर के निवासी हैं। शुक्रवार को बच्चा पानी पीने के लिए घर से निकला और ग्रीन बेल्ट में बनी खुली पंप होदी में जा गिरा।

आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल बच्चे को बाहर निकालने का प्रयास किया और पुलिस को सूचित किया। थाना सेक्टर-113 की पुलिस टीम मौके पर पहुँची और बच्चे को उपचार के लिए अस्पताल ले गई, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने पंचनामा एवं आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया और अंतिम संस्कार संपन्न हो गया।

प्राधिकरण की लापरवाही पर आरोप

परिजनों और स्थानीय निवासियों का आरोप है कि हादसे के समय नोएडा प्राधिकरण का कोई कर्मचारी मौके पर उपस्थित नहीं था। पंप की होदी पर न तो सुरक्षा ढक्कन था, न कोई चेतावनी बोर्ड और न ही कोई बाड़ेबंदी। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय पर सुरक्षा घेराबंदी और नियमित निगरानी होती तो यह दुर्घटना रोकी जा सकती थी।

परिजनों की तहरीर के आधार पर पुलिस ने प्राधिकरण के संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध एफआईआर पंजीकृत की है। जाँच जारी है और पुलिस के अनुसार दोषियों के खिलाफ नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।

नोएडा में बार-बार सामने आती सुरक्षा चूक

यह हादसा ऐसे समय हुआ है जब पिछले कुछ महीनों में नोएडा और ग्रेटर नोएडा में खुले गड्ढों, नालों, जलभराव वाले स्थानों और असुरक्षित निर्माण स्थलों में गिरने से कई लोगों — विशेषकर बच्चों — की जान जा चुकी है। बावजूद इसके, सुरक्षा मानकों की अनदेखी के आरोप लगातार लगते रहे हैं।

गौरतलब है कि सार्वजनिक स्थानों पर पंप, होदी, नाले और खुले गड्ढों को सुरक्षित करने की जिम्मेदारी नोएडा प्राधिकरण की है। आलोचकों का कहना है कि संस्था बार-बार इस जिम्मेदारी से चूकती रही है।

आम जनता की माँग

स्थानीय निवासियों ने माँग की है कि इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई हो। साथ ही, नोएडा के सभी सार्वजनिक स्थलों पर खुली होदियों, नालों और गड्ढों की तत्काल पहचान कर उन्हें सुरक्षित किया जाए। लोगों का कहना है कि जवाबदेही सुनिश्चित न हुई तो ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना संभव नहीं होगा।

इस दर्दनाक हादसे के बाद अब सबकी निगाहें नोएडा प्राधिकरण की प्रतिक्रिया और जाँच की दिशा पर टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन पिछले मामलों में भी ऐसी कार्रवाइयाँ हुईं और नतीजा ढाक के तीन पात रहा। असली सवाल यह है कि सार्वजनिक अवसंरचना के नियमित सुरक्षा ऑडिट की कोई बाध्यकारी व्यवस्था क्यों नहीं है। जब तक जिम्मेदारी सिर्फ कागजी FIR तक सीमित रहेगी और अधिकारियों को वास्तविक दंड नहीं मिलेगा, तब तक ये होदियाँ, गड्ढे और नाले मासूमों के लिए जानलेवा बने रहेंगे।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोएडा सेक्टर-123 पंप होदी हादसे में क्या हुआ?
1 अगस्त 2026 को नोएडा के सेक्टर-123 की ग्रीन बेल्ट में बनी एक खुली पंप होदी में चार वर्षीय फिरोज आलम उर्फ गोलू गिर गया। अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों पर FIR क्यों दर्ज हुई?
परिजनों का आरोप है कि पंप की होदी पर न ढक्कन था, न सुरक्षा बाड़ और न चेतावनी बोर्ड — यानी प्राधिकरण ने बुनियादी सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया। परिजनों की तहरीर के आधार पर थाना सेक्टर-113 पुलिस ने संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों के विरुद्ध FIR दर्ज की है।
मृतक बच्चे की पहचान क्या है?
मृतक का नाम फिरोज आलम उर्फ गोलू (4 वर्ष) है, जो मुराजुद्दीन का पुत्र है। परिवार मूल रूप से जनपद सीतापुर के ग्राम खर्तौना का निवासी है और घटना के समय नोएडा सेक्टर-123 की झुग्गी बस्ती में रह रहा था।
क्या नोएडा में पहले भी ऐसे हादसे हो चुके हैं?
हाँ, पिछले कुछ महीनों में नोएडा और ग्रेटर नोएडा में खुले गड्ढों, नालों और असुरक्षित निर्माण स्थलों में गिरने से कई बच्चों सहित अनेक लोगों की जान जा चुकी है। बावजूद इसके सुरक्षा मानकों की अनदेखी के आरोप लगातार लगते रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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