15 जुलाई 2026
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मोतिहारी में कुख्यात नरेश पांडे के ठिकानों पर छापा: ₹16 लाख नकद, हथियार और ₹80 लाख के जेवर बरामद

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मोतिहारी में कुख्यात नरेश पांडे के ठिकानों पर छापा: ₹16 लाख नकद, हथियार और ₹80 लाख के जेवर बरामद

सारांश

मोतिहारी पुलिस ने कुख्यात अपराधी नरेश पांडे के ठिकानों पर एक साथ दबिश देकर ₹16 लाख नकद, लोडेड हथियार और ₹80 लाख से अधिक के आभूषण बरामद किए। 18 आपराधिक मामलों वाला मुख्य आरोपी फरार है, जबकि उसका सहयोगी गिरफ्तार हो चुका है और पूरे नेटवर्क की जाँच जारी है।

मुख्य बातें

15 जुलाई को मोतिहारी (पूर्वी चंपारण) में पुलिस ने कुख्यात अपराधी नरेश पांडे के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की।
बरामदगी में करीब ₹16 लाख नकद, एक लोडेड देसी कट्टा , छह जिंदा कारतूस , नेपाली मुद्रा और अनुमानित ₹80 लाख से अधिक के सोने-चांदी के आभूषण शामिल हैं।
नरेश पांडे का सहयोगी उज्जवल कुमार गिरफ्तार; मुख्य आरोपी नरेश पांडे फरार।
नरेश पांडे के खिलाफ 2009 से 2025 के बीच मोतिहारी के विभिन्न थानों में 18 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
एसपी स्वर्ण प्रभात के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने छतौनी थाना क्षेत्र में गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की।
बरामद दस्तावेजों और नकदी के स्रोत की जाँच जारी; मुख्य आरोपी की तलाश में छापेमारी अभी भी चल रही है।

बिहार के पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) जिले में पुलिस ने बुधवार, 15 जुलाई को कुख्यात अपराधी नरेश पांडे के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर करीब ₹16 लाख नकद, एक लोडेड देसी कट्टा, नेपाली मुद्रा, अनुमानित ₹80 लाख से अधिक मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण तथा दो दर्जन से ज़्यादा ज़मीनी दस्तावेज जब्त किए। इस कार्रवाई में नरेश पांडे का सहयोगी उज्जवल कुमार गिरफ्तार हुआ, जबकि मुख्य आरोपी मौके से फरार हो गया।

छापेमारी की पृष्ठभूमि

पूर्वी चंपारण के पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि छतौनी थाना क्षेत्र में नरेश पांडे के ठिकाने पर किसी बड़ी अवैध डील की तैयारी चल रही है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए एक प्रशिक्षु डीएसपी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई और भारी पुलिस बल के साथ कई स्थानों पर एक साथ दबिश दी गई।

बरामदगी का विवरण

छापेमारी में पुलिस को करीब ₹16 लाख नकद, एक नोट गिनने की मशीन, नेपाली करेंसी, एक लोडेड देसी कट्टा, छह जिंदा कारतूस, शराब की बोतल, भारी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण (अनुमानित मूल्य ₹80 लाख से अधिक) और दो दर्जन से अधिक ज़मीनी दस्तावेज मिले। सभी सामान जब्त कर जाँच शुरू कर दी गई है।

आरोपी की आपराधिक पृष्ठभूमि

पुलिस के अनुसार, नरेश पांडे मोतिहारी जिले का कुख्यात अपराधी है। उसके खिलाफ 2009 से 2025 के बीच छतौनी, नगर, मुफस्सिल और पीपराकोठी थाना सहित विभिन्न थानों में डकैती, लूट, रंगदारी, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट, जालसाजी समेत कुल 18 आपराधिक मामले दर्ज हैं। ये मामले भारतीय दंड संहिता, आर्म्स एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की गंभीर धाराओं के तहत हैं। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार पुलिस संगठित अपराध नेटवर्क पर शिकंजा कसने के लिए लगातार अभियान चला रही है।

जाँच की दिशा

एसपी स्वर्ण प्रभात ने बताया कि गिरफ्तार उज्जवल कुमार से पूछताछ जारी है। बरामद नकदी, हथियार और दस्तावेजों के स्रोत तथा उनके संभावित उपयोग को लेकर पूरे नेटवर्क की जाँच की जा रही है। प्रारंभिक जाँच में इनका संबंध अवैध गतिविधियों से होने की आशंका जताई जा रही है। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए उसके संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी जारी है।

स्थानीय प्रतिक्रिया

पुलिस की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र के अपराधियों में हड़कंप मचा हुआ है। स्थानीय निवासियों ने इस अभियान की सराहना करते हुए इसे संगठित अपराध के खिलाफ एक ठोस कदम बताया। मुख्य आरोपी नरेश पांडे की गिरफ्तारी पर ही इस कार्रवाई की सफलता का अंतिम आकलन होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

नेपाली मुद्रा और ज़मीनी दस्तावेजों की एक साथ बरामदगी यह संकेत देती है कि मामला केवल स्थानीय अपराध तक सीमित नहीं — सीमापार नेटवर्क और संपत्ति के अवैध हस्तांतरण की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। गौरतलब है कि 18 मामले दर्ज होने के बावजूद आरोपी वर्षों तक सक्रिय रहा, जो स्थानीय निगरानी तंत्र पर सवाल उठाता है। असली कसौटी यह होगी कि क्या पुलिस केवल सामान ज़ब्त करने तक सीमित रहती है या पूरे वित्तीय नेटवर्क को उजागर करती है — क्योंकि बिना मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के यह कार्रवाई अधूरी ही मानी जाएगी।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मोतिहारी में नरेश पांडे के ठिकानों पर छापेमारी में क्या-क्या बरामद हुआ?
पुलिस ने करीब ₹16 लाख नकद, एक लोडेड देसी कट्टा, छह जिंदा कारतूस, नेपाली मुद्रा, अनुमानित ₹80 लाख से अधिक मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण, नोट गिनने की मशीन और दो दर्जन से अधिक ज़मीनी दस्तावेज बरामद किए। सभी सामान जब्त कर जाँच शुरू कर दी गई है।
नरेश पांडे कौन है और उस पर कितने मामले दर्ज हैं?
नरेश पांडे पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) जिले का कुख्यात अपराधी है। पुलिस के अनुसार, उसके खिलाफ 2009 से 2025 के बीच छतौनी, नगर, मुफस्सिल और पीपराकोठी थाना सहित विभिन्न थानों में डकैती, लूट, रंगदारी, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट समेत कुल 18 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
छापेमारी में किसे गिरफ्तार किया गया और मुख्य आरोपी कहाँ है?
कार्रवाई के दौरान नरेश पांडे के सहयोगी उज्जवल कुमार को गिरफ्तार किया गया और उससे पूछताछ जारी है। मुख्य आरोपी नरेश पांडे मौके से फरार हो गया और उसकी गिरफ्तारी के लिए उसके संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।
यह छापेमारी क्यों की गई और किसने नेतृत्व किया?
एसपी स्वर्ण प्रभात के अनुसार, गुप्त सूचना मिली थी कि छतौनी थाना क्षेत्र में नरेश पांडे के ठिकाने पर किसी बड़ी अवैध डील की तैयारी हो रही है। इसके बाद एक प्रशिक्षु डीएसपी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित कर भारी पुलिस बल के साथ कई स्थानों पर एक साथ छापा मारा गया।
बरामद नकदी और दस्तावेजों की आगे क्या जाँच होगी?
पुलिस बरामद नकदी, हथियार और ज़मीनी दस्तावेजों के स्रोत तथा उनके संभावित उपयोग को लेकर पूरे नेटवर्क की जाँच कर रही है। प्रारंभिक जाँच में इनका संबंध अवैध गतिविधियों से होने की आशंका जताई जा रही है और बरामद सामान के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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