राजकोट एयरपोर्ट पर गुजरात एटीएस की बड़ी कार्रवाई: ₹5 करोड़ की 180 किलो चांदी जब्त, जीएसटी चोरी की आशंका

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राजकोट एयरपोर्ट पर गुजरात एटीएस की बड़ी कार्रवाई: ₹5 करोड़ की 180 किलो चांदी जब्त, जीएसटी चोरी की आशंका

सारांश

राजकोट एयरपोर्ट पर गुजरात एटीएस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त कार्रवाई में ₹5 करोड़ की 180 किलो चांदी की संदिग्ध खेप पकड़ी गई। दस्तावेज़ अधूरे मिले और जीएसटी चोरी की आशंका के चलते मामला एसजीएसटी विभाग को सौंपा गया — खुफिया इनपुट और एजेंसी समन्वय की बड़ी सफलता।

मुख्य बातें

गुजरात एटीएस और राजकोट सिटी क्राइम ब्रांच ने 17 मई 2026 को राजकोट एयरपोर्ट पर संयुक्त अभियान चलाया।
करीब 180 किलोग्राम चांदी की खेप जब्त की गई, जिसकी अनुमानित कीमत ₹5 करोड़ बताई जा रही है।
खेप से जुड़े दस्तावेज़ अधूरे पाए गए; प्रारंभिक जांच में जीएसटी चोरी की आशंका उजागर हुई।
मामला आगे की जांच के लिए राज्य जीएसटी (एसजीएसटी) विभाग को सौंपा गया।
कार्रवाई खुफिया इनपुट और बहु-एजेंसी समन्वय पर आधारित थी; जांच जारी है।

गुजरात एंटी-टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) और राजकोट सिटी क्राइम ब्रांच ने रविवार, 17 मई 2026 को राजकोट एयरपोर्ट पर संयुक्त अभियान चलाकर करीब 180 किलोग्राम चांदी की एक संदिग्ध खेप जब्त की, जिसकी अनुमानित बाज़ार कीमत लगभग ₹5 करोड़ बताई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, खेप से जुड़े दस्तावेज़ अधूरे पाए गए और प्रारंभिक जांच में कर-चोरी की आशंका उजागर हुई।

खुफिया जानकारी से शुरू हुई कार्रवाई

एटीएस को विशेष खुफिया इनपुट मिला था कि राजकोट के एक व्यक्ति को बड़ी मात्रा में चांदी की खेप पहुँचाई जाने वाली है। इस सूचना के आधार पर एजेंसियों के बीच तत्काल समन्वय स्थापित किया गया और एटीएस की एक टीम को राजकोट रवाना किया गया।

इसके बाद एटीएस और क्राइम ब्रांच ने एयरपोर्ट पर संयुक्त घेराबंदी कर खेप को ट्रैक किया। खेप लेने पहुँचे व्यक्ति को मौके पर ही रोककर उससे संबंधित पार्सल कब्जे में लिए गए।

दस्तावेज़ों में गड़बड़ी, टैक्स चोरी की आशंका

तय प्रक्रिया के तहत संबंधित व्यक्ति की उपस्थिति में पार्सल खोले गए और उनकी जांच की गई। दस्तावेज़ों की समीक्षा में अधिकारियों ने पाया कि चांदी की खेप से जुड़े कागजात अधूरे थे।

प्रारंभिक जांच में रिकॉर्ड में ऐसी अनियमितताएँ सामने आईं, जिनसे वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) नियमों के उल्लंघन और कर-चोरी की आशंका जताई गई। अधिकारियों ने कहा कि समय पर सूचना साझा होने से मामले को बिना देरी के नियामक प्रक्रिया के तहत लाया जा सका।

एसजीएसटी विभाग को सौंपा गया मामला

चूँकि मामला मुख्य रूप से जीएसटी अनुपालन से संबंधित था, इसलिए राज्य जीएसटी (एसजीएसटी) विभाग को तत्काल सूचित किया गया। मौके पर आवश्यक कानूनी औपचारिकताएँ पूरी करने के बाद मामला आगे की जांच के लिए औपचारिक रूप से एसजीएसटी विभाग को सौंप दिया गया।

अब विभाग दस्तावेज़ों की विस्तृत समीक्षा करेगा, कर-अनुपालन की स्थिति का आकलन करेगा और यह निर्धारित करेगा कि खेप के संदर्भ में किसी नियम का उल्लंघन हुआ है या नहीं।

एजेंसियों के समन्वय की सराहना

कार्रवाई में शामिल अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान समय पर मिली खुफिया जानकारी और विभिन्न एजेंसियों के प्रभावी समन्वय का नतीजा था, जिसकी वजह से कम समय में इतनी बड़ी खेप को पकड़ा जा सका। यह ऐसे समय में आया है जब गुजरात में कर-चोरी और अवैध माल परिवहन के खिलाफ एजेंसियाँ सक्रियता से अभियान चला रही हैं।

फिलहाल मामले की जांच जारी है और एसजीएसटी विभाग संभावित गड़बड़ियों की गहराई से पड़ताल कर रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि गुजरात में कर-अनुपालन की निगरानी के बढ़ते दायरे का संकेत है। एटीएस जैसी सुरक्षा एजेंसी का जीएसटी चोरी के मामले में सक्रिय होना दर्शाता है कि खुफिया तंत्र अब केवल सुरक्षा खतरों तक सीमित नहीं रहा। हालाँकि अभी तक किसी को औपचारिक रूप से गिरफ्तार नहीं किया गया है और मामला एसजीएसटी के पास है — असली परीक्षा यह होगी कि जांच में दोषी पाए जाने पर कार्रवाई कितनी तेज़ और पारदर्शी होती है।
RashtraPress
18 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजकोट एयरपोर्ट पर जब्त चांदी की खेप का मामला क्या है?
17 मई 2026 को गुजरात एटीएस और राजकोट सिटी क्राइम ब्रांच ने संयुक्त अभियान में राजकोट एयरपोर्ट पर करीब 180 किलोग्राम चांदी की खेप जब्त की, जिसकी कीमत लगभग ₹5 करोड़ बताई जा रही है। खेप से जुड़े दस्तावेज़ अधूरे पाए गए और जीएसटी चोरी की आशंका जताई गई।
इस कार्रवाई में कौन-सी एजेंसियाँ शामिल थीं?
इस अभियान में गुजरात एंटी-टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) और राजकोट सिटी क्राइम ब्रांच ने मिलकर काम किया। बाद में राज्य जीएसटी (एसजीएसटी) विभाग को भी मामले में शामिल किया गया, जिसे आगे की जांच सौंपी गई है।
चांदी की खेप में क्या गड़बड़ी पाई गई?
अधिकारियों के अनुसार, खेप से जुड़े दस्तावेज़ अधूरे थे और रिकॉर्ड में ऐसी अनियमितताएँ मिलीं जिनसे जीएसटी नियमों के उल्लंघन और कर-चोरी की आशंका उत्पन्न हुई। हालाँकि अंतिम निष्कर्ष एसजीएसटी विभाग की विस्तृत जांच के बाद ही सामने आएगा।
अब इस मामले में आगे क्या होगा?
मामला अब राज्य जीएसटी (एसजीएसटी) विभाग के पास है, जो दस्तावेज़ों की विस्तृत समीक्षा करेगा और यह तय करेगा कि नियमों का उल्लंघन हुआ है या नहीं। जांच अभी जारी है।
गुजरात एटीएस जीएसटी चोरी के मामले में कैसे शामिल हुई?
एटीएस को खुफिया इनपुट मिला था कि राजकोट के एक व्यक्ति को बड़ी मात्रा में चांदी की खेप पहुँचाई जाने वाली है। इस सूचना के आधार पर एटीएस ने क्राइम ब्रांच के साथ समन्वय कर एयरपोर्ट पर कार्रवाई की, और दस्तावेज़ों में गड़बड़ी मिलने पर एसजीएसटी को सूचित किया गया।
राष्ट्र प्रेस
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