सरायकेला डकैती खुलासा: चांडिल में आभूषण कारोबारी के घर डाका, ₹24 लाख के गहने बरामद, दो गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल में आभूषण कारोबारी उमंग चौधरी के घर हुई सशस्त्र डकैती का पुलिस ने खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर धनबाद जिले के बरोरा थाना क्षेत्र से करीब ₹24 लाख मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राहुल कुमार महतो और त्रिवेणी प्रसाद स्वर्णकार के रूप में हुई है, दोनों चांडिल निवासी हैं।
डकैती की घटना
पुलिस के अनुसार, 9 और 10 अक्टूबर 2026 की मध्यरात्रि को अपराधियों ने चांडिल बस स्टैंड के निकट स्थित उमंग चौधरी के आवास में घुसकर परिवार के सदस्यों को हथियारों के बल पर बंधक बना लिया। इसके बाद वे सोने-चांदी के आभूषण, नकदी और अन्य कीमती सामान लूटकर मौके से फरार हो गए। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल मामले की जाँच के लिए एक विशेष जाँच दल (एसआईटी) का गठन किया।
एसआईटी की जाँच और गिरफ्तारी
अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में गठित एसआईटी ने तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर जाँच आगे बढ़ाई। पुलिस का आरोप है कि राहुल कुमार महतो एक कूरियर कंपनी में घर-घर सामान पहुँचाने का काम करता था। इसी दौरान उसने उमंग चौधरी के घर की रेकी की और डकैती की साजिश में शामिल अन्य लोगों को वहाँ की जानकारी उपलब्ध कराई। त्रिवेणी प्रसाद स्वर्णकार पर लूटे गए आभूषणों को खरीदने का आरोप है।
बरामद सामान का विवरण
त्रिवेणी प्रसाद स्वर्णकार की निशानदेही पर पुलिस ने निम्नलिखित सामान बरामद किया: 5.142 किलोग्राम गला हुआ चाँदी, 80 ग्राम गला हुआ सोना, ब्रिटिशकालीन चाँदी के 32 सिक्के, चाँदी के दो स्वास्तिक, ब्रेसलेट से निकाले गए 11 छोटे हीरे जैसे पत्थर, दो मोबाइल फोन और एक हीरो होंडा मोटरसाइकिल। बरामद सामान की कुल कीमत करीब ₹24 लाख आँकी गई है।
जेल में बनी संभावित साजिश
पुलिस के मुताबिक, कथित तौर पर वर्ष 2022-23 में जमशेदपुर की घाघीडीह जेल में रहने के दौरान राहुल महतो की मुलाकात मोहिउद्दीन अंसारी और सुबराती अंसारी से हुई थी। पुलिस इस मामले में उन दोनों की भूमिका की भी जाँच कर रही है। गौरतलब है कि इस डकैती कांड से जुड़े पाँच अन्य संदिग्धों को चौपारण थाना क्षेत्र में दर्ज एक अलग मामले में पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है।
आगे की जाँच
पुलिस अब डकैती में शामिल अन्य संदिग्धों और लूटे गए शेष सामान का पता लगाने में जुटी है। यह मामला इस बात की ओर भी इशारा करता है कि कूरियर नेटवर्क का उपयोग संगठित अपराध के लिए किस तरह किया जा सकता है। अधिकारियों के अनुसार, जाँच जारी है और जल्द ही और गिरफ्तारियाँ संभव हैं।