बनासकांठा पुलिस ने घंटों में सुलझाई ₹27.44 लाख की चांदी लूट, 4 गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
बनासकांठा जिला पुलिस ने गुजरात के डीसा के निकट टेटोडा गांव के पास हाईवे पर हुई लूट को कुछ ही घंटों में सुलझाते हुए ₹27.44 लाख मूल्य के 12.16 किलोग्राम चांदी के आभूषण बरामद कर लिए और चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गुजरात के उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने 6 नवंबर 2026, शुक्रवार को ये आभूषण उनके असली मालिक को लौटाए।
लूट की घटना कैसे हुई
अहमदाबाद स्थित चांदी के आभूषणों की थोक दुकान 'मैक्सिमम एंटरप्राइज' के कर्मचारी अहमदाबाद से चांदी के आभूषण लेकर धनेरा लौट रहे थे। रास्ते में टेटोडा गांव के पास अज्ञात लोगों ने हाईवे पर उनकी गाड़ी रोककर शिकायतकर्ता के साथ मारपीट की और ₹27.44 लाख मूल्य के 12.16 किलोग्राम चांदी के आभूषण छीनकर फरार हो गए।
शिकायत मिलते ही डीसा ग्रामीण पुलिस स्टेशन में लूट का मामला दर्ज किया गया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
बनासकांठा लोकल क्राइम ब्रांच (एलसीबी) की टीम ने तकनीकी इनपुट और मानवीय खुफिया जानकारी का उपयोग कर घटना के कुछ ही घंटों में आरोपियों का पता लगा लिया। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया और लूट में प्रयुक्त कार भी जब्त कर ली।
पुलिस के अनुसार, लूटे गए चांदी के सभी आभूषण आरोपियों से बरामद कर लिए गए। गौरतलब है कि इस तरह की त्वरित बरामदगी जिले में पुलिस की सतर्कता और तकनीकी क्षमता का प्रमाण मानी जा रही है।
टीम को मिला सम्मान
बनासकांठा एलसीबी के पुलिस इंस्पेक्टर डी. एम. राठौड़ और उनकी टीम के सदस्यों — यूएचसी राजेशकुमार शंकरलाल, यूपीसी कानसिंह बलवंतसिंह और यूपीसी मुकेशकुमार शांतिलाल को उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने प्रशंसा प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया।
'तेरा तुझको अर्पण' कार्यक्रम का हिस्सा
बरामद आभूषण गुजरात सरकार की पहल 'तेरा तुझको अर्पण' कार्यक्रम के तहत मालिक को सौंपे गए। यह कार्यक्रम बरामद या खोई हुई संपत्ति उसके असली मालिकों को लौटाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, बनासकांठा जिला पुलिस ने पिछले एक वर्ष में इस पहल के तहत लगभग 538 कार्यक्रम आयोजित किए और ₹4.66 करोड़ से अधिक मूल्य की खोई या चोरी हुई संपत्ति उनके मालिकों को वापस लौटाई।
आगे क्या
गिरफ्तार चारों आरोपियों के विरुद्ध न्यायिक प्रक्रिया जारी है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब राज्य सरकार पुलिस की जवाबदेही और नागरिक-केंद्रित योजनाओं को सक्रिय रूप से उजागर कर रही है।