9 अगस्त 2026
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जयपुर हवेली खजाना कांड: 10 महीने बाद 66.4 किलो चांदी संग 5 मजदूर गिरफ्तार, त्रिपोलिया बाजार में हुई थी चोरी

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जयपुर हवेली खजाना कांड: 10 महीने बाद 66.4 किलो चांदी संग 5 मजदूर गिरफ्तार, त्रिपोलिया बाजार में हुई थी चोरी

सारांश

जयपुर की एक पुरानी हवेली तोड़ते वक्त मलबे में मिला खजाना मजदूरों ने आपस में बांट लिया — और 10 महीने तक पुलिस को भनक नहीं लगी। लेकिन अचानक बदली जीवनशैली ने आरोपियों को पकड़वा दिया। 66.4 किलो चांदी बरामद, पांच गिरफ्तार, हजारों पुराने सिक्कों की अभी तलाश जारी।

मुख्य बातें

जयपुर के त्रिपोलिया बाजार स्थित पुरानी हवेली के ध्वस्तीकरण के दौरान कथित तौर पर मिला खजाना मजदूरों ने आपस में बांट लिया।
पुलिस ने 8 अगस्त 2026 को पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 66.4 किलोग्राम चांदी बरामद की।
मुख्य आरोपी महेश मल्होत्रा उर्फ छोटू (46) सहित सभी पांचों रामगंज क्षेत्र के निवासी हैं।
खजाने में 40-45 किलो चांदी की सिल्लियां , पुरानी मुद्राएं और संभावित रूप से 8,000-10,000 पुराने चांदी के सिक्के शामिल थे।
घटना 10 महीने पुरानी होने से सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध नहीं; पुलिस ने कॉल रिकॉर्ड और निगरानी से मामला सुलझाया।
शेष कीमती सामान और अन्य संभावित आरोपियों की तलाश अभी जारी है।

जयपुर के त्रिपोलिया बाजार स्थित एक पुरानी हवेली के ध्वस्तीकरण के दौरान कथित तौर पर मिले खजाने को आपस में बांट लेने के मामले में जयपुर पुलिस ने 8 अगस्त 2026 को पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 66.4 किलोग्राम चांदी बरामद की गई है। घटना करीब 10 महीने पहले की है और पुलिस अब शेष कीमती सामान तथा अन्य संभावित आरोपियों की तलाश में जुटी है।

मामले की पृष्ठभूमि

उत्तर जयपुर के पुलिस उपायुक्त करण शर्मा के अनुसार, त्रिपोलिया बाजार के विद्याधर का रास्ता स्थित मकान नंबर 630 में नए निर्माण कार्य हेतु पुरानी हवेली को गिराया जा रहा था। इस संबंध में 15 जुलाई 2026 को माणक चौक थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। जांच में सामने आया कि ध्वस्तीकरण के दौरान एक मजदूर को पुराने ढांचे और मलबे में छिपी हुई कीमती वस्तुएं मिलीं, जिसे उसने मकान मालिक को सूचित करने के बजाय अपने साथियों के साथ मिलकर आपस में बांट लिया।

मिला था बड़ा खजाना

पुलिस जांच के अनुसार, आरोपियों को मलबे में 40 से 45 किलो वजन की 10 से 15 चांदी की सिल्लियां, पुरानी सोने-चांदी की मुद्राएं और अन्य कीमती सामान मिला था। अधिकारियों को संदेह है कि इसमें 8,000 से 10,000 पुरानी चांदी के सिक्के और अन्य बहुमूल्य वस्तुएं भी शामिल थीं। गौरतलब है कि चूंकि घटना करीब 10 महीने पहले की है, इसलिए सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध नहीं थी और हवेली भी पूरी तरह ढहाई जा चुकी थी।

आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी

मुख्य आरोपी की पहचान महेश मल्होत्रा उर्फ छोटू (46) के रूप में हुई है। पुलिस को आरोपियों की आर्थिक स्थिति और जीवनशैली में अचानक आए बदलाव पर संदेह हुआ — सामान्य मजदूरी करने वाले ये लोग अचानक अधिक खर्च करने लगे थे। इसके बाद माणक चौक थाना पुलिस और डिस्ट्रिक्ट स्पेशल टीम जयपुर नॉर्थ ने तकनीकी जांच, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मुखबिरों से मिली जानकारी और आरोपियों की निगरानी के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई।

गिरफ्तार आरोपियों में महेश मल्होत्रा (46), जगदीश राजोरिया (51), ओमप्रकाश खींची उर्फ पप्पू (54), रजनी मल्होत्रा (36) और अनुज अरोड़ा (28) शामिल हैं। इनमें से चार आरोपी रामगंज के मंडी खटीकान क्षेत्र के निवासी हैं, जबकि अनुज अरोड़ा लक्ष्मीनारायणपुरी, रामगंज का रहने वाला है।

जांच की स्थिति

फिलहाल सभी पांचों आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि शेष कीमती सामान — जिसमें हजारों पुराने सिक्के और अन्य बहुमूल्य वस्तुएं शामिल हो सकती हैं — कहां है और क्या इस कथित गबन में अन्य लोग भी शामिल थे। यह मामला इस लिहाज से भी महत्वपूर्ण है कि पुरानी हवेलियों के ध्वस्तीकरण के दौरान मिली कीमती वस्तुओं पर कानूनी अधिकार मकान मालिक का होता है, न कि मजदूरों का।

आगे क्या होगा

मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस बाकी आरोपियों की तलाश कर रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के मामलों में बरामद सामान की कानूनी स्थिति तय करना भी एक जटिल प्रक्रिया होती है। आने वाले दिनों में न्यायालय में आरोप-पत्र दाखिल किए जाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह दर्शाता है कि पुरानी हवेलियों के ध्वस्तीकरण के दौरान कीमती विरासत की निगरानी का कोई ठोस तंत्र मौजूद नहीं है। 10 महीने तक यह घटना अनसुलझी रही — और पुलिस को सुराग मिला तो आरोपियों की बदली जीवनशैली से, न किसी प्रणाली से। राजस्थान जैसे राज्य में, जहाँ सैकड़ों पुरानी हवेलियाँ हर साल गिराई जाती हैं, ध्वस्तीकरण स्थलों पर निगरानी और कानूनी जिम्मेदारी तय करने का सवाल अनुत्तरित है।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जयपुर हवेली खजाना कांड क्या है?
जयपुर के त्रिपोलिया बाजार में एक पुरानी हवेली के ध्वस्तीकरण के दौरान मलबे में छिपा खजाना मिला, जिसे मजदूरों ने कथित तौर पर मकान मालिक को बताए बिना आपस में बांट लिया। पुलिस ने 10 महीने बाद पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर 66.4 किलोग्राम चांदी बरामद की।
कितनी चांदी बरामद हुई और खजाने में क्या-क्या था?
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 66.4 किलोग्राम चांदी बरामद की है। खजाने में 40 से 45 किलो वजन की 10 से 15 चांदी की सिल्लियां, पुरानी सोने-चांदी की मुद्राएं और संभावित रूप से 8,000 से 10,000 पुराने चांदी के सिक्के भी शामिल थे।
कौन-कौन गिरफ्तार हुए हैं?
गिरफ्तार आरोपियों में महेश मल्होत्रा उर्फ छोटू (46), जगदीश राजोरिया (51), ओमप्रकाश खींची उर्फ पप्पू (54), रजनी मल्होत्रा (36) और अनुज अरोड़ा (28) शामिल हैं। चार आरोपी रामगंज के मंडी खटीकान क्षेत्र के और एक लक्ष्मीनारायणपुरी का निवासी है।
पुलिस ने 10 महीने बाद मामला कैसे सुलझाया?
पुलिस ने आरोपियों की अचानक बदली जीवनशैली और बढ़े खर्च को संदिग्ध पाया। इसके बाद कॉल डिटेल रिकॉर्ड, तकनीकी जांच, मुखबिरों की जानकारी और निगरानी के आधार पर माणक चौक थाना पुलिस और डिस्ट्रिक्ट स्पेशल टीम जयपुर नॉर्थ ने मामला सुलझाया।
क्या अभी भी कुछ खजाना बरामद होना बाकी है?
हां, पुलिस के अनुसार शेष कीमती सामान — जिसमें हजारों पुराने सिक्के और अन्य बहुमूल्य वस्तुएं शामिल हो सकती हैं — अभी बरामद नहीं हुई हैं। पुलिस अन्य संभावित आरोपियों की भी तलाश कर रही है और जांच जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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