हजारीबाग ज्वैलरी डकैती: मुख्य सरगना समेत 5 गिरफ्तार, ₹16 लाख के आभूषण बरामद
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के हजारीबाग जिले में सशस्त्र डकैती करने वाले एक संगठित गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए कथित मुख्य सरगना समेत पाँच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 48.26 ग्राम सोने और 4.051 किलोग्राम चाँदी के आभूषण बरामद किए हैं, जिनका अनुमानित मूल्य करीब ₹16 लाख बताया गया है। यह कार्रवाई 15 अक्टूबर 2026 को हुई।
मुख्य घटनाक्रम
25 और 26 सितंबर 2026 की दरमियानी रात चौपारण थाना क्षेत्र के सिंघरावां गांव स्थित वैष्णवी ज्वेलरी दुकान में अपराधियों ने हथियार के बल पर परिवार के सदस्यों को बंधक बनाकर सोने-चाँदी के आभूषण लूट लिए थे। वारदात के बाद सभी अपराधी फरार हो गए थे। मामले में चौपारण थाने में कांड संख्या 252/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
पुलिस की कार्रवाई
घटना की गंभीरता को देखते हुए हजारीबाग पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष छापेमारी दल गठित किया गया। अपर पुलिस अधीक्षक (अभियान) अमित कुमार, बड़कागांव अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अमित आनंद और बरही अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी राधा प्रेम किशोर के नेतृत्व में गठित टीम ने तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान की। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने गोरहर थाना क्षेत्र में घेराबंदी कर पाँचों आरोपियों को दबोचा।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान धनबाद के कतरास क्षेत्र के मोहिउद्दीन अंसारी, गुलजार अंसारी और सद्दाम अंसारी; बोकारो जिले के सोबराती अंसारी; तथा पुरुलिया जिले के शेख जमील के रूप में हुई है। पूछताछ में सभी आरोपियों ने चौपारण की घटना में संलिप्त होने की बात स्वीकार की।
बरामदगी का विवरण
लूटे गए आभूषण धनबाद के हरिना, कतरास स्थित विजय ज्वेलर्स से बरामद किए गए। चौपारण थाना क्षेत्र के ढाब सलोनिया में एक जर्जर मकान से वारदात में प्रयुक्त एक देशी कट्टा, एक जिंदा गोली, चाकू, पेचकस और प्लास भी जब्त किए गए। इसके अतिरिक्त पुलिस ने दो मोटरसाइकिल, दो हेलमेट और पाँच मोबाइल फोन भी ज़ब्त किए हैं।
आपराधिक पृष्ठभूमि और आगे की जाँच
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने हजारीबाग, गिरिडीह और जमशेदपुर समेत विभिन्न इलाकों में ज्वैलरी दुकानों की रेकी कर लूटपाट करने की बात स्वीकार की है। यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में संगठित आभूषण डकैती गिरोहों के विरुद्ध कार्रवाई तेज हुई है। गौरतलब है कि गिरोह के कुछ सदस्य पहले भी डकैती, लूट और आर्म्स एक्ट के मामलों में जेल जा चुके हैं। आरोपियों के आपराधिक इतिहास की विस्तृत जाँच जारी है और आगे की कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है।