जयपुर हवेली खजाना कांड: 10 महीने बाद 66.4 किलो चांदी संग 5 मजदूर गिरफ्तार, त्रिपोलिया बाजार में हुई थी चोरी
सारांश
मुख्य बातें
जयपुर के त्रिपोलिया बाजार स्थित एक पुरानी हवेली के ध्वस्तीकरण के दौरान कथित तौर पर मिले खजाने को आपस में बांट लेने के मामले में जयपुर पुलिस ने 8 अगस्त 2026 को पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 66.4 किलोग्राम चांदी बरामद की गई है। घटना करीब 10 महीने पहले की है और पुलिस अब शेष कीमती सामान तथा अन्य संभावित आरोपियों की तलाश में जुटी है।
मामले की पृष्ठभूमि
उत्तर जयपुर के पुलिस उपायुक्त करण शर्मा के अनुसार, त्रिपोलिया बाजार के विद्याधर का रास्ता स्थित मकान नंबर 630 में नए निर्माण कार्य हेतु पुरानी हवेली को गिराया जा रहा था। इस संबंध में 15 जुलाई 2026 को माणक चौक थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। जांच में सामने आया कि ध्वस्तीकरण के दौरान एक मजदूर को पुराने ढांचे और मलबे में छिपी हुई कीमती वस्तुएं मिलीं, जिसे उसने मकान मालिक को सूचित करने के बजाय अपने साथियों के साथ मिलकर आपस में बांट लिया।
मिला था बड़ा खजाना
पुलिस जांच के अनुसार, आरोपियों को मलबे में 40 से 45 किलो वजन की 10 से 15 चांदी की सिल्लियां, पुरानी सोने-चांदी की मुद्राएं और अन्य कीमती सामान मिला था। अधिकारियों को संदेह है कि इसमें 8,000 से 10,000 पुरानी चांदी के सिक्के और अन्य बहुमूल्य वस्तुएं भी शामिल थीं। गौरतलब है कि चूंकि घटना करीब 10 महीने पहले की है, इसलिए सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध नहीं थी और हवेली भी पूरी तरह ढहाई जा चुकी थी।
आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी
मुख्य आरोपी की पहचान महेश मल्होत्रा उर्फ छोटू (46) के रूप में हुई है। पुलिस को आरोपियों की आर्थिक स्थिति और जीवनशैली में अचानक आए बदलाव पर संदेह हुआ — सामान्य मजदूरी करने वाले ये लोग अचानक अधिक खर्च करने लगे थे। इसके बाद माणक चौक थाना पुलिस और डिस्ट्रिक्ट स्पेशल टीम जयपुर नॉर्थ ने तकनीकी जांच, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मुखबिरों से मिली जानकारी और आरोपियों की निगरानी के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई।
गिरफ्तार आरोपियों में महेश मल्होत्रा (46), जगदीश राजोरिया (51), ओमप्रकाश खींची उर्फ पप्पू (54), रजनी मल्होत्रा (36) और अनुज अरोड़ा (28) शामिल हैं। इनमें से चार आरोपी रामगंज के मंडी खटीकान क्षेत्र के निवासी हैं, जबकि अनुज अरोड़ा लक्ष्मीनारायणपुरी, रामगंज का रहने वाला है।
जांच की स्थिति
फिलहाल सभी पांचों आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि शेष कीमती सामान — जिसमें हजारों पुराने सिक्के और अन्य बहुमूल्य वस्तुएं शामिल हो सकती हैं — कहां है और क्या इस कथित गबन में अन्य लोग भी शामिल थे। यह मामला इस लिहाज से भी महत्वपूर्ण है कि पुरानी हवेलियों के ध्वस्तीकरण के दौरान मिली कीमती वस्तुओं पर कानूनी अधिकार मकान मालिक का होता है, न कि मजदूरों का।
आगे क्या होगा
मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस बाकी आरोपियों की तलाश कर रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के मामलों में बरामद सामान की कानूनी स्थिति तय करना भी एक जटिल प्रक्रिया होती है। आने वाले दिनों में न्यायालय में आरोप-पत्र दाखिल किए जाने की संभावना है।