गाजियाबाद गोलीबारी मामले में वांछित 23 वर्षीय आरोपी दिल्ली पुलिस के एएटीएस ने दबोचा, तमंचा-कारतूस बरामद
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस की पूर्वी जिला इकाई के वाहन चोरी निरोधक दस्ते (एएटीएस) ने 10 अक्टूबर 2026 को गाजीपुर स्थित मुल्ला कॉलोनी के आईएफसी क्षेत्र में पेपर मार्केट के पास एक 23 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार किया, जो उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में हाल ही में हुई गोलीबारी और हत्या के प्रयास के मामले में वांछित था। पुलिस ने उसके कब्जे से एक देसी पिस्तौल (तमंचा) और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए। 13 अक्टूबर 2026 को जारी एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।
आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान वाशिद के रूप में हुई है, जो उस्मानपुर के जगजीत नगर का निवासी है। पुलिस को सूचना मिली थी कि वाशिद अवैध हथियारों के साथ गाजीपुर इलाके में आवाजाही कर रहा है, जिसके बाद उसे दबोचा गया।
वाशिद ने कथित तौर पर पूछताछ में बताया कि उसने उस्मानपुर के एक व्यक्ति से हथियार हासिल किए थे और वह अपने साथियों से मिलने के लिए उस क्षेत्र में आया था। पुलिस ने कहा कि उसके बयानों और बताए गए तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है।
दर्ज मामले और आपराधिक पृष्ठभूमि
हथियार बरामदगी के संबंध में गाजीपुर थाने में शस्त्र अधिनियम की धाराओं 25, 54 और 59 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसके अलावा, पुलिस के मुताबिक, वाशिद गाजियाबाद के मसूरी थाने में दर्ज प्राथमिकी संख्या 329/2026 में वांछित था, जो 28 सितंबर 2026 को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109(1) के तहत दर्ज गोलीबारी और हत्या के प्रयास का मामला है।
पुलिस के अनुसार, वाशिद के खिलाफ दिल्ली और उत्तर प्रदेश में कुल छह आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें हत्या के प्रयास, हत्या, दंगा और शस्त्र अधिनियम से जुड़े मामले शामिल हैं।
दिल्ली और उत्तर प्रदेश में दर्ज पूर्व मामले
दिल्ली में वाशिद के खिलाफ न्यू उस्मानपुर थाने में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 307 के तहत प्राथमिकी संख्या 257/2023, वेलकम थाने में शस्त्र अधिनियम की धारा 25 के तहत प्राथमिकी संख्या 380/2023 और न्यू उस्मानपुर थाने में ही शस्त्र अधिनियम की धारा 27 के तहत प्राथमिकी संख्या 671/2024 दर्ज है।
उत्तर प्रदेश में बुलंदशहर के गुलावठी थाने में उसके खिलाफ दो मामले दर्ज हैं। प्राथमिकी संख्या 161/2022 आईपीसी की धाराओं 147, 148, 149, 302, 34 और 120बी के तहत तथा प्राथमिकी संख्या 164/2022 शस्त्र अधिनियम की धाराओं 3 और 25 के तहत दर्ज है। गौरतलब है कि यह एक ऐसे युवक का आपराधिक इतिहास है जिसने दसवीं कक्षा तक पढ़ाई की और एक रेडीमेड कपड़ा फैक्ट्री में मजदूर के रूप में काम करता था।
अभियान का नेतृत्व और आगे की जांच
यह कार्रवाई पूर्वी जिले के एएटीएस प्रभारी निरीक्षक प्रमोद के नेतृत्व में की गई और अभियान की निगरानी सहायक पुलिस आयुक्त (ऑपरेशन) ने की। वाशिद को शस्त्र बरामदगी और गाजियाबाद के वांछित मामले, दोनों में न्यायालय के समक्ष पेश किया जा चुका है।
पुलिस के अनुसार, जांच के तहत बरामद हथियारों के स्रोत का पता लगाया जा रहा है, आरोपी के साथियों से संबंधों की जांच की जा रही है और अवैध हथियारों की आपूर्ति श्रृंखला में कथित रूप से शामिल लोगों की पहचान का प्रयास जारी है।