रांची के कांके में सशस्त्र डकैती गिरोह के 6 गिरफ्तार, ₹4.24 लाख नकद, इनोवा-स्कॉर्पियो बरामद
सारांश
मुख्य बातें
रांची के कांके थाना क्षेत्र में 13 अक्टूबर 2026 को हुई सशस्त्र घर-डकैती के मामले में पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। रिंग रोड के निकट गागी स्थित आदर्श नगर कॉलोनी में हुई इस वारदात में पुलिस के अनुसार कुल 14 अपराधियों की संलिप्तता सामने आई है और शेष की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
वारदात का घटनाक्रम
13 अक्टूबर की सुबह करीब सात बजे हथियारबंद अपराधियों के एक दल ने रामशंकर प्रसाद सिंह के मकान को निशाना बनाया। अपराधी घर से नकदी और कीमती जेवरात लूटकर इनोवा कार में सवार होकर फरार हो गए। पुलिस के मुताबिक, वारदात से पहले गिरोह ने अगस्त से ही मकान और घटनास्थल की रेकी की थी और योजनाबद्ध तरीके से वाहन एवं हथियारों का इंतजाम किया था।
बरामदगी और गिरफ्तारी
गिरफ्तार आरोपियों के पास से ₹4.24 लाख नकद, 8 एंड्रॉयड मोबाइल फोन, तथा वारदात में इस्तेमाल की गई इनोवा और स्कॉर्पियो गाड़ियाँ बरामद की गई हैं। पुलिस के अनुसार, डकैती के बाद अपराधी पिठोरिया थाना क्षेत्र में इनोवा छोड़कर अलग-अलग दिशाओं में निकल गए थे। यह वाहन बाद में कोकदोरो चौक के पास लावारिस हालत में मिला। लूटे गए कीमती जेवरात अब तक बरामद नहीं हुए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पकड़े गए छह आरोपियों की पहचान बीर बहादुर सिंह, सुधीर कुमार, कम्मो देवी, चंद्रशेखर पांडेय, सुमित कुमार सिंह और रजनीश सिंह के रूप में हुई है। इन्हें बरियातू थाना क्षेत्र, दलादली ओपी और सुखदेवनगर थाना क्षेत्र से पकड़ा गया।
पुलिस के मुताबिक दो आरोपियों — बीर बहादुर सिंह और रजनीश सिंह — का पूर्व आपराधिक इतिहास भी है। बीर बहादुर सिंह के खिलाफ बिहार के भोजपुर जिले के बड़हरा थाने में वर्ष 2021 का मामला दर्ज है, जबकि रजनीश सिंह के खिलाफ रामगढ़ जिले के पतरातू थाने में वर्ष 2020 का मामला दर्ज बताया जा रहा है।
पुलिस की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष छापामारी दल गठित किया गया। तकनीकी साक्ष्य, आसूचना सूचनाओं और भौतिक प्रमाणों के आधार पर आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी संभव हो सकी।
आगे की जांच
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और मामले में शामिल शेष 8 फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी चल रही है। लूटे गए जेवरातों की बरामदगी भी जांच का अहम हिस्सा है। यह घटना शहरी आवासीय क्षेत्रों में संगठित गिरोहों द्वारा सुनियोजित डकैतियों की बढ़ती प्रवृत्ति को रेखांकित करती है।