अभिषेक बनर्जी आज ईडी के सामने: स्कूल-नौकरी घोटाले में साल्टलेक दफ्तर में पूछताछ
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी सोमवार, 15 जून को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के साल्टलेक, कोलकाता स्थित दफ्तर में पेश हुए। उन्हें पश्चिम बंगाल के करोड़ों रुपये के स्कूल-नौकरी घोटाले (कैश-फॉर-जॉब) में केंद्रीय एजेंसी की जारी जाँच के तहत पूछताछ के लिए बुलाया गया था। यह ऐसे समय में आया है जब बनर्जी पर एक साथ कई जाँच एजेंसियों का दबाव बढ़ता दिख रहा है।
नोटिस और पेशी का क्रम
ईडी ने 3 जून को अभिषेक बनर्जी को नोटिस भेजा था, जिसमें उन्हें 15 जून को दोपहर 12 बजे तक साल्टलेक स्थित दफ्तर में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया था। ईडी सूत्रों के अनुसार, एजेंसी इस मामले में उनकी संभावित संलिप्तता को लेकर जाँच को किसी तार्किक नतीजे तक पहुँचाना चाहती है और उस दिन उनका बयान दर्ज किया जाना था।
गौरतलब है कि अभिषेक बनर्जी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे हैं। इस मामले में केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) द्वारा दायर चार्जशीट में उनका नाम आया था, हालाँकि उन्हें आरोपी नहीं बनाया गया था। ईडी की जाँच के दौरान दायर चार्जशीट में भी उनका नाम कथित तौर पर शामिल रहा है।
एक दिन पहले सीआईडी की साढ़े आठ घंटे पूछताछ
ईडी के सामने यह पेशी उस लंबी पूछताछ के ठीक अगले दिन हुई, जो रविवार को पश्चिम बंगाल पुलिस के आपराधिक जाँच विभाग (CID) ने साढ़े आठ घंटे तक की थी। CID की यह पूछताछ विधानसभा में विपक्ष के लिए आरक्षित कुछ महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति से जुड़े एक प्रस्ताव पर कुछ TMC विधायकों के हस्ताक्षरों में विसंगतियों के मामले में चल रही जाँच के सिलसिले में थी।
मंगलवार को भी CID के सामने पेशी
16 जून यानी मंगलवार को अभिषेक बनर्जी को दक्षिण कोलकाता के भवानी भवन स्थित CID मुख्यालय में एक अलग मामले में पूछताछ के लिए उपस्थित होना है। यह पूछताछ उनके खिलाफ दर्ज उस एफआईआर के सिलसिले में होगी, जिसमें उन पर राज्य में हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों से पहले हिंसा भड़काने और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को कथित तौर पर धमकाने का आरोप है। CID ने इस मामले में उन्हें 12 जून की शाम को नोटिस भेजा था।
अभिषेक बनर्जी का रुख
अभिषेक बनर्जी पहले ही सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि वे किसी भी मामले में किसी भी जाँच एजेंसी के साथ पूरा सहयोग करेंगे। उनके इस बयान को राजनीतिक हलकों में TMC की 'टकराव से बचो' रणनीति के रूप में देखा जा रहा है, खासकर तब जब केंद्रीय एजेंसियों और राज्य पुलिस की जाँच एक साथ चल रही हों।
आगे क्या होगा
ईडी में दर्ज बयान और CID की आगामी पूछताछ के बाद जाँच एजेंसियाँ यह तय करेंगी कि अभिषेक बनर्जी के खिलाफ कोई और कानूनी कदम उठाया जाए या नहीं। स्कूल-नौकरी घोटाले में पहले से कई गिरफ्तारियाँ हो चुकी हैं और अदालती कार्यवाही जारी है।