मोतिहारी में कुख्यात नरेश पांडे के ठिकानों पर छापा: ₹16 लाख नकद, हथियार और ₹80 लाख के जेवर बरामद
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) जिले में पुलिस ने बुधवार, 15 जुलाई को कुख्यात अपराधी नरेश पांडे के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर करीब ₹16 लाख नकद, एक लोडेड देसी कट्टा, नेपाली मुद्रा, अनुमानित ₹80 लाख से अधिक मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण तथा दो दर्जन से ज़्यादा ज़मीनी दस्तावेज जब्त किए। इस कार्रवाई में नरेश पांडे का सहयोगी उज्जवल कुमार गिरफ्तार हुआ, जबकि मुख्य आरोपी मौके से फरार हो गया।
छापेमारी की पृष्ठभूमि
पूर्वी चंपारण के पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि छतौनी थाना क्षेत्र में नरेश पांडे के ठिकाने पर किसी बड़ी अवैध डील की तैयारी चल रही है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए एक प्रशिक्षु डीएसपी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई और भारी पुलिस बल के साथ कई स्थानों पर एक साथ दबिश दी गई।
बरामदगी का विवरण
छापेमारी में पुलिस को करीब ₹16 लाख नकद, एक नोट गिनने की मशीन, नेपाली करेंसी, एक लोडेड देसी कट्टा, छह जिंदा कारतूस, शराब की बोतल, भारी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण (अनुमानित मूल्य ₹80 लाख से अधिक) और दो दर्जन से अधिक ज़मीनी दस्तावेज मिले। सभी सामान जब्त कर जाँच शुरू कर दी गई है।
आरोपी की आपराधिक पृष्ठभूमि
पुलिस के अनुसार, नरेश पांडे मोतिहारी जिले का कुख्यात अपराधी है। उसके खिलाफ 2009 से 2025 के बीच छतौनी, नगर, मुफस्सिल और पीपराकोठी थाना सहित विभिन्न थानों में डकैती, लूट, रंगदारी, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट, जालसाजी समेत कुल 18 आपराधिक मामले दर्ज हैं। ये मामले भारतीय दंड संहिता, आर्म्स एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की गंभीर धाराओं के तहत हैं। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार पुलिस संगठित अपराध नेटवर्क पर शिकंजा कसने के लिए लगातार अभियान चला रही है।
जाँच की दिशा
एसपी स्वर्ण प्रभात ने बताया कि गिरफ्तार उज्जवल कुमार से पूछताछ जारी है। बरामद नकदी, हथियार और दस्तावेजों के स्रोत तथा उनके संभावित उपयोग को लेकर पूरे नेटवर्क की जाँच की जा रही है। प्रारंभिक जाँच में इनका संबंध अवैध गतिविधियों से होने की आशंका जताई जा रही है। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए उसके संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी जारी है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र के अपराधियों में हड़कंप मचा हुआ है। स्थानीय निवासियों ने इस अभियान की सराहना करते हुए इसे संगठित अपराध के खिलाफ एक ठोस कदम बताया। मुख्य आरोपी नरेश पांडे की गिरफ्तारी पर ही इस कार्रवाई की सफलता का अंतिम आकलन होगा।